BJP को यूपी में घेरने का प्लान तैयार, BKU ने 5 सितंबर को बुलाई महापंचायत; कई राज्यों के किसान होंगे शामिल

लखनऊ, 28 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले किसानों पर होने वाली सियासत और गरमाने वाली है। एक तरफ जहां योगी सरकार और बीजेपी दोनों मिलकर किसानों को खुश करने और समझाने में जुटी हुई है वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) और भारतीय किसान यूनियत (BKU) ने बीजेपी को घेरने का प्लान तैयार कर लिया हैं। यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर के सिशौली में किसान महापंचायत बुलाई है जिसमे हजारों किसानों के आने का दावा किया जा रहा है।

महापंचायत

मोदी सरकार ने संसद में नए कृषि कानूनों को मंजूरी दी थी। भारतीय किसान यूनियन के अलावा कई सारे संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध लो दबाने के लिए और किसानों को खुश करने के लिए योगी सरकार ने कई घोसनाएं की थीं। दरअसल BKU ने सिसौल में जो महापंचायत बुलाई है उसका कुछ खाप पंचायतों की ओर से विरोध किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही सिसौली में बीजेपी विधायक उमेश मालिक का जबरदस्त विरोध हुआ था। इस विरोध के बाद उमेश मालिक के समर्थकों ने BKU का विरोध शुरू कर दिया था। अब मालिक के समर्थकों का कहना है कि इनका उमेश मालिक जात नहीं थे। उनके ऊपर हमला क्यों किया गया।

उमेश मालिक समर्थकों की नाराजगी दूर करने में जुटे हैं टिकैत
इधर, राकेश टिकैत सिसौल की महापंचायत को सफल बनाने में जी जान से जुटे हुए हैं। अब वो उमेश मालिक को जात अस्मिता से जोड़कर एकजुट करना चाहते हैं। उनका कहना है कि पहले आप लोग सिसैली के पंचायत को सफल बनाने में मदद करो फिर उमेश मालिक वाले मामले को भी सुलझा लिया जाएगा। हालांकि इस महापंचायत को लेकर बीजेपी के राज्य सभा सांसद विजय पाल तोमर ने कहा कि,

''लोग किसानों को गुमराह करने में जुटे हुए हैं। भाजपा सरकार में पिछले दो सालों का कोई गन्ना भुगतान बकाया नही है। हां कुछ बकाया इस साल का है। जो बचा है उसका भुगतान दो तीन महीने के भीतर कर दिया जायेगा।''

आरएलडी और सपा को दिख रहा फायदा
मुजफ्फरनगर के सिसौलि में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने के लिए आरएलडी और सपा लगी हुई है। सूत्रों के अनुसार 5 सितंबर को होने वाली महापंचायत में आरएलडी और सपा के कार्यकर्ता भी पहुचेंग। दरअसल इन दोनो पार्टियों का मकसद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ माहौल बना है। आरएलडी के नेताओं को भी लगता है कि इस पंचायत को सफल बनाकर ये संदेश दिया जा सकता है कि किसान भाजपा सरकार के खिलाफ है।

बीजेपी

इस महापंचायत को लेकर BKU के नेता राकेश टिकैत कहते हैं कि,

''भाजपा की सरकार की नीतियों और गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर 5 सितंबर को महापंचायत बुलाई गई है। यह पंचायत संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बुलाई गई है, जिसमे पूरे देश के 500 संगठन शामिल होंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के किसानों के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक समेत कई राज्यों के किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेंगे। उमेश मलिक के साथ जो भी हुआ वो उनका व्यक्तिगत मामला था, उससे किसान पंचायत का कोई लेना देना नहीं है।''

योगी सरकार ने किसानों के लिए की कई घोषणाएं
योगी ने तीन दिन पहले ही किसान संवाद कार्यक्रम में यह ऐलान किया था कि गन्ने के अगले पेराई सत्र से SAP की दरों में बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही सरकार ने उन किसानों के ऊपर लगे मुकदमों को वापस लेने का फैसला लिया है जो पराली जलाने को लेकर लगाए गए थे। सरकार के इन फैसलों को लेकर बीजेपी ने किसानों के बीच जाने का प्लान तैयार किया है।

योगी

868 किसानों के मुकदमे वापस लेगी सरकार

लखनऊ के पांच कालीदास मार्ग पर किसानों के साथ संवाद के दो दिन के भीतर ही सरकार ने उन जिलों कि सूची जारी कर दी है, जहां के किसानों पर पराली जलाने को लेकर दर्ज किए गए की वापस लिए जाएंगे। इनमें लखीमपुर खीरी के 165, महाराजगंज के 129, पीलीभीत के 108, रामपुर के 45, रायबरेली बे 43, झांसी के 30 और औरैया के 25 किसान शामिल है। हालाकि सरकार के सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में और भी किसानो को इस तरह की राहत मिल सकती है।

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