उत्तर प्रदेश में भगवान भी हुए कैशलेस, मंदिर में पेटीएम से दान

शाहजहांपुर के विश्वनाथ मंदिर में दान में नकद पैसे लेना अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह आनेवाले भक्त अब पेटीएम से दान करते हैं।

शाहजहांपुर। भारतीय सरकार द्वारा एक हजार और पांच सौ के नोट बैन करने के बाद से देश में अफरा-तफरी की माहौल पैदा हुआ । तो वहीं दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब पूरे भारत वर्ष में कैशलेस की व्यवस्था लागू करने की बात कर रहे हैं। हालांकि नोटबंदी के विरोध में देश में हाहाकार भी मचा था। लेकिन पीएम ने देशवासियों से सिर्फ पचास दिन का समय मांगा था। उन्होंने कहा पचास दिन का समय दो उसके बाद माहौल पहले जैसा हो जाएगा। लेकिन अब वैसा होता भी दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश के इस मंदिर में लोग कर रहे हैं पेटिएम से दान
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जनता को भा रही है कैशलेस प्रणाली

जनता को भा रही है कैशलेस प्रणाली

अगर कैशलेस की बात करें तो अब जनता भी इसे सराह रही है। उसकी एक बानगी यूपी के शाहजहांपुर में बाबा विश्वनाथ मंदिर में देखने को मिली। यहां अब मंदिर में आने वाले भक्तो ने दान में नकद पैसे देना अब पूरी तरह से बंद कर दिया है। मंदिरों में भी अब पूरी तरह से पेटिएम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां आने वाले भक्त पेटीएम से ही दान कर रहे हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों का मानना है कि भ्रष्टाचार फैलाने वाले लोग भगवान के घर को भी नहीं छोड़ते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री का लिया गया फैसला काबिले तारीफ है।

पेटीएम से लोगों का दान गुप्त रहेगा

पेटीएम से लोगों का दान गुप्त रहेगा

वही मंदिर के पुजारी का भी कहना है कि अभी तक लोग मंदिर में दान तो देते थे। लेकिन उसको वह दस जगह बताते थे और बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो दान देने के बाद उसे गुप्त ही रखना चाहते थे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता था। लेकिन पेटीएम से दान देने के बाद अब दान में दिया हुआ पैसा पूरी तरह से गुप्त ही रहेगा। पुजारी का कहना है कि असली दान वही होता है जो शख्स एक हाथ से दान दे और दूसरे हाथ को भी नही पता चले। असली दान का मतलब ही यही होता है।

छोटे-छोटे दुकानदार ले रहे हैं पेटीएम का सहारा

छोटे-छोटे दुकानदार ले रहे हैं पेटीएम का सहारा

दरअसल, नोटबंदी के बाद जिन लोगों के पास जरुरत से ज्यादा कैश रखा था। वे न तो बैंक में जमा कर पा रहे थे और न ही किसी को बांट पा रहे थे। लेकिन जब नोटबंदी की अंतिम तारीख भी निकल गई और पैसा मंदिर में दान में देना भी बंद हो गया। नोटबंदी के बाद देश की जनता के पास खाने के पैसे नहीं होते थे तो जनता मंदिर में दान कैसे देता। लेकिन जब बात देश को कैशलेस बनाने की आई तो मार्केट में छोटे-छोटे दुकानदारों ने पेटीएम का सहारा लिया और ये कामयाब भी रहा।

कैशलेस से बदला माहौल

कैशलेस से बदला माहौल

पेटीएम का इस्तेमाल करने के बाद कुछ दुकानदारों की रोजी-रोटी पहले जैसी चलने लगी। वहीं, मंदिर में भी पेटीएम के लगाने के बारे में सोचा गया ताकि लोग मंदिर में भी पेटीएम के सहारे दान दे सके। क्योंकि अभी बैंको से पहले जैसा पैसा नही मिल पा रहा है जिससे कि लोग मंदिर में दान दे सके। इसलिए शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर में पेटीएम मशीन को लगाया गया है।

पेटीएम से दान करना एक अच्छी व्यवस्था

पेटीएम से दान करना एक अच्छी व्यवस्था

मंदिर के पुजारी उमेश ने बताया कि ये अच्छी व्यवस्था की गई है। अक्सर देखा जाता था कि मंदिर में जब भीड़ ज्यादा होती थी तो लोगों की जेब कट जाती थी। इसलिए पेटीएम से दान देना एक अच्छी व्यवस्था है। इससे जरूरी नहीं कि भक्तो को मंदिर में आने की जरूरत है। अगर लोगों की जेब में पैसे नहीं हैं तो वे दर्शन करने के बाद चले जाते हैं और घर पर बैठ कर मंदिर में दान कर सकते हैं। ये व्यवस्था हर तरह से अच्छी है। इससे किसी को पता नहीं चल पाता है कि किसने कितना दान दिया है।

भक्तों ने कहा कैशलेस प्रणाली से होगी देश की तरक्की

भक्तों ने कहा कैशलेस प्रणाली से होगी देश की तरक्की

वहीं, मंदिर में भगवान के दर्शन करने आई सीमा का भी यही मानना है कि प्रधानमंत्री ने देश को कैशलेस बनाने का सोचा है तो हम सब को उनका साथ देना चाहिए। इससे देश की तरक्की होगी। देश की तरक्की के लिए सबको आगे आना चाहिए। इसकी शुरुआत भगवान के घर से की है कोई भी अच्छा काम करने की शुरुआत भगवान के घर से ही की जाती है। पूरा देश कैशलेस होने के बाद कालाधन समाप्त हो जाएगा। ये प्रधानमंत्री की अच्छी पहल है। ये भी पढ़े: SBI ने सभी मोबाइल वॉलेट पर पैसे लोड करने की सुविधा को किया ब्लॉक

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