कैसे सुलझेगा गांगुली बनाम कोहली का विवाद, गौतम गंभीर ने बताया तरीका

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर अपने बेबाक अंदाज और खुले विचारों के लिये अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और सौरव गांगुली के बीच हुए विवाद ने भी खेल जगत में काफी चर्चा बटोरी थी, जिसको लेकर दुनिया भर के खिलाड़ी अपनी-अपनी राय देते हुए नजर आ रहे थे। अब इसी मामले पर गौतम गंंभीर ने भी अपनी राय दी और पिछले महीने के दो सबसे विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिये अपनी राय दी है और बताया है कि कैसे लोगों के बीच बिना आये इस मुद्दे को खत्म किया जा सकता है।
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उल्लेखनीय है कि विराट कोहली ने टी20 विश्वकप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया था, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे प्रारूप की कप्तानी से हटा दिया था। इसको लेकर सौरव गांगुली ने बयान दिया था कि जब कोहली टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ रहे थे तो उन्होंने खुद फोन कर उनसे ऐसा न करने की बात कही थी लेकिन जब कोहली ने फैसला नहीं माना तो चयनकर्ता सीमित ओवर्स में एक ही कप्तान रखना चाहते थे और इसी वजह से रोहित को कमान सौंपी गई।
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टेस्ट कप्तानी छोड़ने से मचा बवाल
हालांकि जब साउथ अफ्रीका दौरे पर जाने से पहले विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो उनके बयान ने तहलका मचा दिया क्योंकि उन्होंने साफ किया कि किसी ने भी उन्हें कप्तानी नहीं छोड़ने के लिये नहीं कहा।
इतना ही नहीं विराट कोहली ने यह भी बताया कि किसी ने उनसे वनडे प्रारूप की कप्तानी से हटाने के बारे में नहीं बताया। ऐसे में जब कोहली का बयान गांगुली से अलग आया तो यह अटकलें लगाई जाने लगी कि दोनों के बीच सबकुछ सही नहीं है। इन अटकलों को जोर उस वक्त मिला जब साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारने के बाद विराट कोहली ने टेस्ट की कप्तानी छोड़ने का भी ऐलान कर दिया।

ऐसे सुलझा सकती थी बीसीसीआई पूरा विवाद
इसी मुद्दे पर बात करते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि कोहली-गांगुली के बीच का विवाद उन मुद्दों में से है जिसे आंतरिक रूप से सुलझा लेना चाहिये था और गहराई के मामले में उतना बड़ा नहीं था। गंभीर ने आगे बात करते हुए कहा कि उनकी नजर में यह बड़ा विवाद नहीं था लेकिन जिस तरह से इसे बनाया गया और 2 महीने तक चलाया गया, उस हिसाब से इसका बहुत आसान सा हल निकाला जा सकता था।
टाइम्स नाउ से बात करते हुए गंभीर ने कहा,'मुझे लगता है कि यह चीजें बंद दरवाजों के पीछे सुलझायी जा सकती थी। यह एक आंतरिक जंग थी। यह बहुत सारे चैनल्स के लिये अच्छी खासी टीआरपी बटोरने का जरिया था जो कि ठीक है, लेकिन जब आप इस पर गहराई से सोचते हो तो इसे आसानी से समाप्त किया जा सकता था। यह कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं था।

विराट को नहीं छोड़नी चाहिये थी टेस्ट की कमान
इस दौरान गौतम गंभीर ने विराट कोहली की टेस्ट कप्तानी की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्हें टेस्ट प्रारूप की कप्तानी नहीं छोड़नी चाहिये थी। वह अभी इस प्रारूप में थोड़ा लंबे समय तक कमान संभाल सकते थे। गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने अभी तक भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान के नाम का ऐलान नहीं किया है जबकि रोहित शर्मा और केएल राहुल प्रमुख उम्मीदवार के रूप में सबसे आगे बने हुए हैं।
उन्होंने कहा,'सच कहूं तो मुझे कोई विवाद नजर नहीं आया। कप्तानी की बात करूं तो मुझे लगता है कि विराट को टेस्ट प्रारूप की कप्तानी जारी रखनी चाहिये थी। लेकिन सीमित ओवर्स प्रारूप में जब उन्होंने टी20 की कमान छोड़ दी तो वनडे प्रारूप के बारे में इतना नहीं सोचना चाहिये था। बीसीसीआई और चयनकर्ताओं ने सीमित ओवर्स प्रारूप में सही फैसला लिया। लेकिन टेस्ट प्रारूप से कप्तानी छोड़ने का फैसला विराट का अपना है जिसे उन्हें जारी रखना चाहिये था।'












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