'मैं हूं तेरे साथ,' विराट कोहली के भरोसे से संभली Yash Dayal की वापसी, पिता ने बताई IPL कमबैक की कहानी
कुछ किरदार सिर्फ रन नहीं बनाते, बल्कि दूसरों की जिंदगी को भी बदलते हैं। विराट कोहली (Virat Kohli) का रोल सिर्फ एक बैटर या लीजेंड तक सीमित नहीं है- वो मैदान के बाहर भी कई खिलाड़ियों के लिए 'गाइडिंग लाइट' बन चुके हैं। इसका सबसे नया उदाहरण हैं यश दयाल (Yash Dayal), जिनकी आईपीएल में वापसी की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, इंसानी हौसले की भी कहानी है।
यश दयाल (Yash Dayal) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दबाव में चमकना क्या होता है। शनिवार को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ आखिरी ओवर में 15 रन डिफेंड कर उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को ना सिर्फ मैच जिताया, बल्कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में लगातार दूसरी बार सीएसके से जीत भी छीन ली।

RCB के बैटिंग कोच ने की जमकर तारीफ
विकेट लेने के बाद उनके खुले हाथों से दौड़ते हुए जश्न मनाने का अंदाज़ इस जीत की अहमियत खुद बयां कर रहा था। इस डेथ ओवर मास्टरक्लास की जमकर तारीफ हुई है, जिसमें RCB के बैटिंग कोच दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) भी शामिल हैं, जिन्होंने यश के प्रदर्शन को 'गोल्ड स्टैंडर्ड' बताया।
यश दयाल के IPL कमबैक में विराट का है बड़ा हाथ
आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल के पिता चंद्रपाल ने खुलासा किया कि पिछले सीजन में जब उनका बेटा फ़्रैंचाइजी में शामिल हुआ था, तब कोहली ने उसका सपोर्ट किया था। जब दयाल आरसीबी में शामिल हुए, तो जीटी में अपने पिछले सीजन में उनके साथ जो हुआ, उसके कारण वे काफी दबाव में थे, जहां रिंकू सिंह ने उन्हें लगातार पांच छक्के मारे थे।
एक समय मुश्किल दौर से गुजर रहे थे दयाल
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आरसीबी में शामिल होने से पहले मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, जिसे उन्होंने अक्सर साझा किया है, जबकि उनके पिता ने बताया कि कैसे कोहली ने उन पर भरोसा दिखाकर उन्हें इससे उबरने में मदद की।
विराट कोहली को लेकर क्या बोले यश दयाल के पिता
चंद्रपाल दयाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि, 'विराट कोहली ने उनका बहुत साथ दिया है। जब यश आरसीबी में शामिल हुए, तो विराट अक्सर उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे- और कभी-कभी, वे खुद यश के कमरे में चले जाते थे। उन्होंने (2024 से) इस पर चर्चा की, और विराट ने उनसे एक बात कही कि 'कड़ी मेहनत करते रहो, तूफान मचा दे। मैं हूं तेरे साथ। चिंता मत करना। मेहनत करना मत छोड़ना। गलतियां करना, पर सीखना और आगे बढ़ना।' विराट ने उन्हें बहुत आजादी दी है और उन्हें एक निडर क्रिकेटर बना दिया है।'
दयाल ने आरसीबी में शामिल होने के बाद से खुद को भुनाया है और इस साल से पहले रिटेन किए जाने वाले तीन खिलाड़ियों में से एक थे। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने महत्वपूर्ण मैचों में जीत दिलाकर उनके लिए डेथ-ओवर स्पेशलिस्ट की भूमिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।












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