Suvendu PA Chandranath Case: अरेस्ट शूटर Rajkumar Singh का Pawan Singh से क्या नाता? Ram Mandir तक जुड़े तार?

Suvendu PA Chandranath Murder Case: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद हुए एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की 6 मई 2026 को मध्यामग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हत्या पेशेवर तरीके से की गई। कार रोककर पॉइंट ब्लैंक रेंज से फायरिंग हुई।

अब CBI की जांच में नया मोड़ आया है। CBI ने 18 मई को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से राजकुमार सिंह नाम के चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि यह आरोपी भी बलिया जिले का है। इसे मुख्य शूटर बताया जा रहा है। मामले में इससे पहले तीन अन्य आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। आइए पूरी कहानी विस्तार से समझते हैं...

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Suvendu PA Chandranath Case: घटना क्या थी?

6 मई 2026 की रात, मध्यामग्राम (उत्तर 24 परगना) के दोहरिया इलाके में चंद्रनाथ रथ अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो कार में घर की ओर जा रहे थे। घर से महज 200 मीटर दूर उनकी कार को एक सिल्वर कलर की निसान माइक्रा ने रोका। तुरंत दो बाइक सवार हमलावरों ने ग्लॉक पिस्तौल से पॉइंट ब्लैंक फायरिंग कर दी। चंद्रनाथ रथ को छाती और पेट में गोली लगी। ड्राइवर बुधदेव बेरा भी घायल हुआ। रथ को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हमलावरों ने 50 सेकंड से भी कम समय में वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए।

CBI और पुलिस के अनुसार, यह प्री-प्लान्ड कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी। हमलावरों ने रेकी की थी, फेक नंबर प्लेट वाली गाड़ियां इस्तेमाल कीं और UPI टोल पेमेंट जैसी डिजिटल ट्रेल्स छोड़ीं, जिन्होंने आखिरकार, आरोपीयों तक पहुंच बनाई।

चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मचारी थे और सुवेंदु अधिकारी के विश्वसनीय सहायक। नंदीग्राम और भवनिपुर समेत कई चुनावों में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। BJP की 2026 विधानसभा जीत और सुवेंदु के मुख्यमंत्री बनने के महज दो दिन बाद यह हत्या हुई, जिससे राजनीतिक हत्या के आरोप लगे।

Who Is Rajkumar Singh: राजकुमार सिंह कौन है? हरिद्वार से लौटते वक्त अरेस्ट

राजकुमार सिंह, बलिया जिले के रत्तोपुर गांव का निवासी है। CBI ने उसे दिल्ली-देहरादून हाईवे पर छपार टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया, जब वह हरिद्वार से परिवार के साथ लौट रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि राजकुमार ने मुंबई में क्रेन हेल्पर के रूप में काम किया, लेकिन 8 महीने पहले छोड़कर घर लौट आया। हाल में विदेश जाकर काम करने की तैयारी कर रहा था। राजकुमार ने ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। कम बोलने वाला, पिता से डरता था, मां से ज्यादा बात करता था।

Rajkumar Singh Ram Mandir Connection: Ram Mandir से क्या कनेक्शन?

आपराधिक इतिहास: 2022 में गांव में मारपीट का केस, SC/ST एक्ट के तहत दर्ज। बलिया जेल में बंद रहा। यहीं उसकी मुलाकात मुख्य आरोपी राज सिंह (Ballia का कथित डॉन) से हुई थी। पिता त्रिभुवन नारायण सिंह इलेक्ट्रीशियन हैं। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में भी काम किया। पिता ने बताया कि राजकुमार तीन दिन पहले घर से निकला था, लेकिन कहां जा रहा है, यह नहीं बताया। परिवार स्तब्ध है। उन्होंने CBI को बताया कि उन्हें फोन पर गिरफ्तारी की सूचना मिली। पश्चिम बंगाल में परिवार की कोई जान-पहचान नहीं।

Rajkumar Singh Pawan Singh Connection:पवन सिंह से क्या कनेक्शन?

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गिरफ्तारी के बाद राजकुमार सिंह की भोजपुरी सुपरस्टार और BJP नेता पवन सिंह के साथ एक फोटो वायरल हो गई। फोटो में राजकुमार हरे टी-शर्ट में पवन सिंह के साथ खड़ा दिख रहा है। वहीं, पिता त्रिभुवन नारायण सिंह का स्पष्ट कहना है कि फोटो खिंचवा लेने का मतलब दोस्ती या गहरा संबंध नहीं होता। कोई कहीं जाता है, फोटो खिंचवा लेता है। परिवार ने किसी करीबी रिश्ते से इनकार किया है। जांच एजेंसियां अब इस फोटो और संभावित लिंक की भी पड़ताल कर रही हैं, लेकिन फिलहाल इसे सिर्फ फैन फोटो बताया जा रहा है।

Ram Mandir का क्या लिंक?

मामले में अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें राज सिंह (बलिया), मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य (बिहार से) और अब राजकुमार सिंह (बलिया)। CBI अब राजकुमार सिंह से पूछताछ में जुट गई है। सवाल हैं-

  • राजकुमार का हत्या में सीधा रोल क्या था? (मेन शूटर होने का शक)
  • बलिया से पश्चिम बंगाल तक नेटवर्क कैसे बना?
  • मास्टरमाइंड कौन? फंडिंग कहां से आई? (रिपोर्ट्स में ₹70 लाख से ₹1 करोड़ तक कॉन्ट्रैक्ट की बात)
  • क्या यह पोस्ट-पोल पॉलिटिकल वॉयलेंस या व्यक्तिगत/राजनीतिक बदला है?

जांच में फेक नंबर प्लेट, टोल UPI पेमेंट, CCTV, मोबाइल लोकेशन और गवाह बयान महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।

यह मामला कई गुत्थियां खोलता है....

  • क्रॉस-स्टेट क्रिमिनल नेटवर्क: UP-बिहार के शार्पशूटरों का WB में इस्तेमाल।
  • कॉन्ट्रैक्ट किलिंग कल्चर: राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए हायर किए गए गनमैन।
  • पोस्ट-पोल वॉयलेंस: WB चुनाव 2026 के बाद हिंसा की नई लहर?
  • सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी कनेक्शन: पवन सिंह जैसी हस्तियों से जुड़ी फोटोज जांच में आ रही हैं।
  • CBI की भूमिका: राज्य पुलिस से CBI को केस ट्रांसफर होने के बाद तेज रफ्तार।

पिछले कुछ वर्षों में WB में राजनीतिक हिंसा के कई मामले सामने आए हैं। यह केस दिखाता है कि चुनाव जीतने के बाद भी सुरक्षा चुनौतियां बनी रहती हैं।

जांच की स्थिति क्या? (19 मई 2026 तक)

CBI की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) सक्रिय है। राजकुमार सिंह को स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ जारी। मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश चल रही है। पोस्टमॉर्टम, फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल एविडेंस जांच की रीढ़ हैं।

चंद्रनाथ रथ की हत्या एक निर्दोष और समर्पित कार्यकर्ता की जिंदगी छीन लेने वाली घटना है। राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी ब्रेकथ्रू है, लेकिन पूरी साजिश अभी उजागर नहीं हुई। क्या यह व्यक्तिगत रंजिश थी या बड़े राजनीतिक प्लॉट का हिस्सा? CBI की जांच पर सबकी नजर है।

परिवार न्याय की उम्मीद कर रहा है। समाज को सोचना होगा कि राजनीति और अपराध की मिलीभगत कब तक चलेगी। यह मामला न सिर्फ WB बल्कि पूरे देश के लिए सबक है - कानून का राज मजबूत होना चाहिए, चाहे आरोपी किसी भी राज्य का हो।

Suvendu Adhikari PA Case: मुजफ्फरनगर से गिरफ्तारी!कौन है राजकुमार सिंह? जिसे चंद्रनाथ केस में CBI ने धर दबोचा
Suvendu Adhikari PA Case: मुजफ्फरनगर से गिरफ्तारी!कौन है राजकुमार सिंह? जिसे चंद्रनाथ केस में CBI ने धर दबोचा
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