UP Storm: फसल बर्बाद हुई तो घबराएं नहीं! योगी सरकार ने तय किया मुआवजा, किस किसान को कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?

Yogi Govt Crop Relief: उत्तर प्रदेश में आंधी, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से बड़ी तादाद में जनहानि और फसल नुकसान हुआ है। इस बीच योगी सरकार ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। प्रदेश के बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई और उन्नाव समेत 19 जिलों में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में राहत पहुंचाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि प्रत्येक जिला अपने यहां हुए नुकसान की हर तीन घंटे में स्थिति अपडेट करते हुए रिपोर्ट शासन को सौंपे। उन्होंने सभी डीएम (DM) को निर्देश दिया है कि राहत कार्यों को प्राथमिकता पर रखा जाए। जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी खुद मौके पर जाकर तत्काल सर्वे पूरा करें। साथ ही, मुआवजा राशि और बचाव कार्यों की जानकारी को इंटरनेट मीडिया पर भी साझा करने को कहा गया है।

yogi adityanath

मृत्यु होने पर 4 लाख की मदद

मुख्यमंत्री ने आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से इसकी निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

किसानों के लिए फसल नुकसान पर मुआवजा:

योगी सरकार ने 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर मुआवजे का प्रावधान किया है:

  • वर्षा सिंचित क्षेत्र: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
  • सुनिश्चित सिंचित क्षेत्र (नहरें या ट्यूबवेल): 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
  • 12 माही फसलें/कृषि वानिकी: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
  • यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को दी जाएगी

पशुपालकों और खेतों के लिए सहायता:

  • दुधारू पशु (गाय-भैंस): मृत्यु होने पर 37,500 रुपये की सहायता।
  • गैर-दुधारू पशु (बैल-घोड़ा): 32,000 रुपये की मदद।
  • खेतों से गाद हटाना: अतिवृष्टि के कारण खेतों में जमा मलबा हटाने के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता दी जाएगी।

राहत आयुक्त कार्यालय ने हेल्पलाइन नंबर 1070 को हाई अलर्ट पर रखा है, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को भी अपने संबंधित जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।

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फसल नुकसान होने पर क्या करें? अपनाएं यह प्रक्रिया:

  • तत्काल सूचना दें: फसल की क्षति होने पर किसान बिना देरी किए संबंधित कृषि अधिकारियों, अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को इसकी जानकारी दें।
  • सटीक जानकारी साझा करें: सूचना देते समय अपनी बीमा पॉलिसी का विवरण, फसल का नाम, नुकसान का कारण और अनुमानित नुकसान की सीमा के बारे में स्पष्ट रूप से बताएं।
  • साक्ष्य फॉर्म भरें: प्रारंभिक सूचना देने के बाद, किसान को फसल नुकसान के प्रमाण के साथ एक 'साक्ष्य फॉर्म' (Claim Form) भरना होगा।
  • मौका मुआयना (Physical Verification): किसान द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बीमा एजेंसी के प्रतिनिधि या हल्का पटवारी एक निर्धारित समय सीमा के भीतर खेत पर पहुँचते हैं और नुकसान का मौका मुआयना करते हैं।
  • रिपोर्ट और मूल्यांकन: मुआयना करने के बाद अधिकारी खराब हुई फसल की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते हैं और उसका मूल्यांकन कर अंतिम रिपोर्ट कृषि विभाग को सौंप देते हैं।
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