Digital Warriors: फेक न्यूज से निपटने के लिए UP पुलिस का 'डिजिटल वॉरियर्स' कैंपेन, महाकुंभ को लेकर कसी कमर
Digital Warriors: प्रयागराज महाकुंभ 2025 (Prayagraj MahaKumbh 2025) की तैयारियों के बीच यूपी पुलिस ने फेक न्यूज़ और साइबर अपराध से निपटने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कॉलेज के छात्रों को डिजिटल वॉरियर्स (Digital Warriors) के रूप में शामिल किया गया है।
यूपी पुलिस की इस नई पहल का उद्देश्य स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों को फर्जी खबरों पर अंकुश लगाना और साइबर खतरों की पहचान करने और उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसके साथ ही, लोगों में साइबर अपराध के खिलाप जागरूकता बढ़ाना है।

फेक न्यूज़ के बारे में जागरूक करेंगे Digital Warriors
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा, 'डिजिटल योद्धा (सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरऔर कॉलेज के छात्रों का एक नेटवर्क) साइबर अपराध के बारे में जागरूकता बढ़ाएंगे, भ्रामक खबरों का मुकाबला करेंगे। आम नागरिकों को साइबर प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित करेंगे और पुलिस के सराहनीय कार्यों और अभियानों का प्रचार करेंगे।'
महाकुंभ से पहले शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
डीजीपी प्रशांत कुमार ने फर्जी खबरों से निपटने के लिए महाकुंभ मेले से पहले यूपी पुलिस द्वारा चलाए गए एक पायलट प्रोजेक्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एक महीने तक चलने वाला यह प्रोजेक्ट, जिसमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कॉलेज के छात्र शामिल थे, सफल रहा और अब इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जा रहा है।
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वॉट्सऐप पर हुई सक्रिय
DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2018 में 'डिजिटल वॉरियर्स' पहल शुरू की थी, जो वॉट्सऐप पर सक्रिय हो गई। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को डिजिटल वॉलंटियर के रूप में जोड़ा गया।' बताया कि 2023 में 'व्हाट्सएप कम्युनिटी ग्रुप' भी बनाए गए, जिसमें सभी यूपी पुलिस कर्मियों को जोड़ा गया, ताकि वे फर्जी खबरों का खंडन कर सकें।
10 लाख लोग जुड़े हुए हैं डिजिटल स्वयंसेवक के रूप में
डीजीपी ने बताया कि वर्तमान में लगभग 10 लाख लोग डिजिटल स्वयंसेवक के रूप में जुड़े हुए हैं, और लगभग 2 लाख पुलिसकर्मी सामुदायिक समूहों के माध्यम से जुड़े हुए हैं। कहा कि अब हम और लोग डिजिटल वॉरियर के रूप में पंजीकरण करवाएंगे। ताकि, फेक न्यूज़ व साइबर अपराध को रोका जा सके।
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स्कूल-कॉलेज में होगी साइबर क्लब की स्थापना
डीजीपी ने बताया कि हम यह भी प्रयास कर रहे हैं कि स्कूल और कॉलेजों में साइबर क्लब की स्थापना की जाए। साइबर क्लब में वर्कशाप करवाई जाएगी जहां युवाओं के नए-नए विचारों को भी सुना जाएगा। कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए भी ये सारी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
फर्जी खबरों की रिपोर्ट करने में करेंगे मदद
डीजीपी ने कहा कि ये छात्र यूपी पुलिस के लिए डिजिटल योद्धा बनेंगे और साइबर अपराध और फर्जी खबरों की रिपोर्ट करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि ये छात्र अपने परिवारों और सामाजिक हलकों में फर्जी खबरों और साइबर अपराध के बारे में जागरूकता बढ़ाने में भी सक्षम होंगे।
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कार्यशालाएं और साइबर क्लब
कार्यशालाएं शैक्षणिक संस्थानों या पुलिस लाइन में आयोजित की जाएंगी। साइबर अपराध के विशेषज्ञ प्रतिभागियों के साथ तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे। स्कूलों और विश्वविद्यालयों में साइबर क्लब स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान का एक शिक्षक इन क्लबों के लिए नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेगा।












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