Pro Kabaddi League: क्या है गुजरात जायंट्स की कमजोरी और मजबूती? किस विभाग में है खतरा
PKL, Gujarat Giants: प्रो कबड्डी लीग में दो बार की रनर अप रही गुजरात जायंट्स टीम इस बार ख़िताब जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगाने वाली है। चार बार गुजरात ने प्लेऑफ़ तक का सफर तय किया है। छह सीजन में चार बार वहां तक जाना बड़ी उपलब्धि है। यह टीम निरंतरता के मामले में आगे है।
पिछले सीजन गुजरात को एलिमिनेटर में हरियाणा स्टीलर्स के सामने हार का सामना करना पड़ा था। राम मेहर सिंह की कोचिंग में यह टीम इस बार कुछ बड़ा करने का प्रयास करेगी। राम मेहर ने पटना पाइरेट्स को कोचिंग दी है। गुजरात ने ऑक्शन में अग्रेसिव होकर भाग लिया था और एक मजबूत टीम बनाई है।

मजबूत पक्ष
गुजरात जायंट्स का सबसे मजबूत पक्ष इस सीजन उनका रेडिंग विभाग लग रहा है और गुमान सिंह रेडिंग में टीम के लीडर हो सकते हैं। प्रतीक दहिया और राकेश भी टीम में शामिल हैं। तीनों मिलकर टीम को एक अलग लेवल पर लेकर जा सकते हैं। रेडिंग में गुजरात धमाल मचाए, तो हैरानी नहीं होनी चाहिए।
क्या है कमजोरी
जिस तरह जायंट्स का मजबूत पक्ष रेडिंग में है, उसी तरह डिफेंस में कमजोरी उजागर हो जाती है। यहाँ खास तैयारी नजर नहीं आ रही है। सोमबीर और नीरज के अलावा डिफेंस में अन्य प्लेयर्स उस स्तर के नहीं हैं। डिफेंस के लिए गुजरात ने नितेश, मनुज, मोहित, हर्ष लाड जैसे खिलाड़ी खरीदे थे। उनके ऊपर डिफेंस विभाग का पूरा दारोमदार होगा।
अवसर
यहाँ गुजरात के पास टैकल करने में अपना ध्यान केन्द्रित करना होगा, वहां मोहम्मद नब्बीबख्श और बालाजी डी को अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उनके अलावा डिफेंस विभाग में नीरज कुमार के पास भी मौका होगा। नब्बीबख्श दोनों छोर से अपना जलवा बिखेर सकते हैं लेकिन अन्य प्लेयर्स को भी तैयार रहना होगा।
खतरा
गुजरात के डिफेंस और रेडिंग दोनों विभाग में अनुभव की कमी दिखाई देती है। यह मामला टीम के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है। कई बार करीबी मैचों में अपना पूरा अनुभव का इस्तेमाल कर जीत दर्ज करनी होती है। गुजरात की यह कमी रही है और उनको करीबी मैचों में जीत दर्ज करने की कला सीखनी होगी।












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