VIDEO: काशी में गाय बांधने पर बवाल, पथराव, आगजनी के बाद 150 लोगों के खिलाफ तहरीर
दो गायों को अपनी झोपड़ी से निकालकर बहार बांध दिया और अंदर मरम्मत करने का काम करा ही रहे थे की ये अफवाह फैला दी गई की मस्जिद की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से कंस्ट्रक्शन कराया जा रहा है।
वाराणसी। काशी के गंगा-जमुनी तहजीब को एक बार फिर वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों की सूझबूझ से बचाया जा सका। कल बीती देर रात वाराणसी के सिगरा थाने में ये बवाल हुआ था। बता दें कि काहेतर के लल्लापुरा इलाके के शिक्षक कॉलोनी के पास दो पक्ष मस्जिद की जमीन पर गाय बांधने को लेकर आमने-सामने आ गए। हालात इस तरह बिगड़ गए की एक पक्ष के लोगों ने वाराणसी के कैंट से BHU जाने वाले मार्ग को घंटों तक बाधित कर चक्का जाम कर दिया और ये सब हुआ अफवाह फैलाने की वजह से।

दरअसल मस्जिद की जमीन के बगल में मंटू सिंह नाम के एक व्यक्ति की गाय को रखने के लिए झुग्गी बनी थी जिसमें बरसात के कारण कीचड़ को गई थी। इसी को ठीक करने के लिए उन्होंने अपने दो गायों को अपनी झोपड़ी से निकालकर बहार बांध दिया और अंदर मरम्मत करने का काम करा ही रहे थे की ये अफवाह फैला दी गई की मस्जिद की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से कंस्ट्रक्शन कराया जा रहा है। जिसके बाद एक पक्ष के लोगों ने धीरे-धीरे करते हुए सिगरा थाने को घेर लिया और पुलिस पर पथराव और आगजनी करना शुरू कर दिया। हलाकि पहले तो पुलिस के जवानों की संख्या में कमी के कारण पुलिस को पीछे हटना पड़ा लेकिन जल्दी वाराणसी पुलिस के अधिकारियों के पुलिस, पीएसी, आरएएफ और सेंट्रल पैरामिलिट्री के जवानों को बुलाकर स्तिथि का नियंत्रित कर लिया।
क्या था पूरा मामला?
काशी विद्यापीठ के पास के एक धार्मिक स्थान के पास पेशे के अधिवक्ता मंटू सिंह की जमीन है। जहां तीन गायों का पालन टीनशेड लगवाकर की जाती रही है। बबलू सरदार ने बताया कि बरसात के कारण कीचड़ ज्यादा होने के चलते मंटू सिंह मिट्टी डालकर उसे गायों के रखने के लायक बना रहे थे कि तभी कुछ बाहरी लोगों ने आकर निर्माण की बात करते हुए विवाद शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई जिसके बाद उन लोगों ने हमारे झोपड़ी में आग लगा दी और तोड़फोड़ कर दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी?
वाराणसी के डीएम योगेश्वर राम सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर इस मामले को तूल देकर सब के अमन चैन को खराब करने की कोशिश की है। वहीं इसके लिए इन लोगों ने सोशल एप्स का भी इस्तेमाल किया है। फिलहाल स्तिथि को काबू में कर लिया गया है और उन लोगों की पहचान कराई गई है जिन्होंने ऐसे विवाद की अफवाह फैलाई है। वहीं इस मामले में देर रात 10 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर भी दी गई है। इसके आलावा डीएम ने ये भी कहा कि सावन महीने के कारण वाराणसी में कांवरियों के आने का सिलसिला रविवार से ही शुरू हो जाता है और ऐसे में इस मुद्दों पर हमने उन सभी हिस्सों को सील कर दिया था जहां से लोग जलाभिषेक के लिए आते हैं।












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