राजभर से पहले भी कई चेहरों को मिल चुका है मुलायम परिवार से बगावत का तोहफा, जानिए कौन कौन है शामिल
लखनऊ, 22 जुलाई: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब यूपी के सियासी समीकरण बदलते जा रहे हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के चीफ ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से बगावत का झंडा बुलंद किया तो बीजेपी ने उन्हें हाथों हाथ लेते हुए Y कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान कर दी। ऐसा नहीं है कि बीजेपी सरकार ने पहली बार किया है। इससे पहले भी योगी सरकार मुलायम परिवार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को कोई न कोई इनाम दे चुकी है। आइए जानते हैं कि वो कौन से चेहरे हैं जिन्हें बीजेपी ने मुलायम से बगवात का इनाम दिया है।

ओम प्रकाश राजभर को दी वाई श्रेणी की सुरक्षा
यूपी में तीन महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के दौरान जो सियासी समीकरण थे वो बदलते जा रहे हैं। दरअसल सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है जिसके बाद अब यहां का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।ओम प्रकाश राजभर चुनाव के बाद से ही अखिलेश के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। तो क्या अब योगी सरकार ने राजभर को अखिलेश से बगावत करने का इनाम दिया है।

शिवपाल यादव को दिया था बंगले का तोहफा
उत्तर प्रदेश में शिवपाल यादव ने भी जब मुलायम परिवार से बगावत की तब बीजेपी और योगी सरकार ने उनका बखूबी इस्तेमाल किया। इसकी एवज में योगी सरकार ने शिवपाल को तोहफा भी दिया। यूपी में 2017 की सरकार बनने के बाद जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने थे तब शिवपाल यादव ने उनके आवास जाकर मुलाकात की थी। शिवपाल तब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के चीफ के तौर पर मिले थे। उस समय योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शिवपाल को तोहफे के तौर पर लखनऊ के पॉश इलाके में एक बड़ा बंगला दिया था जो जहां से आज शिवपाल यादव की पार्टी चल रही है।

अपर्णा यादव को भी मिला था योगी सरकार की तारीफ का इनाम
शिवपाल के अलावा एक मुलायम परिवार का एक सदस्य और है जिसका इस्तेमाल योग सरकार ने किया है। वह हैं अपर्णा यादव। योगी आदित्यनाथ जब पहली बार सीएम बने थे तब अपर्णा यादव उस समय समाजवादी पार्टी में ही थीं लेकिन वह कई मौके पर राज्य की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ कर चुकी थीं। सीएम रहते हुए योगी ने तब अपर्णा यादव के कान्हा उपवन का दौरा भी किया था। तब अपर्णा ने कहा था कि योगी आदित्यनाथ मेरे लिए गुरु जैसे हैं। हिंदूवादी होना कोई गुनाह नहीं है। धर्म-जाति और समुदाय से ऊपर उठकर वह हमेशा सभी की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। इस बयान के बाद ही योगी सरकार ने उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और वह बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं।

इन तीनों चेहरों को अब अखिलेश के खिलाफ इस्तेमाल करेगी बीजेपी
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो योगी आदित्यनाथ की सरकार और बीजेपी आने वाले समय में इन चेहरों का इस्तेमाल अखिलेश यादव के खिलाफ करेगी। अपर्णा यादव का इस्तेमाल तो बीजेपी विधानसभा चुनाव में कर चुकी हैं। उन्हें उन इलाकों में प्रचार के लिए भेजा गया था जहां अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव प्रचार कर चुकी थीं। इसी तरह शिवपाल ने भी कई मौकों पर बीजेपी का साथ दिया है। हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव में खुद तो क्रॉस वोटिंग की है और भी लोगों को सपा की लाइन से हटकर वोट करने के लिए प्रेरित किया। इसी तरह अब राजभर को भी अखिलेश में फायदा नहीं दिख रहा है इसलिए वह बीजेपी के नजदीक आते जा रहे हैं।












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