सीनियर भारतीय खिलाड़ी की इच्छा, अजीत आगरकर बनें वर्ल्ड कप 2023 तक गेंदबाजी कोच
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में नए युग की शुरूआत हुई है। रोहित शर्मा तीनों फाॅर्मेट के कप्तान बने हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को आईसीसी ट्राॅफी जीतने की पूरी उम्मीद है। वहीं नए कोच राहुल द्रविड़ की भूमिका ने टीम में हाल ही में विंडीज को सीमित ओवरों की सीरीज के सभी मैचों में पटखनी दी। अब खबर आ रही है कि एक सीनियर भारतीय खिलाड़ी की इच्छा है कि उनका गेंदबाजी कोच पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर जो कम से कम वर्ल्ड कप 2023 तक टीम के साथ बने रहें।

टीम के मौजूदा गेंदबाजी कोच पूर्व भारतीय सीमर पारस म्हाम्ब्रे हैं। वहीं 44 वर्षीय अजीत अगरकर वर्तमान में एक विशेषज्ञ और टीवी कमेंटेटर के रूप में काम कर रहे हैं। 2021 में अगरकर बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता बनने के लिए पसंदीदा में से एक थे। हालांकि, चेतन शर्मा को पहल दी गई थी। एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से कहा, "सीनियर खिलाड़ी, जो अब भारतीय क्रिकेट में फैसले लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अगरकर जैसा अनुभवी खिलाड़ी को बताैर गेंदबाजी कोच चाहता है। साथ ही चाहता है कि वे 2023 वनडे विश्व कप तक गेंदबाजों का मार्गदर्शन करे। म्हाम्ब्रे एक अच्छे गेंदबाजी कोच हैं और भारत ए, भारत अंडर -19 और तेज गेंदबाजों में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में उभरते गेंदबाजों की देखभाल कर सकते हैं।''
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बता दें कि अगरकर ने 1998 और 2007 के बीच भारत का प्रतिनिधित्व किया। गेंदबाजी ऑलराउंडर ने कुल 28 टेस्ट, 191 वनडे और चार T20आई मैच खेले और तीनों प्रारूपों में कुल 349 विकेट लिए। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और दिल्ली डेयरडेविल्स (डीडी) का भी प्रतिनिधित्व किया। अगरकर ने 42 मैचों में 39.69 की औसत से 29 विकेट लेने के बाद अपना आईपीएल करियर समाप्त किया।
इसके अलावा अगरकर वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में तीसरे नंबर पर हैं। वनडे में गेंद के साथ पेसर का सबसे शानदार प्रदर्शन 2004 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में शक्तिशाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया था। हालांकि, मेन इन ब्लू वह प्रतियोगिता हार गया, लेकिन अगरकर ने केवल 42 रन देकर छह विकेट हासिल किए। गेंद को नई और पुरानी दोनों तरह से स्विंग कराने के अपने कौशल के लिए जाने जाते हैं। 44 साल के इस खिलाड़ी को तब तेज-तर्रार ऑलराउंडर माना जाता था, जिसकी तलाश भारत काफी लंबे समय से कर रहा था। उन्होंने 2002 में लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में एक शानदार टेस्ट शतक भी लगाया था।












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