यूपी विधानसभा चुनाव 2017: बीजेपी की पहली सूची में दलबदलुओं का दबदबा
उत्तर प्रदेश के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट में 149 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। बीजेपी की पहली लिस्ट में दलबदलुओं को खास तवज्जो दी गई है, साथ ही पार्टी ने जातीय कार्ड भी चला है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में सत्ता की चाबी हासिल करने की कवायद में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। लंबे इंतजार के बाद सामने आई भारतीय जनता पार्टी की पहली लिस्ट में उम्मीदवारों का चुनाव बेहद खास रणनीति के तहत किया गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन किया था। पार्टी एक बार फिर वैसी ही जीत का आस संजोए हुए हैं। पार्टी ने इसी के मद्देनजर अपनी रणनीति बनाई है। ये भी पढ़ें- सपा ने जारी की तीसरी लिस्ट, अपर्णा यादव को मिला टिकट

बीजेपी ने जारी की 149 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में दलबदलुओं को खास तवज्जो दी गई है। इसके साथ-साथ पार्टी ने जातीय कार्ड भी चला है। उत्तर प्रदेश के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट में 149 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया। बीजेपी की इस लिस्ट में ओबीसी उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा देखने को मिली है। ध्रुवीकरण की रणनीति पर चलते हुए बीजेपी ने दंगा आरोपी नेताओं को भी अपनी सूची में खास तरजीह दी है। पार्टी की पहली लिस्ट में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार का नाम नहीं है। इसमें मौजूदा विधायकों पर भी पार्टी ने भरोसा जताया है। हालांकि महिला उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने 149 उम्मीदवारों में महज 11 महिलाओं को टिकट दिया है। पार्टी ने पहले और दूसरे चरण के चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। बीजेपी उम्मीदवारों की पहली सूची की क्या हैं खास बातें...

चुनावी गणित साधने के लिए बीजेपी का पिछड़ा कार्ड
उत्तर प्रदेश की सत्ता को हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जातीय कार्ड खेलने से भी परहेज नहीं किया है। पार्टी की पहली सूची में करीब 60 उम्मीदवार अति पिछड़ी जाति के हैं। पार्टी की लिस्ट देखें तो इनमें जाट, गुज्जर, लोध समेत शाक्य, मौर्य, कश्यप, लोधी, गुर्जर, कुशवाहा, सैनी बिरादरी के लोगों को खास तौर से टिकट दिया गया है। इनके साथ-साथ पार्टी ने दलित उम्मीदवारों को भी मौका दिया है। अगड़ी जातियों की बात करें पार्टी ने सबसे ज्यादा ठाकुरों पर भरोसा जताया है। पार्टी ने 26 ठाकुरों को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की लिस्ट में 15 ब्राह्मण उम्मीदवारों को भी मौका दिया गया है।

बीजेपी की लिस्ट में दलबदलुओं को तरजीह
उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का सपना देख रही बीजेपी ने अपनी लिस्ट में दलबदलुओं को खास तरजीह दी है। पार्टी ने करीब 24 उम्मीदवारों को उम्मीदवार बनाया है। उसमें कई उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने हाल के दिनों में ही भाजपा की सदस्यता ली है। इनमें सबसे अहम नाम रमेश तोमर का है। रमेश तोमर ने सोमवार सुबह ही बीजेपी का दामन थामा और शाम में जारी उम्मीदवारों की लिस्ट में उन्हें टिकट दे दिया गया। रमेश तोमर धौलाना से भाजपा उम्मीदवार होंगे। तीन दिन पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राजा अरिदमन सिंह की पत्नी को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह को आगरा बाह से उम्मीदवार बनाया है। हालांकि खुद राजा अरिदमन सिंह टिकट पाने में असफल रहे। इनके अलावा बीजेपी ने बीएसपी से आए सात विधायकों, आरएलडी से आए दो विधायक और कांग्रेस के एक विधायक को टिकट दिया गया है।

बीजेपी की लिस्ट में ध्रुवीकरण की कोशिश
भाजपा की लिस्ट से साफ है कि पार्टी ने एक बार फिर ध्रुवीकरण की कोशिश पर जोर दिया है। यही वजह है कि पार्टी ने दंगा आरोपी नेताओं और विधायकों को टिकट देने से परहेज नहीं किया है। भाजपा ने मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा को एक बार फिर से मैदान में उतारा है। संगीत सोम को सरधना से उम्मीदवार बनाया गया है। पिछले साल सितंबर में बिजनौर से सटे एक गांव में दंगे के आरोपी ऐश्वर्य चौधरी उर्फ मौस की पत्नी शुचि मौसम चौधरी को टिकट दिया गया है। इस मामले में ऐश्वर्य समेत करीब 30 से ज्यादा लोग जेल में हैं।

बीजेपी की लिस्ट मे परिवारवाद से परहेज नहीं
बीजेपी की लिस्ट से साफ है कि पार्टी को परिवारवाद से कोई परहेज नहीं है। इसका पता इस बात से चलता है कि पार्टी ने पार्टी सांसद राजवीर सिंह के बेटे संदीप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। संदीप सिंह को अलीगढ़ के अतरौली से टिकट दिया गया संदीप सिंह, राजस्थान के राज्यपाल और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र हैं।

महिलाओं पर भी जताया भरोसा, एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं
यूपी चुनाव में भाजपा ने महिला उम्मीदवारों को तवज्जो दी है। पार्टी ने 11 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। वहीं पार्टी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। वहीं टिकट बंटवारे में मोदी की नसीहत से अलग पार्टी नेताओं के करीबियों को टिकट दिया गया है। इनमें अनूपशहर से बीजेपी का टिकट पाने वाले संजय शर्मा को केंद्रीय मंत्री उमा भारती की पैरवी की वजह से टिकट मिला।

अपने विधायकों पर भी जताया भरोसा
पार्टी ने यूपी की जंग में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पार्टी ने अपने विधायकों पर भी भरोसा जताया है। पार्टी ने 42 विधायकों को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। हालांकि एक विधायक का टिकट कटा है। इसमें भाजपा के मेरठ दक्षिण से विधायक रवींद्र भडाना का नाम है। उनकी जगह पर सोमेंद्र तोमर को प्रत्याशी बनाया गया है। पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा को मथुरा से चुनाव मैदान में उतारा है। इसके साथ-साथ पार्टी ने करीब 20 ऐसे नामों पर फिर से भरोसा जताया है जिन्हें 2012 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिला था लेकिन जीत नहीं मिली। ये भी पढ़ें- यूपी विधानसभा चुनाव 2017: चुनावी बिसात पर क्या सोच रहा यूपी का मुस्लिम वोटर?












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