महाकाल मंदिर में केमिकल वाले गुलाल से भभकी थी आग, कलेक्टर ने जांच के बाद मंदिर प्रशासक संदीप सोनी को हटाया
Ujjain Mahakal News: उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में होली के त्योहार वाले हुई घटना में भड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि आग केमिकल वाले गुलाल से ही भभकी थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज से सबूत मिला है। जांच कमेटी ने इस बारे में प्राथमिक जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को सौंपी है।
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में उत्पन्न आग की प्राथमिक जांच के सबूत के रूप में सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुआ है। कमेटी ने इस जांच का सारांश और रिपोर्ट जिला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को सौंपी है।

इसके बाद, कलेक्टर ने देर रात मंदिर प्रशासक संदीप सोनी को हटा दिया। फिलहाल, जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीणा को महाकाल मंदिर के प्रशासक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कलेक्टर सिंह ने कहा, 'फाइनल रिपोर्ट अभी बाकी है। गुलाल की जांच भी जारी है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही कह पाएंगे कि उसमें केमिकल था या नहीं?'
बात दे 25 मार्च को होली के मौके पर महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भस्म आरती के दौरान आग लगने की घटना सामने आई थी। इसमें पंडा-पुजारी सहित 14 लोग झुलस गए थे। कलेक्टर सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर मृणाल मीणा और एडीएम अनुकूल जैन को सौंपी गई थी।
जांच कमेटी ने 20 लोगों के बयान लिए और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला। फुटेज में दिखाई गई कि भस्म आरती के दौरान पंडे-पुजारी, मंदिर प्रतिनिधि, सेवक और श्रद्धालु हाथ और प्रतिबंधित प्रेशर पंप से गुलाल उड़ा रहे थे। ये सीधे गर्भगृह के द्वार और नंदी हाल तक पहुंच रहे थे। कलेक्टर ने कहा, 'गर्भगृह में 4 से 5 किलो हर्बल गुलाल ले जाना तय था। इसके बावजूद कई क्विंटल गुलाल अधिक मात्रा में ले गए, जिससे ये हादसा हुआ। सिंह ने बताया कि नियमों के खिलाफ गुलाल बाहर से लाने की भी बात सामने आई है। समिति ने माना है कि मंदिर प्रोटोकॉल और होली के नियम का उल्लंघन किया गया है।'












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