'यही हाल रहा तो,' दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के बाद स्टेडियम का हुआ बुरा हाल, यूजर्स ने जमकर लगाई क्लास
नई दिल्ली में दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) के दो दिवसीय कॉन्सर्ट ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN) को तहस-नहस कर दिया है, जो विभिन्न खेलों के एथलीटों के लिए देश का टॉप ट्रेनिंग ग्राउंड है। जब एथलीट सोमवार की सुबह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो वे स्टेडियम और ट्रेनिंग फैसिलिटी की स्थिति देखकर हैरान रह गए।
स्टेडियम में मिलीं बीयर की बोतलें और कूड़े के ढेर
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अगले दिन बीयर की बोतलें, कूड़े के ढेर, प्लास्टिक की थैलियां हर जगह बिखरी हुई थीं, जिससे वहां सांस लेना भी असंभव हो गया था, ट्रैनिंग तो दूर की बात है। 26 और 27 अक्टूबर, 2024 को होने वाले इस कार्यक्रम के कारण स्टेडियम का बुरा हाल हो गया, जिससे एथलीटों के ट्रेनिंग के माहौल पर बहुत बुरा असर पड़ा।

प्रतियोगिताओं की तैयारी में बाधा
नुकसान इतना व्यापक था कि स्टेडियम के ट्रैक को 10 दिनों से अधिक समय तक बंद रखना पड़ा, जिससे एथलीटों को मुख्य स्थल के बाहर कम रखरखाव वाले वार्म-अप ट्रैक पर स्थानांतरित होना पड़ा। इस स्थानांतरण ने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप और ऑल इंडिया पुलिस चैंपियनशिप जैसी आगामी प्रतियोगिताओं की उनकी तैयारी में बाधा उत्पन्न की।
उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया
कॉन्सर्ट के बाद की घटनाओं ने न केवल एथलीटों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को बाधित किया, बल्कि एथलेटिक्स उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया। वीडियो साक्ष्यों से पता चला कि ताले तोड़े गए।
दिल्ली राज्य और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदक विजेता अजीत और यूथ एशिया 800 मीटर चैंपियन बेअंत सिंह सहित एथलीटों ने अपने प्रशिक्षण मैदान के प्रति दिखाए गए अनादर पर अपनी निराशा और चिंता व्यक्त की, स्टेडियम के महत्व और इसके प्रति उनके सम्मान पर जोर दिया।
यूजर्स ने जमकर लगाई लताड़
मैदान से एक एथलीट ने वीडियो बनाकर कहा कि, यहां पर लोग दारू पीकर नाच गाना करते हैं, और दस-दस दिन के लिए स्टेडिमय बंद रहता है। बच्चों का सामान तोड़फोड़ कर फेंक दिया जाता है, और फिर चार साल बाद लोगों को याद आता है कि भारत को ओलंपिक में मेडल क्यों नहीं मिलते हैं। इसलिए नहीं मिलते हैं क्योंकि स्पोर्ट्स पर्सन को जो इज्जत और सपोर्ट मिलना चाहिए वो नहीं मिलता है।
एक दूसरे यूजर ने लिखा, इन लोगों को क्या पता कि इस ट्रैक की हमारी नजरों में कितनी रिस्पेक्ट है। एक अन्य ने लिखा कि गंदगी फैलाने वाले हम और आप लोग ही हैं, जिन्होंने कॉन्सर्ट का टिकट मिलने का बाद ऐसे रिएक्ट किया जैसे उन्हें भगवान मिल गए हों।
स्टेडियम से इस कारण छिना क्लास 1 का दर्जा
जेएलएन स्टेडियम, जो 1982 के एशियाई खेलों और 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल था, ने सिंथेटिक ट्रैक के अनुचित तरीके से दोबारा बिछाने के कारण विश्व एथलेटिक्स से अपना क्लास 1 का दर्जा खो दिया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने इस स्थल को राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अधिसूचित नहीं किया है, जो एथलेटिक प्रशिक्षण के लिए स्टेडियम के मानकों में गिरावट को दर्शाता है।
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हालांकि, इस दृष्टिकोण ने एथलेटिक प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं पर निजी आयोजनों को प्राथमिकता देने के बारे में चिंताएं उठाई हैं। SAI ने कॉन्सर्ट के शेड्यूलिंग का बचाव करते हुए कहा कि उस समय कोई प्रशिक्षण शिविर निर्धारित नहीं होने के कारण इसे अनुमति दी गई थी।












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