'अगर मैं कोच होता तो ऐसी बल्लेबाजी नहीं करने देता', KL राहुल पर बरसा पूर्व दिग्गज
नई दिल्ली। केएल राहुल की अगुवाई वाली लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के खिलाफ 14 रन की हार के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 से बाहर हो गई थी। 207 रनों का पीछा करते हुए लखनऊ ने 20 ओवरों में 193 रन बनाए। राहुल ने 58 गेंदों में 79 रनों की पारी खेली, लेकिन उसपर पानी फिर गया।

आरसीबी के खिलाफ राहुल की पारी में तीन चौके और पांच छक्के लगे और जोश हेजलवुड की गेंद सीधे शाहबाज अहमद के हाथों कैच होने के बाद समाप्त हुई। राहुल के लिए एक सलाह साझा करते हुए मांजरेकर ने कहा कि अगर वह उनके कोच होते तो वह उनसे तेज बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहते, न कि अधिक समय तक क्रीज पर टिकने के लिए कहते।
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मांजरेकर ने कहा, "केएल राहुल के पास मैच खत्म करने की क्षमता है। हर बार जब उन्होंने बड़े शॉट खेलने का फैसला किया, तो वह सफल हुए हैं। उन्होंने हेजलवुड के खिलाफ कुछ शानदार शॉट खेले। वह जब चाहें तब ऐसा कर सकते हैं। लेकिन उनका रवैया या एक दृष्टिकोण यह है कि वह अधिक समय तक बल्लेबाजी करना चाहते हैं। और अगर मैं राहुल का कोच होता, तो मैं उसे ऐसी बल्लेबाजी नहीं करने देता, भले ही वह कप्तान हो। जिन टीमों के लिए उन्होंने खेला है, उनके लिए, हमने कई मैचों में परिणाम देखे हैं जहां केएल राहुल अगर लंबे समय तक खेलने के बजाय तेज बल्लेबाजी करते हैं तो टीम को काफी फायदा होता था।"
मांजरेकर ने यह भी कहा कि उनकी धीमी पारी के कारण जो फिनिशर होते हैं उनको ज्यादा खेलने का समय नहीं मिलता। मांजरेकर ने कहा, "क्विंटन डी कॉक का विकेट बहुत अहम था क्योंकि इसके बाद केएल राहुल दबाव नहीं बना पाए। केएल राहुल की पारी कुछ ऐसी है जिसे हमने पहले देखा है, जब वह पंजाब किंग्स के कप्तान थे, तो टीम लक्ष्य का पीछा करने से अंत में चूक जाती थी। आप राहुल को अंत तक क्रीज पर देखते हैं। उन्होंने तीन या चार विकेट गंवाए होते थे और निकोलस पूरन व एविन लुईस आखिरी दो ओवरों में आते हैं पर मैच फिनिश नहीं कर पाते थे। अब यहां भी क्रुणाल और स्टोइनिस थे जो मैच खत्म कर सकते हैं, लेकिन इससे पहले राहुल को तेज खेलना होगा।''












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