Mayawati Rally: कांशीराम की पुण्यतिथि पर योगी सरकार की तारीफ, कांग्रेस-सपा पर आग बबूला हुईं BSP चीफ
Mayawati Rally: बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कांशीराम की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद इन पार्टियों को पीडीए की याद आई है। सत्ता में रहते हुए कभी इन्होंने कांशीराम और बाबा साहेब को सम्मान नहीं दिया। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम ने इस दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने कुछ योजनाओं को लागू किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ये सारी पार्टियां जातिवादी है और बीजेपी भी वोट के लिए ऐसा कर रही है।
इस रैली में बीएसपी चीफ ने ऐलान कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और गठबंधन की अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया जाए। मायावती ने ये भी कहा कि कुछ लोग दिल्ली और लखनऊ में आजम खान से मुलाकात की अफवाह फैला रहे हैं। बीएसपी के काडर और समर्थकों से अपील है कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें।

Mayawati Rally: समाजवादी पार्टी पर बरसीं मायावती
मायावती ने इस रैली के दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है और सत्ता में रहते हुए इन्होंने दलितों-पिछड़ों का शोषण किया। आज जब पार्टी सत्ता से बाहर हो गई है, तो इन्हें पीडीए की याद आ रही है। उन्होंने अखिलेश सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, 'हमारी सरकार ने कांशीराम जी के सम्मान में यह स्मारक स्थल बनवाए थे।'
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा, 'हमने व्यवस्था की थी कि यहां आने वाले दर्शकों से जो टिकट का पैसा लिया जाएगा, वह इन्हीं स्मारकों के रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। अखिलेश यादव की सरकार में इनके रख-रखाव पर एक पैसा खर्च नहीं किया गया। कांशीराम जी की विरासत की अनदेखी की गई।'
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BJP की तारीफ कर दिया बड़ा संकेत
इस रैली में मायावती ने बीजेपी पर भी आरोप लगाया और कहा कि आज प्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार कई योजनाएं लागू कर रही है, लेकिन यह सब दिखावा है। इन्हें दलितों-पिछड़ों की चिंता नहीं है, ये सब सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है। हालांकि, उन्होंने योगी सरकार की तारीफ करते हुए इतना जरूर कहा कि योगी सरकार ने कांशीराम के स्मारक और इमारतों के रख-रखाव का काम किया और इसके लिए धन्यवाद देती हैं। इस रैली के जरिए उन्होंने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के साथ अब गठबंधन की कहीं गुंजाइश नहीं है। बता दें कि बीएसपी ने बिहार में भी अकेले ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
कांग्रेस पर लगाया बाबा साहेब के अपमान का आरोप
मायावती ने इस रैली में कांग्रेस पर बाबा साहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के बाद शुरुआती दशकों में कांग्रेस ने दलितों और पिछड़े वर्गों का शोषण किया। बाबा साहेब को साजिश करके संसद में प्रवेश करने से रोका गया था। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी के निधन के बाद, न तो कांग्रेस और न ही सपा की सरकार ने एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित किया। इससे इन दलों की सोच और भावना का साफ पता चलता है।
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