Sambhal Row: 'सीएम आदित्यनाथ- RSS की सुनियोजित साजिश', संभल हिंसा पर बोली कांग्रेस
Sambhal Row: उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के बाद कांग्रेस पार्टी ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर अराजकता के लिए ज़िम्मेदार होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बीजेपी-आरएसएस इस क्षेत्र में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए दोषी है।
प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलीबारी दिखाने वाले वीडियो को आदित्यनाथ और उनके सहयोगियों द्वारा "सुनियोजित साजिश" का सबूत बताया गया है।

सरकार के खिलाफ आरोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने स आरोप लगाया कि भाजपा का एकमात्र उद्देश्य शांति को बाधित करना था, न कि न्यायालय द्वारा आदेशित सर्वेक्षण की अनुमति देना या उसे रोकना। सर्वेक्षण में संभल में एक मुगलकालीन मस्जिद शामिल थी, जिसके कारण झड़पें हुईं, जिसके परिणामस्वरूप तीन लोगों की मौत हो गई और 20 सुरक्षाकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए।
खेड़ा ने आगे कहा, "'बटेंगे तो काटेंगे' का निंदनीय नारा देने वाले सीएम आदित्यनाथ के राज में उत्तर प्रदेश में कोई भी नागरिक 'सुरक्षित' नहीं है। आज संभल की बेहद निंदनीय घटनाओं से यह स्पष्ट है।"
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
खेड़ा ने दावा किया कि सर्वेक्षण टीम के साथ आए लोगों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई जिन्होंने हिंसा भड़काई। इस तरह की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि उपचुनावों के बाद हिंसक राजनीति में वृद्धि हुई है।
मुरादाबाद के संभागीय आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी और पुलिस अधिकारियों पर पत्थरबाजी की। जवाब में, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया। उपद्रवियों द्वारा चलाई गई गोलियों में कई अधिकारी घायल हो गए, जिनमें एक पीआरओ भी शामिल है, जिसके पैर में गोली लगी।
इंटरनेट निलंबन और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
इन घटनाओं के बाद संभल तहसील में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। जिला प्रशासन ने 25 नवंबर को 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए अवकाश भी घोषित कर दिया। ऑनलाइन प्रसारित तस्वीरों में शाही जामा मस्जिद के पास प्रदर्शनकारियों को छतों से पत्थर फेंकते हुए दिखाया गया है, जबकि पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास कर रही है।
खेड़ा ने भाजपा-आरएसएस पर सांप्रदायिक नफरत भड़काने और समुदायों को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर 'एक है तो सुरक्षित है' जैसे उनके विरोधाभासी नारों की आलोचना की। खेड़ा ने भाजपा से राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से अधिक राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
एकता की अपील
खेड़ा ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ मोहन भागवत के जून 2022 के बयान का पालन करेंगे जिसमें उन्होंने इतिहास न बदलने और धार्मिक स्थलों पर आंदोलन न करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि न तो मोदी और न ही आदित्यनाथ ने इस सवाल का जवाब दिया है।
राहुल गांधी ने अपने संदेश 'नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान' के ज़रिए लगातार नफ़रत के बीच मोहब्बत की वकालत की है। खेड़ा ने संभल के निवासियों से विभाजनकारी राजनीति को पहचानने और अपने अधिकारों की कानूनी रूप से रक्षा करते हुए एकता बनाए रखने की अपील की।
हाल की घटनाएं सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती हैं। संभल में हुई हिंसा की जिम्मेदारी को लेकर कांग्रेस और भाजपा-आरएसएस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं इसी तरह के विवादों से प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ती अशांति के बीच शांति की अपील जारी है।












Click it and Unblock the Notifications