'अगर वो पोंटिंग न होता तो मैं उसका गला काट देता', शोएब अख्तर ने सुनाया 24 साल पुराना किस्सा
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की टीम पाकिस्तान के खिलाफ इस समय 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिये पहुंची है, जिसके पहले दोनों मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। 1998 के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली बार पाकिस्तान दौरे पर पहुंची है, जहां पर रावलपिंडी में खेला गया पहला टेस्ट मैच खराब पिच का शिकार हुआ तो वहीं पर करांची के मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने बचाया जिन्होंने दूसरी पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए अपनी टीम को हार से बचाया।

करांची टेस्ट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कई दिग्गज खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने पुराने दिनों को याद करते नजर आ रहे हैं, जब दोनों टीमों के बीच काफी तीखी तकरार देखने को मिलती थी। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी ऐसे ही 24 साल पुरानी एक घटना को याद किया और बताया कि कैसे रिकी पोंटिंग के साथ उनकी झड़प खतरनाक मोड़ ले सकती थी।

1999 में अख्तर ने फेंका था सबसे तेज स्पेल
शोएब अख्तर ने 1999 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची पाकिस्तान टीम के पर्थ में खेले गये टेस्ट मैच को याद किया जहां पर पोंटिंग और अख्तर के बीच बेहद शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली थी। जस्टिन लैंगर और एडम गिलक्रिस्ट की ओर से होबार्ट में खेले गये टेस्ट मैच की चौथी पारी में खेली गयी आतिशी पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने 369 रन के स्कोर को आसानी से चेज कर लिया और पाकिस्तान की टीम को सीरीज में 2-0 से पीछे छोड़ दिया। इसके बाद पर्थ की उछाल भरी पिच ने तेज गेंदबाजों के लिये बेहद शानदार मंच तैयार किया जिसका शोएब अख्तर पूरा फायदा उठाने को तैयार नजर आये। अख्तर ने अपनी सबसे तेज गेंदों को फेंकते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम पर कहर बरसाया और अकेले दम पर अपनी टीम को मैच में वापस लाने की कोशिश करते नजर आये।

पोटिंग की जगह कोई और होता तो कट जाता गला
सिडनी मोर्निंग हेराल्ड को दिये एक इंटरव्यू में अख्तर ने कहा,'उस टेस्ट मैच के दौरान मैंने सोचा कि जब कुछ नहीं हो रहा है तो चलो किसी को चोटिल कर दिया जाये। यही वजह थी कि मैंने सबसे तेज गेंदबाजी का वो स्पेल फेंका। मैं देखना चाहता था कि क्या रिकी पोंटिंग मेरी गति को मैच कर पाते हैं। मैं जानबूझकर बाउंसर गेंद फेंक रहा था ताकि मैं यह देख सकूं कि क्या मैं उन्हें झेला सकता हूं। उससे पहले मैं कभी पोंटिंग को सिर्फ अपनी स्पीड के दम पर बीट नहीं कर सका था। अगर वो रिकी पोंटिंग नहीं होते तो शायद तो मैं उनका गला काट देता क्योंकि मेरी गेंद हद से ज्यादा तेज थी।'

ऑस्ट्रेलियाई पसंद करते हैं मेरा एटिट्यूड
शोएब अख्तर ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गई अपनी पहली टेस्ट सीरीज को भी याद किया जब कंगारू टीम 1998 में पाकिस्तान के दौरे पर आयी थी। अख्तर का मानना है कि भले ही वो आक्रामक मानसिकता के साथ दूसरी टीम के बल्लेबाजों को चोट पहुंचाने के बारे में सोच रहे थे लेकिन उनकी खतरनाक बाउंसर और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके एटिट्यूड को काफी ज्यादा सराहा गया।
उन्होंने कहा,'ऑस्ट्रेलियाई मुझे पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं वो पाकिस्तानी गेंदबाज हूं जिसमें ऑस्ट्रेलियाई एटिट्यूड है। मैंने उन्हें 2005 की सीरीज में ये दिया। मेरे और जस्टिन लैंगर के बीच लड़ाई हुई, मेरे और हेडेन के बीच लड़ाई हुई, यह जुबानी जंग थी न कि शारीरिक, मैं उन्हें अपना टैलेंट दिखाना चाहता था साबित करना चाहता था कि मैं उनसे बेहतर हूं। उन्हें वहां पर योद्धा चाहिये, आजकल का क्रिकेट काफी सॉफ्ट हो गया है, मुझे अब आक्रामक खेल नजर नहीं आता है, न जानें क्यों, मैं थोड़ा पुराने ख्यालात वाला हूं जैसे कि इयान चैपल। मैं गेंदबाज के लिये असंख्य बाउंसर्स चाहता हूं। शरीर पर गेंदबाजी करना लागू होना चाहिये क्योंकि मैं थोड़ा चरित्र चाहता हूं। मैं ब्रेट ली और रिकी पोंटिंग के साथ बेस्ट फ्रेंड रह चुका हूं।'

सबसे बेहतरीन जगह है ऑस्ट्रेलिया
गौरतलब है कि शोएब अख्तर अपने करियर के शुरूआती दौर में ऑस्ट्रेलिया में ही रहते थे। अख्तर ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई फैन्स से मिला प्यार काफी शानदार रहा है। ब्रिस्बेन में जेफ थॉमसन का घर मेरे दूसरे घर जैसा था। दुख की बात रही कि मेरी मां का निधन दो महीने पहले हो गया लेकिन वो ऑस्ट्रेलिया गयी थई और उन्हें वहां से प्यार था। यह सबसे बेहतरीन जगह है।












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