Olympics: 'मैं युद्ध में जा रही हूं,' ओलंपिक में दमखम दिखाने को तैयार हैं ज्योति, डेब्यू को लेकर कही ये बात
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 में दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भारतीय एथलीट अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार हैं। खेलों का ये महाकुंभ 26 जुलाई को उद्घाटन समारोह के साथ शुरू होगा, जिसका समापन समारोह 11 अगस्त को होगा। इस बार ज्योति याराजी (Jyothi Yarraji) ओलंपिक में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला होंगी।
रिकॉर्ड के साथ पक्का किया स्थान
दरअसल, इस साल की शुरुआत में फिनलैंड में मोटोनेट जीपी में सीधे ओलंपिक क्वालीफिकेशन मार्क से केवल 0.1 सेकंड से चूकने के बाद अपनी रैंकिंग के कारण उन्होंने 33वें ग्रीष्मकालीन खेलों में अपना स्थान पक्का किया। उन्होंने 12.78 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय की बराबरी की, जो राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

बुधवार को रिलायंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक बातचीत के दौरान ज्योति ने कहा कि वह अपने डेब्यू को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि दबाव भी होगा। ज्योति ने कहा कि, 'मुझे ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव नहीं है, लेकिन मुझे विश्वास है कि यह अच्छा होगा। मुझे एशियाई चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप का अनुभव है और मुझे उम्मीद है कि मैं वहां से अपने प्लस पॉइंट ओलंपिक में ले जाऊंगी।
दबाव के बीच करना होगा फोकस
उन्होंने आगे कहा कि, 'पेरिस में यह एक कठिन और गहन प्रतियोगिता होगी। दबाव तो होगा, लेकिन मैं अपनी दौड़ पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करूंगी ताकि मैं प्रशिक्षण में जो किया था, उसे दोहरा सकूं। मैं अब रिकवरी और मेडिटेशन पर ज़्यादा ध्यान दे रही हूं, ताकि मैं शांत और एकाग्र रहूं।'
ज्योंति ने कहा कि, 'अतीत में, मैंने अपने परिवार, अपने निजी जीवन और अपनी पृष्ठभूमि के कारण बहुत ज़्यादा सोचा, बहुत ज़्यादा चिंतित रही, लेकिन मैंने बहुत कुछ सीखा।' 'कभी-कभी मेरी स्थिति वाकई बहुत ख़राब होती है। मेरी मां हमेशा मुझसे कहती थी कि बस आगे बढ़ते रहो, क्योंकि हम वर्तमान, अतीत और भविष्य को रोक नहीं सकते। उसने मुझसे कहा, 'तुम अपने लिए काम करो, परिणाम जो भी हो, वह आएगा, हम उसे स्वीकार करेंगे'।
उन्होंने कहा कि, 'मेरी मां कभी भी प्रतियोगिता से पहले मुझे पदक जीतने, स्वर्ण पदक जीतने के लिए नहीं कहती। वह मुझसे कहती कि जाओ और स्वस्थ रहो और जो भी कर रही हूं, उससे संतुष्ट रहो। इसलिए मैं हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ती हूँ।'
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29 जुलाई को पेरिस ओलंपिक में दम दिखाएंगी ज्योति
उन्होंने आगे कहा कि, 'तो, बात यह है कि अब मुझे लगता है कि मैं युद्ध में जा रही हूं। इसलिए मुझे जो कर रही हूं, उसमें बहुत, बहुत, बहुत अच्छा होना चाहिए। मैं दौड़ के बाद अपनी गलतियों के बारे में नहीं बताना चाहती। मैं इसे अभी ठीक करना चाहती हूं। इसलिए यही कारण है कि मैं अपनी सीमाओं को आगे बढ़ा रही हूं। इस चरण के लिए जो भी संभव है, मैं सर्वश्रेष्ठ बनने की कोशिश कर रही हूं।' फिलहाल, ज्योति पोलैंड में प्रशिक्षण ले रही हैं और 29 जुलाई को पेरिस जाने से पहले सप्ताहांत में एक दौड़ में भाग लेंगी।












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