MP News: ‘कोरोना योद्धा की संघर्ष कथा’ को प्रादेशिक राजेन्द्र अनुरागी पुरस्कार, डॉ. अभय बेडेकर को सम्मान
मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी और संबंधित सांस्कृतिक प्राधिकरणों ने 2024 के अखिल भारतीय और क्षेत्रीय साहित्यिक सम्मानों की घोषणा की है। डायरी शैली में डॉ. अभय अरविंद बड़ेकर की 'कोरोना योद्धा कथा' को राजेंद्र अनुरागी क्षेत्रीय डायरी पुरस्कार के लिए चुना गया है, जो महामारी काल की स्थायी मानवीय कहानियों को पहचानता है।
मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2024 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष प्रतिष्ठित लेखक और एमपी टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविन्द बेडेकर की चर्चित कृति ‘कोरोना योद्धा की संघर्ष कथा’ को डायरी विधा के अंतर्गत प्रादेशिक राजेन्द्र अनुरागी पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद (संस्कृति विभाग) के निदेशक डॉ. विकास दवे ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रादेशिक कृति पुरस्कार के तहत विजेता रचनाकारों को 51 हजार रुपये की सम्मान राशि, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष अधिकांश श्रेणियों में जूरी द्वारा दो कृतियों का संयुक्त चयन किया गया है, हालांकि डायरी विधा में केवल डॉ. बेडेकर की कृति को यह सम्मान मिला है।
डॉ. बेडेकर की यह कृति कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं के संघर्ष, समर्पण और उनके वास्तविक अनुभवों का जीवंत दस्तावेज है। इस कृति के माध्यम से महामारी के दौरान सामने आई मानवीय संवेदनाओं और जुझारूपन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
डॉ. बेडेकर को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने जाने पर साहित्यिक जगत और प्रबुद्ध वर्ग में हर्ष का माहौल है। संस्कृति विभाग द्वारा शीघ्र ही आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में सभी चयनित रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications