Iran vs America: ट्रंप की धमकी के आगे नहीं झुका ईरान! राष्ट्रपति पेजेश्कियान बोले- 'सरेंडर नहीं करेंगे'
Iran vs America: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कहा है कि उनका देश किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है। ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है और इसी वजह से प्रस्तावित अमेरिकी हमला रोका गया।
इसके जवाब में ईरान ने कहा कि बातचीत का मतलब सरेंडर नहीं होता। अब दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है।

ईरान ने ट्रंप को दिया सीधा जवाब
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश पूरी गरिमा और सम्मान के साथ बातचीत कर रहा है। पेजेश्कियान ने साफ किया कि बातचीत का मतलब झुकना या सरेंडर करना नहीं है। ईरान ने यह भी कहा कि वह किसी भी हालत में अपने राष्ट्रीय हितों और कानूनी अधिकारों की रक्षा करेगा। इस बयान को ट्रंप की चेतावनी का सीधा जवाब माना जा रहा है।
ट्रंप ने रोका था प्रस्तावित हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान की ओर से शांति प्रस्ताव आने के बाद उन्होंने संभावित सैन्य हमला रोक दिया। ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है और ऐसा समझौता हो सकता है जो अमेरिका और मध्य पूर्व दोनों के लिए स्वीकार्य हो। उन्होंने रक्षा मंत्री Pete Hegseth और अमेरिकी सेना को फिलहाल हमला टालने का निर्देश दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
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परमाणु हथियार बना सबसे बड़ा मुद्दा
ट्रंप ने साफ कहा कि किसी भी समझौते की सबसे अहम शर्त यही होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताता रहा है। वॉशिंगटन का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि तेहरान हमेशा कहता रहा है कि उसका कार्यक्रम सिर्फ शांति और ऊर्जा जरूरतों के लिए है। यही मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।
ट्रंप की धमकी से बढ़ा तनाव
रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि समय तेजी से निकल रहा है और अगर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो ईरान के पास कुछ नहीं बचेगा। इसके बाद अमेरिकी मीडिया में खबरें आईं कि व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें हुईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैयारी भी बढ़ा रहा है। ट्रंप के इन बयानों ने क्षेत्र में तनाव और चिंता दोनों बढ़ा दी है।
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बातचीत होगी या बढ़ेगा टकराव?
फिलहाल दोनों देशों के बयान अलग-अलग दिशा दिखा रहे हैं। एक तरफ अमेरिका समझौते की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान दबाव में न झुकने का संदेश दे रहा है। जानकार मानते हैं कि आने वाले कुछ हफ्ते बेहद अहम हो सकते हैं। अगर बातचीत सफल होती है तो मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता है। लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा टकराव भी देखने को मिल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।












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