बारूद के ढेर पर बैठकर यूपी में मासूम बना रहे देसी बम, देखिए वीडियो
बुलंदशहर। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही आतिशबाजी की बिक्री व किसी भी तरह की आतिशबाजी करने पर दिल्ली-एनसीआर में प्रतिबंध लगा दिया हो। मगर दिल्ली से महज 70 किमी दूर बुलन्दशहर के दानपुर के जंगलों में खुले आसमान के नीचे मासूम बच्चों से विस्फोटक पाउडर भरवाकर अवैध तरीके से देसी बम व अनार आदि आतिशबाजी बनवाने का काम जारी है। वहीं, मामले को लेकर डिबाई के एसडीएम अनभिज्ञता जता रहे हैं और मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।

सोमवार को दीवाली पर आतिशबाजी से होने वाले हादसों और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एसनसीआर में पटाखों की होने वाली बिक्री पर 31 अक्टूबर तक पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके बावजूद एनसीआर के बाहरी क्षेत्र में आने वाले बुलंदशहर के दानपुर के जंगलों में आज भी गंधक, पोटाश को कोयला पाउडर में मिलाकर देशी बम व अनार बनाने की कई अवैध लघु फैक्टरियां खुले आम चल रही हैं। गंधक, पोटाश के पाउडर से विस्फोटक, देसी बम और अनार बनाने का काम मासूम बच्चे कर रहे हैं। बारूद के ढेर पर बैठे इन मासूमों को ये तक नही पता कि जरा सी चिंगारी इनकी जिंदगी को तबाह कर सकती है।
हैरानी की बात ये है कि जिन मासूमों के हाथों में किताब कापियां होनी चाहिए थी। वो हाथ अवैध तरीके से चल रही इन फैक्ट्रियों में देशी बम बना रहे है। इन बच्चों के हाथों में न तो दस्ताने है और न ही मुंह पर मास्क। यही नहीं आस-पास अग्निकाण्ड होने की आशंका के चलते पानी, रेत या फिर अग्निशमन यंत्र आदि भी नही हैं। हालांकि चंद रुपयों की खातिर मासूमो की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे अवैध तरीके से देसी बम बनाने का धंधा करने वाले लोग दावा कर रहे है कि यहां बच्चे काम नही करते। मगर ये दृश्य इन गोरखधंधे की पोल खोल रहे हैं। आश्यचर्यजनक बात यह है कि डिबाई के एसडीएम उमा शंकर सिंह तो मामले को लेकर अनभिता ही जता रहे है और दावा कर रहे कि मामले की सत्यता की जांच करा कार्रवाई करेगें।












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