T20 World Cup 2022: विराट कोहली की पारी देख रवि शास्त्री को याद आई सचिन की पारी, बोले- अब कहने को कुछ नहीं बचा

विराट कोहली, जिसके नाम में ही विराट हो और उसने एक नहीं कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हो, उसपर जिस तरह से पिछले कुछ समय से सवाल खड़े हो रहे थे, वो सारे सवाल ऑस्ट्रेलिया के एमसीजी में धरे रह गए। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में विराट कोहली ने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए ना सिर्फ विश्वकप में भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई बल्कि अपने आलोचकों को भी चुप कर दिया है। टीम इंडिया के कोच रह चुके रवि शास्त्री ने विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि मुझे उनकी इस पारी को देखकर आश्चर्य नहीं है।

अब कहने को कुछ नहीं

अब कहने को कुछ नहीं

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में रवि शास्त्री ने कहा कि मैं आश्चर्यचकित नहीं था, मैं इसका इंतजार कर रहा था। मुझे पता था ऑस्ट्रेलिया में यह होगा। विराट कोहली के रिकॉर्ड को देखिए ऑस्ट्रेलिया में। यहां की पिच उन्हें भाती है, पाकिस्तान के खिलाफ मैच में बड़े मौकों पर विराट कोहली का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। यह सब जब हो रहा था तो मैं भावुक हो रहा था, मैंने देखा है वह किन चीजों से होकर गुजरे हैं, पिछले एक-दो साल उनके लिए काफी मुश्किल भरे रहे हैं। अंत में अब मेरे पास कुछ भी कहने के लिए नहीं है। सच कहूं तो कुछ भी कहने को नहीं है। हम ऐसे देश के लोग हैं जो सबकुछ बहुत जल्द भूल जाते हैं। हम मिनटों में बदल जाते हैं। कोहली को पता है कि मैं क्या महसूस कर रहा हूं। मुझे पता है कि वह क्या महसूस कर रहे हैं। अब कहने को कुछ है ही नहीं।

कोहली के शॉट की तुलना सचिन से की

कोहली के शॉट की तुलना सचिन से की

रवि शास्त्री ने कहा कि मुझे 1985 का वर्ल्ड चैंपियनशिप याद आ रही है, जब हमारा पहला मैच एमसीजीप में पाकिस्तान के खिलाफ था हम जीते, हम उन्हें फिर से फाइनल में हराएंगे। अगर भारत-पाकिस्तान फाइनल में पहुंचते हैं तो यह जबरदस्त होगा। मैंने कई साल भारत के लिए खेला और भारत-पाकिस्तान के मैच को देखा, लेकिन कोहली ने हैरिस राउफ की दो गेदों पर जो दो छक्के मारे, वह किसी भी भारतीय बल्लेबाज के महानतम शॉट में से एक हैं। उसकी तुलना सिर्फ सचिन तेंदुलकर के 2003 के विश्वकप से की जा सकती है जो उन्होंने शोएब अख्तर के खिलाफ पुल शॉट मारा था। वसीम अकरम, वकार यूनुस और शोएब अख्तर के खिलाफ सचिन ने कई बेहतरीन शॉट खेले हैं। उसके बाद विराट कोहली की यह पारी, मेरे लिए दोनों की पारी सबसे बेहतरीन पारियों में से एक है। जो जबरदस्त तेज गेंदबाजों के खिलाफ खेली गई।

मुश्किल दौर से गुजरे हैं खिलाड़ी

मुश्किल दौर से गुजरे हैं खिलाड़ी

अगर आपको समझना है कि विराट कोहली ने यह कैसे किया, तो हमे उसे ब्रेक को याद करना होगा, जो विराट कोहली ने लिया था। उन्होंने ना सिर्फ कप्तानी बल्कि पूरी तमाशे से ब्रेक लिया था। पिछले दो साल हर खिलाड़ी के लिए महामारी के दौरान मुश्किलभरे रहे हैं। मैंने इसका असर हर किसी पर होते देखा है। बेन स्टोक इसका बेहतरीन उदाहरण हैं, उन्होंने अपना अनुभव साझा किया। मैं इसके लिए उनका सम्मान करता हूं, मैंने उस वक्त कहा था उनके साथ कई और लोग भी इस तरह के दौर से गुजर रहे होंगे।

 चुप कर दिया ना सबको

चुप कर दिया ना सबको

रवि शास्त्री ने कहा कि जब मैंने आईपीएल में विराट कोहली को संघर्ष करते देखा, मुझे लगा कि उन्हें ब्रेक लेना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हें ब्रेक लेना चाहिए था। आखिरकार मैं डॉक्टर का बेटा हूं। उनके पास एक महीने का मौका था खुद के भीतर देखने का। जब वह एशिया कप से वापस आए, मैं उनके फुट मूवमेंट को लेकर बिल्कुल चिंतित नहीं था। मैं सिर्फ उनकी बॉडी लैंग्वेज को देख रहा था। मैंने उनके अंदर ठहराव देखा, मुझे पता था कि वह सही ट्रैक पर हैं, जैसा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ मैच में दिखे। विराट कोहली के साथ मेरा साथ अब 8 साल पुराना हो चुका है। चूंकि मैं जिस वक्त कोच था और कोहली कप्तान थे उनके साथ मेरी करीबी काफी बढ़ गई थी। मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि मेरी विराट कोहली से कोई अपेक्षा नहीं है, उन्हें अपनी जिंदगी के मजे लेने दीजिए। मीडिया और आलोचकों ने उनपर बहुत दबाव डाला है, लेकिन उन्होंने बता दिया कि वह क्या हैं, चुप कर दिया सबको।

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