कोर्ट के बाहर कानून बनाकर हुआ मंदिर निर्माण तो नहीं मानेगा मुसलमान: इकबाल अंसारी
अयोध्या। अयोध्या विवाद में पक्षकार और मुस्लिम गुरू इकबाल अंसारी ने मोहन भागवत के राम मंदिर को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि मंदिर का निर्माण यदि कानून बनाकर किया जाता है तो वह इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वो सम्मान करेंगे। बता दें कि नागपुर में मोहन भागवत के बयान के बाद से विभिन्न पक्षों की लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

मालूम हो कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून बनना चाहिए। जिसके बाद से मुस्लिम पक्षकारों ने उनके इस बयान की निदा की है। मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि जब चुनाव आता है तो तमाम नेताओं को राम और राम मन्दिर याद आते हैं। जहां एक ओर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मोहन भागवत के बयान को राजनीति से प्रेरित बताया। वहीं दूसरी तरफ मामले में अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि मसले पर कोर्ट के बाहर अगर कोई कानून बनता है तो उसे मुसलमान नहीं मानेगा। उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीमकोर्ट में है और हम चाहते हैं कि फैसला कोर्ट के माध्यम से हो. कोर्ट जो भी फैसला करेगा उसे हर मुसलमान मानेगा।
बता दें कि इस सवाल पर कि उनकी चुनी हुई सरकार होने के बावजूद क्यों मंदिर का निर्माण नहीं हो रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि मंदिर अब तक बन जाना चाहिए था लेकिन राजनीतिक पार्टियां इस पर राजनीति कर रही हैं।












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