PFI के खिलाफ जांच एजेंसियों का अभियान, समझिए खाड़ी देशों से कैसे हो रही फंडिंग
लखनऊ, 24 सितंबर: उत्तर प्रदेश ही नहीं देश में भर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 15 राज्यों के 93 स्थानों पर फैले कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ छापेमारी की थी। छापेमारी में ये खुलासा हुआ कि इस संगठन के तार असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, पश्चिम बंगाल, बिहार और मणिपुर तक फैले हुए हैं। हालांकि इन छापों के बाद अब यूपी की पुलिस भी सतर्क हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूपी में नेपाल से सटे जिलों में तो हर गांव तक यह नेटवर्क फैला हुआ है और जकात के माध्यम से इनको फंडिंग की जा रही है।

जकात के पैसे का पीएफआई कर रही उपयोग
पुलिस सूत्रों की माने तो पीएफआई को इंडिया फ्रेटरनिटी फोरम, मुस्लिम रिलीफ नेटवर्क और अन्य जुड़े केरल-आधारित गैर सरकारी संगठनों से भारी धनराशि मिल रही है। इन्हें पश्चिम एशिया से दान मिला है। सूत्रों के मुताबिक इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक और मुस्लिम यूथ की वर्ल्ड असेंबली से भी फंड आ रहा है। सबसे रोचक ये है कि जकात यानी धर्म के नाम पर देश में जो फंडिंग की जा रही है उनका इस्तेमाल भी बड़े सलीके से पीएफआई की ओर से किया जा रहा है।
मुस्जिदों और मदरसों के माध्यम से हो रही फंडिंग
अधिकारियों ने कहा कि आतंकवाद और आतंकवादी गतिविधियों को फंडिंग करने में कथित संलिप्तता, सशस्त्र प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का इंतजाम किया जाता है। प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने के लिए संगठन के नेताओं और कैडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। शीर्ष सूत्रों के अनुसार, पीएफआई की फंडिंग मुख्य रूप से मस्जिदों और मदरसों के माध्यम से होती है और वे जकात (अनिवार्य दान) के रूप में दान करते हैं।

हवाला रैकेट का भी हो रहा इस्तेमाल
अधिकारियों ने कहा कि मुस्लिम व्यवसायी और पीएफआई समर्थक भी हवाला चैनलों के जरिए किताबों और अन्य दृश्य-श्रव्य सामग्री के लिए बड़ी रकम भेज रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पीएफआई मैनपावर सप्लाई के क्षेत्र में काम कर रहे गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) देशों के जरिए भी फंड जुटा रहा है। वे कथित तौर पर धन जुटाने और अपने कैडर में नौकरी देने के लिए जनशक्ति आपूर्ति कंपनियों का उपयोग कर रहे हैं।
जीसीसी देशों के जरिए कम्पनियों को हो रही मदद
सूत्रों ने कहा कि पीएफआई संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे जीसीसी देशों में कई जनशक्ति आपूर्ति कंपनियां चला रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के लगभग 30,000 कार्यकर्ता इन कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पीएफआई इन लोगों से 100 दिरहम वसूल करता है, यह उनके वेतन से लेता है। संगठन इन जीसीसी देशों से हर महीने लगभग 3 मिलियन दिरहम उत्पन्न करता है, उन्होंने कहा। सूत्रों ने कहा कि पीएफआई जीसीसी देशों में रियल एस्टेट और कार रेंटल कारोबार में भी है।












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