Sourav Ganguly के एक फैसले ने बदला भारतीय क्रिकेट का इतिहास? DHONI का पुराना किस्सा आखिरकार आया सामने
Sourav Ganguly on MS Dhoni: भारतीय क्रिकेट इतिहास में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें तराशने के लिए जाना जाता है। गांगुली ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में एक पुराना किस्सा शेयर किया है कि कैसे उन्होंने एमएस धोनी की प्रतिभा को दुनिया के सामने आने से पहले ही भांप लिया था और उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया था। गांगुली के इस फैसले से धोनी का करियर बदला और भारतीय क्रिकेट के भविष्य की तस्वीर भी बदल दी।
सबा करीम ने की थी सिफारिश (Sourav Ganguly on MS Dhoni)
गांगुली ने बताया कि धोनी का नाम सबसे पहले पूर्व चयनकर्ता और विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम ने उनके सामने रखा था। सबा करीम ने गांगुली से कहा था कि एक लड़का है जो बहुत लंबे छक्के मारता है। इस सिफारिश के बाद गांगुली ने धोनी के चयन पर अंतिम मुहर लगाने से पहले थोड़ा समय लिया। वे चयन के फैसले को कुछ दिनों के लिए टालकर खुद धोनी की बल्लेबाजी देखने गुप्त रूप से जमशेदपुर गए थे। इस बात की भनक खुद धोनी को भी नहीं थी कि भारतीय कप्तान उन्हें स्टैंड्स में बैठकर लाइव ट्रैक कर रहे हैं।

'वानखेड़े में छत छू रहे थे धोनी के शॉट्स'
जमशेदपुर के बाद धोनी को सीधे इंडिया-ए टीम में चुना गया, जहां उन्होंने अपना पहला मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सौरव गांगुली की कप्तानी में खेला। गांगुली ने उस मैच को याद करते हुए कहा कि उसने उस मुकाबले में शानदार शतक जड़ा था। उसके छक्के इतने गगनचुंबी थे कि गेंद सीधे स्टेडियम की छत से टकरा रही थी। धोनी की इसी बेखौफ बल्लेबाजी ने गांगुली के मन से चयन को लेकर चल रहे सारे संशय खत्म कर दिए।
निराशाजनक रहा था धोनी का डेब्यू
गांगुली का मानना था कि जो खिलाड़ी असाधारण रूप से अच्छा हो, उसे घरेलू क्रिकेट में ज्यादा दिन तक धीमी आंच पर नहीं पकाना चाहिए। अन्यथा उसकी प्रतिभा समय के साथ खत्म हो जाती है। धोनी ने साल 2004 में सौरव गांगुली की ही कप्तानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। हालांकि, उनका डेब्यू बेहद निराशाजनक रहा और वे बिना कोई रन बनाए (शून्य पर) रन आउट हो गए थे। शुरुआती कुछ मैचों में असफल होने के बावजूद गांगुली को धोनी की क्षमता पर पूरा भरोसा था।
धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ दिखाया था दम
कुछ महीनों बाद पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेले गए मैच में गांगुली ने एक बड़ा रणनीतिक दांव खेला। उन्होंने अपनी खुद की नंबर-3 की पोजीशन छोड़कर धोनी को ऊपरी क्रम पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट किया। धोनी ने इस मौके का फायदा उठाते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं और 123 गेंदों में 148 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने आगमन की घोषणा की।















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