Maha Kumbh 2025: अखिलेश यादव ने महाकुंभ में मची भगदड़ पर योगी सरकार को घेरा, सीएम से की 5 अपील
Maha Kumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान से पहले देर रात को भगदड़ मच गई। महाकुंभ में बुधवार रात हुई भगदड़ से कई श्रद्धालुओं के हताहत होने की खबरें आ रही हैं। इस दुखद हादसे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख, अखिलेश यादव ने इस भगदड़ के बाद यूपी की योगी सरकार पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा अव्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सरकार से पांच अहम अपीलें की हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, "महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि! श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे। हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना।"
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अखिलेश यादव की 5 महत्वपूर्ण अपीलें
-गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
- मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए।
- जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं।
- हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए।
- सतयुग से चली आ रही 'शाही स्नान' की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच 'मौनी अमावस्या के शाही स्नान' को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए।
साथ ही, उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन-पानी और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष कदम उठाए। इसके अलावा, उन्होंने हादसे में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और कहा कि सरकार को पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने चाहिए।
अखाड़ों के स्नान पर असमंजस बरकरार
भगदड़ के बाद महंतों और अखाड़ों के शाही स्नान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने सुबह घोषणा की थी कि शाही स्नान को रद्द कर दिया गया है। हालांकि, सुबह 8 बजे के बाद उन्होंने अपने बयान में बदलाव करते हुए कहा कि अखाड़े स्नान करेंगे और इस संबंध में सरकार से बातचीत की जा रही है।
महाकुंभ में स्नान की पारंपरिक व्यवस्था
महाकुंभ के दौरान सन्यासी, बैरागी और उदासीन अखाड़े पारंपरिक रूप से भव्य जुलूस के साथ संगम तट पर पहुंचते हैं और एक तय क्रम में अमृत स्नान करते हैं। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी स्नान करता है। इसके बाद अन्य अखाड़े तय क्रम में गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाते हैं।
श्रद्धालुओं को पहले ही दी गई थी सतर्क रहने की सलाह
मेला प्रशासन ने मंगलवार को ही श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह जारी की थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया था कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जिस भी घाट पर पहुंचें, वहीं स्नान करें। इसके बावजूद, भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन असफल रहा, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ।
अब तक करोड़ों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
- मंगलवार रात 8 बजे तक करीब 4.83 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था।
- मकर संक्रांति के दिन 3.5 करोड़ श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचे थे।
- पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई थी।
महाकुंभ में सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत
यह हादसा एक बार फिर प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने सरकार से मांग की है कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।
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