'डर है कि खत्म हो गया है मेरा करियर', वेस्टइंडीज दौरे से बाहर होने पर एंडरसन ने तोड़ी चुप्पी
नई दिल्ली। एशेज 2021-22 में मिली शर्मनाक हार के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम अब वेस्टइंडीज का दौरा करने को तैयार है, जहां पर उसे दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर इंग्लैंड को 5 मैचों की एशेज टेस्ट सीरीज में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों पर सख्त रवैया अपनाते हुए कई बदलाव किये। इस फेहरिस्त में चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड के लिये सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले दो तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

इंग्लैंड के लिये जेम्स एंडरसन अपने टेस्ट करियर में अब तक 640 विकेट हासिल कर चुके हैं जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड के खाते में 537 विकेट आ चुके हैं। वेस्टइंडीज दौरे से खुद को बाहर किये जाने के बाद इस दिग्गज गेंदबाज ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि उम्मीद है कि यह उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर का अंत नहीं है।
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अभी मुझमे विकेट लेने की भूख बाकी है
जेम्स एंडरसन ने आईसीसी की ओर से पोस्ट किये गये टेलएंडर्स पोडकास्ट में बात करते हुए पूरे किस्से का खुलासा किया है कि कैसे उन्हें टीम से बाहर किया गया और वो यहीं उम्मीद कर रहे हैं कि टीम में उन्हें दोबारा वापसी करने का मौका मिल सकेगा।
उन्होंने कहा,'मैं यही प्रार्थना कर रहा हूं कि यह मेरे लिये अंत न हो। मेरे अंदर अभी एक बार और अपना सबकुछ देने की आग बाकी है। मैं अभी भी टीम को बहुत कुछ दे सकता हूं, मुझमें अभी भी विकेट लेने की भूख और क्रिकेट खेलने का जुनून है। यह मेरे लिये काफी हैरानी और निराशा भरी खबर थी, लेकिन इस पर विचार करने के बाद मेरे लिये जरूरी है कि मैं उन चीजों पर ध्यान दूं जो मेरे कंट्रोल में हैं, न कि उन पर जो मेरे बस के बाहर है। मैं लोगों को दिखा सकता हूं कि मेरे हाथ में गेंद होने पर मैं क्या कर सकता हूं।'

बस 5 मिनट की कॉल में कर दिया फैसला
द गार्जियन से बात करते हुए एंडरसन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नया टीम मैनेजमेंट जो भी निर्णय ले उसे थोड़ा सोच समझकर ले और मुझे खुद को साबित करने का एक मौका दे।
उन्होंने कहा,'जाहिर सी बात है कि टीम को एक नया क्रिकेट निदेशक और नया हेड कोच मिलने वाला है तो उम्मीद है कि जो भी निर्णय लिया जाये उसके बारे में वैसे बात की जाये जैसे कि होनी चाहिये। दूसरी चीज जो मुझे परेशान कर रही है वो यह है कि बस 5 मिनट की कॉल में यह फैसला लिया गया। इससे कुछ भी साफ नहीं होता है।'

जो रूट ने भी बतायी थी एंडरसन के गुस्से की बात
इससे पहले गुरुवार को ही इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने बताया था कि वेस्टइंडीज दौरे से बाहर किये जाने के बाद दोनों तेज गेंदबाज काफी निराश है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि यह उनके करियर का अंत नहीं है।
द गार्जियन से बात करते हुए उन्होंने कहा,'मैंने स्टुअर्ट और जिम्मी से बात की थी, जाहिर सी बात है कि वो गुस्सा और निराश हैं। खास तौर से स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपने गुस्से को काफी पब्लिकली शेयर किया है और आप इसकी उम्मीद कर सकते हैं। मेरे अंदर उन दोनों के लिये बहुत सम्मान है। मैंने उन्हें यही बताया है कि किसी भी मौके पर यह साफ नहीं कहा गया है कि यह उनके करियर का अंत है।'

ब्रॉड एंडरसन को बाहर करने से वॉटसन भी थे नाराज
गौरतलब है कि इन दोनों पेसर्स को वेस्टइंडीज दौरे से बाहर किये जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी शेन वॉटसन ने भी हैरानी जतायी थी। आईसीसी के रिव्यू शो में बात करते हुए वॉटसन ने कहा था कि मैं समझ सकता हूं कि इंग्लिश क्रिकेट और चयनकर्ता इतना परेशान क्यों हैं। उनके गेंदबाज एशेज में वो प्रभाव नहीं दिखा सके जैसा कि ऑस्ट्रेलियाई बॉलर्स ने दिखाया था। आप अगली पीढ़ी के गेंदबाजों को मौका देना चाहते हैं लेकिन ब्रॉड और एंडरसन को अभी हटाना क्या सही फैसला है। मेरी नजर मे नहीं, मैं उन्हें वेस्टइंडीज दौरे के लिये जरूर चुनता।












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