जिस दिन जानी थी बारात, उसी दिन घर से निकली दूल्हे की अर्थी
रायबरेली। उत्तर प्रदेश में रायबरेली के हरचन्दपुर के रहवा गांव में दूल्हा बनने से पहले ही परिवार के सपने बिखर गए। ओमप्रकाश निर्मल के घर में शुक्रवार को मंगल गीत गाए जा रहे थे। बारात की तैयारियां जोर-शोर के साथ चल रही थी। तभी मोबाइल पर आई मनहूस काल से शहनाई वाले घर में मातम छा गया। वहां हर तरफ से रोने-चीखने की आवाज गूंजने लगी। संदीप की दर्दनाक मौत की जिसने भी खबर सुनी वह अवाक रह गया।

शादी की खुशियों के बीच पसरा मातम
ओम प्रकाश के बड़े पुत्र संदीप की शादी फुरसतगंज थाना क्षेत्र के सरवन गांव निवासी धुन्नू की पुत्री मनीषा के साथ तय हुई थी। शुक्रवार को बारात जानी थी। घर नाते-रिश्तेदार से भरा था। लड़के की शादी के मांगलिक उत्सव की चारों तरफ खुशियां छाई थीं। लेकिन घर से हरचंदपुर निकला संदीप हमेशा हमेशा के लिए सभी को रोता-बिलखता छोड़ गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मार्ग दुर्घटना में संदीप की मौत की खबर घर पहुंची तो वृद्ध बाबा बाबूलाल,पिता ओमप्रकाश, मां मालती देवी, बहन डिंपल और छोटा भाई अरविंद कुमार बदहवास हो गए। घर में एकाएक ऐसा माहौल हो गया कि लोगों के गले से आवाज तक नहीं निकल रही थीं । रिश्तेदार परिजनों को संभालने में जुटे थे।

जिसने भी सुना, आंखों से आंसू निकल आए
मृतक की मां, बहन, भाई कई बार बेहोश हुये और उनके ऊपर पानी की छींटे मारकर उन्हें होश में लाया गया। संदीप की मौत की खबर जिसने भी सुनी, उनकी आंखें आंसुओं से भर आयीं। ओम प्रकाश के घर में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। घर परिवार के लोग उस मनहूस घड़ी को कोस रहे थे जब संदीप घर से निकला था।












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