Sanjeev Sharma: गाजियाबाद में साइकिल को पंक्चर करने वाले BJP के संजीव शर्मा कौन हैं? कभी SP की खाई थी रोटी!
Ghaziabad By Election Result: उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में से एक 'गाजियाबाद सदर विधानसभा सीट' सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। संजीव शर्मा 69,676 वोटों से जीत गए हैं। उन्होंने सपा के सिंहराज जाटव को हराया है।
खास बात यह है कि संजीव शर्मा 2007 में सपा की साइकिल से उतरकर हाथ में कमल लेकर चुनावी रेस में दौड़े रहे हैं। उधर, इंडिया गठबंधन के कोटे से सपा ने सिंह राज जाटव चुनावी रण में उतारा। संजीव शर्मा का राजनीतिक सफर और उनकी लोकप्रियता इस जीत में अहम भूमिका निभा रही है। आइए, उनके जीवन और राजनीतिक यात्रा पर विस्तार से नज़र डालते हैं...

कौन हैं संजीव शर्मा?
- मूल निवास: पिलखुवा, हापुड़
- वर्तमान निवास: पिछले 20 वर्षों से गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में रह रहे हैं।
- शिक्षा और पेशा: चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और व्यवसायी
- परिवार: पत्नी रहीशम शर्मा (सरकारी शिक्षक) और एक पुत्री
- आयु: 49 वर्ष
- कुल संपत्ति: ₹2 करोड़ (कोई देनदारी नहीं)
कैसा रहा शर्मा का राजनीतिक सफर?
- 2007 में सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए।
- 2019 में भाजपा के महानगर अध्यक्ष बने।
- अपने कार्यकाल में लोकसभा, नगर निगम और विधानसभा चुनावों में अहम भूमिका निभाई।
क्यों हो रहे गाजियाबाद सीट पर चुनाव?
आपको बता दें कि इस सीट अतुल गर्ग के सांसद बनने से सीट खाली हुई। इससे पहले, अतुल गर्ग 2017 और 2022 में भाजपा के ही टिकट पर दो बार विधायक चुने गए थे।
ये भी पढ़ें- Uttar Pradesh by Election Results 2024 Live: योगी का 6 पर जलवा, अखिलेश ने पकड़ी स्पीड और 3 पर जमाया कब्जा
कितनी संपत्ति के मालिक हैं संजीव शर्मा?
- कुल संपत्ति: ₹2 करोड़
- आय (202324): ₹5.24 लाख
- आय (जीवनसाथी, 202324): ₹9.41 लाख
- देनदारी: शून्य
- पेशा: खुद व्यवसायी
- जीवनसाथी: सरकारी शिक्षक
सीट का चुनावी समीकरण
- जातिगत समीकरण:
- जनरल वोटर: 32%
- एससी वोटर: 25% (निर्णायक)
- ओबीसी: 18%
- मुस्लिम: 17%
- अन्य: 8%
वोटिंग प्रतिशत:
- कुल वोटिंग: 68.7%
- महिला मतदाता: 2.07 लाख
- पुरुष मतदाता: 2.54 लाख
प्रमुख मुद्दे:
1. भाजपा का संगठित जनाधार।
2. सीएम योगी और पीएम मोदी की लोकप्रियता।
3. सपा-बसपा और अन्य दलों के बीच वोट बंटवारा।
ये भी पढ़ें- UP By Election Result 2024: 9 सीटों में से ये 4 Hot सीटों पर पैनी निगाहें, अखिलेश की साख दांव पर, जानें हाल?
क्या कहता है गाजियाबाद सदर सीट का चुनावी इतिहास?
गाजियाबाद सदर सीट का चुनावी इतिहास उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह विधानसभा सीट राज्य के पश्चिमी हिस्से में स्थित है और तेजी से शहरीकरण और विकास का केंद्र बन चुकी है। यहां का चुनावी इतिहास भारतीय राजनीति के बदलते रुझानों का आईना है। आइए, इस सीट के प्रमुख चुनावी नतीजों पर नजर डालते हैं...
गाजियाबाद की सदर सीट उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह सीट 1957 में पहली बार अस्तित्व में आई और तब से लेकर अब तक कई पार्टियों ने यहां जीत हासिल की है।
सदर सीट का ऐतिहासिक प्रदर्शन:
| साल | पार्टी | विजेता |
| 1957 | कांग्रेस | तेजा सिंह |
| 1967 | रिपब्लिकन पार्टी | प्यारे लाल |
| 1980 | कांग्रेस | सुरेंद्र कुमार मुन्नी |
| 1991-1996 | भाजपा | बालेश्वर त्यागी |
| 2002 | कांग्रेस | सुरेंद्र प्रकाश गोयल |
| 2007 | भाजपा | सुनील शर्मा |
| 2012 | बसपा | सुरेश बंसल |
| 2017-2022 | भाजपा | अतुल गर्ग |
गाजियाबाद सदर सीट पर BJP का आत्मविश्वास क्यों?
- ब्राह्मण नेता का चयन: संजीव शर्मा का ब्राह्मण समाज में प्रभाव है, जिससे भाजपा को सामान्य वोटरों का समर्थन मिल रहा है।
- संगठन अनुभव: भाजपा में संजीव शर्मा का लंबे समय का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ उनके पक्ष में है।
- वोटों का बंटवारा: सपा और एआईएमआईएम के बीच दलित और मुस्लिम वोट बंट सकते हैं, जिससे भाजपा को फायदा हो सकता है।
- स्थानीय समर्थन: व्यापारी वर्ग और भाजपा के कोर वोटर पूरी तरह से उनके पक्ष में हैं।
गाजियाबाद सदर सीट पर आगे की संभावना
सभी समीकरणों को देखते हुए भाजपा उम्मीदवार संजीव शर्मा की जीत की संभावना मजबूत है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मानते हैं कि यह सीट भाजपा आसानी से जीत सकती है।
ये भी पढ़ें- UP By Poll Result: क्या यूपी में चला 'बाबा का बुलडोजर' या फिर दौड़ी अखिलेश की साइकिल, 9 सीटों के जानें हाल?












Click it and Unblock the Notifications