कभी शेन वॉर्न ने IPL में जडेजा को दिया था रॉकस्टार का नाम, अब शतक लगाकर खास तरीके से किया याद
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच का दूसरा दिन समाप्त हो गया है और मोहाली के मैदान पर खेले गये अब तक के मैच में यह सर रविंद्र जडेजा शो लग रहा है। मैच के पहले दिन ऋषभ पंत और रविचंद्रन अश्विन के साथ अहम साझेदारियां कर टीम को मुश्किल से बाहर निकालने वाले रविंद्र जडेजा ने दूसरे दिन रिकॉर्ड तोड़ पारी खेलते हुए नाबाद 175 रन बनाये और अपनी पारी की दूसरी ही गेंद पर विकेट हासिल कर लिया। रविंद्र जडेजा को आईपीएल 2008 में रॉकस्टार का नाम देने वाले ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और फिरकी के जादूगर शेन वॉर्न के लिये इस प्रदर्शन से बेहतर श्रद्धांजलि नहीं हो सकती और जडेजा ने मैच के बाद इसे उन्हीं को समर्पित भी किया।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को अचानक ही शेन वॉर्न के निधन की खबर ने क्रिकेट जगत को झकझोर कर रख दिया, जो कि थाईलैंड स्थित अपने विला में छुट्टियां मना रहे थे। शुक्रवार को 52 वर्षीय शेन वॉर्न के मैनेजर ने निधन की खबर दी जिनको लेकर माना जा रहा है कि उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है। वॉर्न ने रविंद्र जडेजा के करियर के शुरुआती दिनों में काफी अहम रोल निभाया है, जब वो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे और वॉर्न की कप्तानी में खेलते थे। पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद रविंद्र जडेजा ने बताया कि शतक लगाने के बाद उन्होंने जो जेस्चर किया था वो वॉर्न को श्रद्धांजलि थी, जिन्हें उन्होंने अपना शतक भेंट किया है।
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ऐसा करने वाले पहले क्रिकेटर थे जडेजा
रविंद्र जडेजा पहले भारतीय क्रिकेटर थे जिन्होंने 2 अंडर 19 विश्वकप में हिस्सा लिया था और 2008 में विराट कोहली की कप्तानी वाली विजयी टीम का हिस्सा भी रहे थे। वह रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र की टीम के लिये कुछ समय तक खेलते हुए नजर आये थे इसके बावजूद जब वो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स दूसरी बार खेलते नजर आये तब जाकर अपने लिये कुछ नाम कमाया। आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स खिताब जीतने की प्रबल दावेदार टीम नहीं थी और पहले ही मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों हार का भी सामना किया था। कुछ दिन बाद राजस्थान की टीम जयपुर में पंजाब के खिलाफ अपना पहला मैच खेलने पहुंची।

आईपीएल के दूसरे ही मैच में जडेजा ने छोड़ी थी छाप
इस मैच में राजस्थान की टीम थोड़ा मुश्किल में नजर आ रही थी। जडेजा ने 12वें ओवर में मैदान में तब एंट्री की जब उसकी टीम 4 विकेट खो चुकी थी और उसे जीत के लिये 68 रन की दरकार थी। सारी उम्मीदें वॉटसन पर टिकी हुई थी जिन्होंने छक्का लगाकर अर्धशतक पूरा किया था लेकिन युवा जडेजा ने भी जल्द ही पार्टी को ज्वाइन कर लिया और पहले श्रीसंत को 14वें ओवर में 2 चौके लगाये तो वहीं अगले ओवर में पीयूष चावला को एक चौका और एक छक्का जड़ दिया। जडेजा के कहर को रोकने के लिये पंजाब की टीम को ब्रेट ली को दोबारा गेंदबाजी में लाना पड़ा हालांकि वो रुके नहीं इस ओवर में 2 चौके लगा दिये।
राजस्थान रॉयल्स की टीम ने इस मैच को 11 गेंद पहले ही 6 विकेट से जीत लिया। शेन वॉटसन को उनकी 76 रनों की पारी और 3 विकेट के लिये प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, लेकिन शेन वॉर्न के दिल को 19 वर्षीय रविंद्र जडेजा ने जीत लिया जिन्होंने 25 गेंदों में 36 रन की पारी खेली थी।

वॉर्न ने दिया था रॉकस्टार का नाम
2009 में एक इंटरव्यू के दौरान शेन वॉर्न ने जडेजा की तारीफ करते हुए कहा था कि हमने उसे देखते ही जान लिया था कि उसमें बेहद खास टैलेंट है। वो गेंद को जहां मर्जी वहां मार रहा है, खासतौर से ब्रेट ली जैसे अच्छे गेंदबाजों के खिलाफ भी रन बना रहा है। हमारे लिये वो बेहद खास है और मुझे यकीन है कि एक नया सुपरस्टार बनने की ओर है। वॉर्न ने उन्हें क्रिकेट का रॉकस्टार भी कहा था। 9 महीने बाद रविंद्र जडेजा ने रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र की जबरदस्त पारियां खेलते हुए 9 मैच में 739 रन और 42 विकेट अपने नाम किये जिसकी वजह से उन्हें भारत के लिये सीमित ओवर्स प्रारूप में 2009 में डेब्यू का मौका मिला।












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