अखिलेश की सिक्योरिटी में लगे NSG कमांडो ने समर्थकों को मुक्कों से पीटा, बेबस दिखे सपा सुप्रीमो
वाराणसी। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के वाराणसी पहुंचने पर समर्थकों की उनके करीब भीड़ इतनी एकत्रित हो गई कि अखिलेश का वहां से निकलना मुश्किल हो गया। उन्हें देखने की होड़ में धक्का-मुक्की होने लगी तो नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) कमांडो ने जगह बनाने की कोशिश में समर्थकों को पीट डाला। समर्थकों और कमांडो के बीच काफी देर तक झड़प होती रही, वहीं कवरेज करने आए पत्रकारों को भी बदसलूकी झेलनी पड़ी।

अखिलेश को झेलनी पड़ी फजीहत
संवाददाता के अनुसार, अखिलेश यादव गुरुवार को बनारस में सपा के जिलाध्यक्ष किशन दीक्षित के घर पहुंचे। वह वहां उनके पिता के बाईपास सर्जरी के बाद उनका हालचाल लेने गए थे। लेकिन घर के बाहर समर्थकों से घिरने के बाद एनएसजी कमांडों ने जगह बनाने के दौरान समर्थकों पर की मुक्कों की बौछार दी। सपाइयों के हो-हल्ला से सपा अध्यक्ष अखिलेश भी परेशान हो गए, क्योंकि वह 10-15 मिनट तक समर्थकों के बीच फंसे रहे। इस भगदड़ में खुद अखिलेश यादव ने सपा समर्थक का गिरा हुआ मोबाईल फोन दिया उठाकर उसे दिया। समर्थकों के बीच से अखिलेश को निकालने के लिए कमांडोज को हाथों से भीड़ को धक्के मारते हुए उन्हें गाड़ी तक पहुंचाना पड़ा।

संकरी गली बता हुई समझा-बुझाने की कोशिश
वहीं, जब मारपीट हुई तो सपाइयों में भगदड़ सी मच गई। मीडिया कर्मियों को भी धक्के खाने पड़े। अखिलेश यादव को शीघ्रता से किशन के मकान के अंदर ले जाया गया। बाहर निकले तो कमांडो ने बल-प्रयोग किया और मुश्किल से फॉर्चूनर गाड़ी तक पहुंचाया। पूरे मामले पर दारा नगर के पार्षद मनोज यादव ने कहा कि गलियां संकरी होने पर ऐसा होता है। उन्होंने समर्थकों से पूछा कि आप लोगों को कमांडो ने वाकई मारा पीटा है? उन्हें ये नहीं लगता। उन्होंने ये भी कहा कि वाराणसी प्रशासन की कमी है। उन्हें (अखिलेश यादव) यहां लाने की सूचना का प्रोटोकॉल दिया गया था, लेकिन जिला प्रशासन हल्के में लिया। अखिलेश ने बनारस में गोवर्धन पूजनोत्सव भी मनाया।
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