शेन वॉर्न की मौत पर सुनील गावस्कर बोले- नहीं थे वो सबसे महान स्पिनर
नई दिल्ली। क्रिकेट जगत के फैन्स के लिये यह हफ्ता काफी दुखदायक रहा है। शुक्रवार को जब सारे फैन्स भारत-श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के सबसे पुराने प्रारूप का लुत्फ उठा रहे थे, तभी ऐसी खबर आयी जिसने दुनिया भर के फैन्स को झकझोर कर रख दिया। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर और फिरकी के जादूगर के नाम से मशहूर शेन वॉर्न जो कि थाइलैंड स्थित अपने विला में छुट्टियां मना रहे थे, उनका महज 52 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शेन वॉर्न के निधन की खबर से न सिर्फ फैन्स बल्कि कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेटर भी हिल गये।

शेन वॉर्न के निधन की खबर आते ही सोशल मीडिया पर मैसेजेस की बाढ़ गई, जिसमें फैन्स और पूर्व क्रिकेटर्स उनकी मौत की खबर पर अपनी हैरानी और दुख जताते हुए नजर आये। इतना ही नहीं अगले दिन शनिवार को जब दुनिया भर में टीमें मैदान पर उतरी तो उन्होंने इस दिग्गज को श्रद्धांजलि देने के लिये अपने हाथ पर काली पट्टी बांधी। वार्न को श्रद्धांजलि देने वालों में कई भारतीय दिग्गज भी शामिल रहे।
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गावस्कर के बयान से मची खलबली
इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने शेन वॉर्न को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसके चलते सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय बल्लेबाजी के दिग्गज स्टार सुनील गावस्कर का मानना है कि शेन वॉर्न ने अपने करियर के दौरान कई जादुई गेंद फेंकी और स्पिन गेंदबाजी में महारत हासिल की लेकिन इसके बावजूद उन्हें क्रिकेट का महानतम स्पिनर नहीं कहा जा सकता है।
शेन वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिये 1992 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, जिसके बाद उन्होंने अपने करियर में 145 टेस्ट मैच खेलकर 708 विकेट अपने नाम किये थे। इस दौरान उन्होंने 194 वनडे मैचों में भी शिरकत की और 293 विकेट चटकाये।

सबसे महान स्पिनर नहीं हैं शेन वॉर्न
इंडिया टुडे को दिये गये एक इंटरव्यू में जब सुनील गावस्कर से इस ऑस्ट्रेलियन दिग्गज के बारे में पूछा गया कि क्या वो दुनिया के महानतम स्पिन गेंदबाज थे, तो उन्होंने श्रीलंका के मुथैया मुरलीथरन और भारत के कुछ दिग्गज स्पिनर्स को उनसे बेहतर बताया और कहा कि वो सबसे महान स्पिनर नहीं थे।
उन्होंने कहा,'नहीं मैं ऐसा नहीं कह सकता, मेरे लिये भारतीय स्पिनर्स और मुथैया मुरलीथरन की गेंदबाजी शेन वॉर्न से काफी बेहतर थी, क्योंकि जब आप शेन वॉर्न का भारत के खिलाफ रिकॉर्ड देखते हैं तो वो काफी औसत नजर आता है। भारत में उन्हें सिर्फ एक बार ही 5 विकेट हॉल मिला है वो भी नागपुर के मैदान पर, वो भी इस वजह से क्योंकि जहीर खान ने बाहर जाती गेंद पर जबरदस्ती शॉट मारा था और उन्हें 5 विकेट हॉल तक पहुंचाया था। वो भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ ज्यादा सफल नहीं थे जो कि स्पिन के अच्छे खिलाड़ी माने जाते हैं, इस वजह से मैं उन्हें सबसे महान स्पिनर नही कहूंगा।'

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में हो रही है गावस्कर की आलोचना
सुनील गावस्कर ने आगे बात करते हुए कहा कि मेरी नजर में मुथैया मुरलीथरन उनसे ज्यादा बेहतर स्पिन गेंदबाज हैं क्योंकि उनका भारत के खिलाफ भी रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। उल्लेखनीय है कि मुरलीथरन ने अपने टेस्ट करियर में 800 विकेट हासिल किये जो कि वॉर्न (708) से ज्यादा है। गावस्कर ने अपने बयान में वॉर्न की गेंदबाजी की तारीफ भी की है लेकिन उनके पिछले बयान से ऑस्ट्रेलियन मीडिया में काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जिनका मानना है कि ऐसे समय पर उनकी आलोचनात्मक टिप्पणी सही नहीं थी।

वॉर्न की तारीफ में जाने क्या बोले गावस्कर
गावस्कर ने वॉर्न की तारीफ करते हुए कहा,'उन्होंने स्पिन गेंदबाजी की उस कला में महारत हासिल की जो कि काफी मुश्किल है। उन्होंने कलाई की स्पिन गेंदबाजी करते हुए 700 से ज्यादा टेस्ट विकेट चटकाये और वनडे में भी काफी शानदार गेंदबाज रहे। फिंगर स्पिन काफी आसान होती है क्योंकि गेंदबाज के पास इस पर ज्यादा कंट्रोल होता है और वो जैसी चाहे वैसी गेंद फेंक सकता है, लेकिन कलाई की स्पिन गेंदबाजी वो भी लेग स्पिन बहुत ही ज्यादा कठिन है। उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की उसने क्रिकेट में एक जादू पैदा किया। वो जिस तरह से जादुई गेंदे फेकंते थे यही वो कारण है कि वो आज भी दुनिया भर में इतने ज्यादा याद किये जाते हैं।'












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