उत्तर प्रदेश: 'पुलिस-प्रशासन पर लाखों रुपए बकाया, विधानसभा चुनाव में नहीं देंगे पेट्रोल'

बुलंदशहर और शाहजहांपुर जिले के पेट्रोल पम्प मालिकों ने चुनाव कार्य के लिए पुलिस-प्रशासन की गाड़ियों को तेल देने से इंकार कर दिया है।

बुलंदशहर/शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के दो जिलों में पेट्रोल पम्प मालिकों ने पुलिस-प्रशासन को पेट्रोल देने से इनकार कर दिया है। बुलंदशहर जिले के पेट्रोल पम्प मालिकों ने चुनाव कार्य के लिए पुलिस-प्रशासन की गाड़ियों को तेल देने से इनकार कर दिया है। लोक सभा चुनाव के दौरान पेट्रोल पम्प मालिकों का जिला प्रशासन पर करीब 5 लाख रुपए और पिछले तीन महीनों का 50 लाख रुपए का बकाया है। आरोप है कि बकाया पेमेंट करने के बजाए जिला प्रशासन के अधिकारी तेल देने के लिए पम्प मालिकों पर दबाव बना रहे है। फिलहाल डीएम ने इस मुद्दे के समाधान की बात कही है। Read Also: बुलंदशहर: 7 सीटों में से 6 पर बीजेपी उम्मीदवार घोषित, गुड्डू का पत्ता कटा

उत्तर प्रदेश: 'पुलिस-प्रशासन पर लाखों रुपए बकाया, विधानसभा चुनाव में नहीं देंगे पेट्रोल'
एसोसिएशन की माने तो जिला प्रशासन और पुलिस ने उनके बकाए का भुगतान नहीं किया है। इससे अब उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि उनको पेट्रोल नगद खरीदना पड़ता है, लेकिन उनके पास अब बिल्कुल भी पैसा नहीं है। अब आने वाले चुनाव में पेट्रोल लेने लिए जिला प्रशासन ने फिर से संपर्क करना शुरू कर दिया है लेकिन पेमेंट नहीं मिला तो आने वाले चुनाव में पेट्रोल नहीं देंगे।

क्या कहते है पेट्रोल पम्प एसोसिएशन के अध्यक्ष

पेट्रोल पम्प एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि लोकसभा चुनावों का 5 लाख रूपए और पिछले तीन महीनों का 50 लाख रूपए का पुलिस और जिला प्रशासन की गाडियों का बकाया है। इसके लिए कई बार ऑला अधिकारियों से कहा गया है लेकिन अभी तक पेमेंट नहीं किया गया। चुनाव आते ही जिलाधिकारी की तरफ से गाडियों को पेट्रोल देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि पहले पेट्रोल पम्प मालिकों का पुराना भुगतान करा दिया जाए उसके बाद वह पेट्रोल देगें।

देना पड़ रहा है बैंक का ब्याज

यही कारण है कि इस बार पेट्रोल पंप मालिकों ने विधानसभा चुनाव के लिए पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए अपने हाथ खड़े कर लिए है। पेट्रोप पंप मालिकों का तर्क है कि पिछला पेमेंट नहीं होने पर उन्हें मुनाफे के बजाए बैंक का ब्याज देना पड़ रहा है। आलम ये है कि चुनाव से जुड़े अधिकारी पेट्रोल पम्प मालिकों पर तेल की आपूर्ति न करना पर उन पर कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं।

क्या कहते है डीएम

जिलाधिकारी अन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि हमारे पास ऐसी कोई सूचना नही है। अगर ऐसी कोई बात है तो पेट्रोल पम्प एसोसिएशन से बात करके मामले को सुलझाया जायेगा और पेट्रोल पम्पों का बकाया दिलवाया जायेगा।

शाहजहांपुर में पेट्रोल पंप मालिकों ने हाथ खड़े कर दिए

शाहजहांपुर के पेट्रोल पम्प मालिकों ने चुनाव के लिए तेल की आपूर्ति देने के लिए अपने हाथ खड़े कर दिये है। पेट्रोल पम्प मालिकों को जिला प्रशासन पर 2012 विधान सभा चुनाव का लगभग 65 लाख रूपये बकाया हैं। आरोप है कि बकाया का भुगतान देने के बजाय जिला प्रशासन के अधिकारी तेल की आपूर्ति के लिए पेट्रोल मम्प मालिकों को कार्यवाही के नाम पर धमकाया जा रहा है। फिल्हाल जिलाधिकारी जल्द ही पुराना भुगतान करने की बात कर रहे हैं।

जिले के लगभग 2 दर्जन से ज्यादा पेट्रोल पम्प मालिक इन दिनों कशमोकश में है क्योकि इन्ही पेट्रोल पम्पों से चुनावों में खर्च होने वाले इंधन की आपूर्ति की जाती है। पेट्रोल पम्प मालिकों को पिछले विधान सभा चुनाव 2012 और लोक सभा चुनाव 2014 का जिला प्रशासन पर लगभग 65 लाख रूपये का भुगतान बकाया है। इस भुगतान के लिए पेट्रोल पम्प मालिकों ने कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन अभी तक उनके बिलों का एक भी पैसा भुगतान नही किया गया है।

यही वजह है कि इस बार पेट्रोल पम्प मालिकों ने विधान सभा चुनाव के लिए पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए अपने हाथ खड़े कर लिए है। पेट्रोप पम्प मालिकों का तर्क है कि पिछला भुगतान न होने उन्हे मुनाफे के बजाए बैंक का ब्याज देना पड़ रहा है। आलम ये है कि चुनाव से जुड़े अधिकारी पेट्रोल पम्प मालिकों पर तेल की आपूर्ति न करने पर उन पर कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं। पेट्रोल पम्प मालिकों का कहना है कि पहले उनका पुराना भुगतान कर दिया जाये उसके बाद ही वो उधार में तेल दे सकते हैं।

कपूर पेट्रोल पंप के मालिक कपूर का कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव को पांच साल होने आ रहे हैं। पिछले चुनाव में शहर के सभी पैट्रोल पंप से प्रशासन ने पेट्रोल ले लिया। जिसकी कीमत लगभग 65 लाख रुपये हैं। जिसका पांच महीने बीतने के बाद भी अभी तक जिला प्रशासन ने उनके बकाए का भुगतान नही किया है। जिससे अब उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कपूर का कहना है कि उनको पेट्रोल नगद खरीदना पढता हैं। लेकिन उनके पास अब बिल्कुल भी पैसा नही हैं और अब आने वाले चुनाव में के लिए पेट्रोल लेने लिए जिला प्रशासन ने फिर से संपर्क करना शुरू कर दिया है लेकिन अगर अभी भी उनका भुगतान नहीं किया गया तो वह आने वाले चुनाव में पेट्रोल नही देंगे।

डीएम राम गणेश का कहना है कि उनके पास बजट की कोई कमी नहीं है। जिसका भी पहले का बकाया हैं उनका जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा ताकि आने वाले चुनाव में सभी लोगों का सपोर्ट मिल सके।

चुनाव चाहे लोक सभा का हो या फिर विधान सभा का या फिर प्रधानी का चुनाव हो। हर बार पेट्रोल पम्प मालिकों को चुनाव के लिए उधार में तेल देना मजबूरी होता है वरना उन्हे कार्यवाही का हौवा दिखाया जाता है। लेकिन इस बार अब पेट्रोल पम्प मालिकों ने पुराने भुगतान के बाद ही आपूर्ति देने का फैसला किया है। Read Also: यूपी विधानसभा चुनाव 2017: बीजेपी की पहली सूची में दलबदलुओं का दबदबा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+