IPL 2023: दिग्गज धोनी की टीम आखिर रोहित से क्यों डरती है?

IPL 2023 in Hindi: आईपीएल में इस डर की वजह है आइपीएल फाइनल के नतीजे जहां धोनी के धुरंधर मुम्बई के सामने टिक नहीं पाते। इस बार ये आमने-सामने हो सकते हैं।

IPL 2023: Why is the MS Dhoni CSK afraid of Rohit Sharmas Mumbai Indians?

चेन्नई सुपर किंग्स आखिर क्यों मुम्बई से डरती है ? महेन्द्र सिंह धोनी को सबसे तेज दिमाग वाला कप्तान माना जाता है। फिर उनकी टीम मुम्बई से क्यों खौफ खाती है ? चेन्नई अपने दमदार खेल से आइपीएल 2023 के फाइनल में पहुंच चुकी है। लेकिन वह चाहती है कि फाइनल में उसकी भिड़ंत मुम्बई की बजाय गुजरात से हो। चेन्नई के बॉलिंग कोच ड्योन ब्रावो ने कहा है, मुझे मुम्ब्ई से डर लगता है, हम फाइनल में मुम्बई इंडियंस से सामना नहीं करना चाहते। ये मेरी व्यक्तिगत राय है। ब्रावो ने ये बात मजाक में कही हो या फिर निजी तौर पर, लेकिन चेन्नई सचमुच मुम्बई से डरती है। इस डर की वजह है आइपीएल फाइनल के नतीजे। धोनी और चेन्नई के पक्ष में कोई लाख बातें कह ले लेकिन खिताबी मुकाबले में ये मुम्बई के सामने टिक नहीं पाते।

मुम्बई ने चेन्नई को IPL के 3 फाइनल में हराया

आइपीएल में मुम्बई एक मात्र टीम है जिसने फाइनल में चेन्नई को तीन बार हराया है। चेन्नई चूंकि मुम्बई के सामने तीन फाइनल हार चुकी है, इसलिए वह उससे डरती है। लीग मुकाबले में मुम्बई का प्रदर्शन चाहे जैसा भी हो लेकिन जैसे ही वह प्ले ऑफ में पहुंचती है, उसकी ताकत अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाती है। अंतिम चार में पहुंचने के बाद वह सबसे खतरनाक टीम बन जाती है। ये स्थिति तब से हुई है जब से रोहित शर्मा मुम्बई के कप्तान बने हैं। रोहित की कप्तानी में मुम्बई ने चेन्नई को 2013, 2015 और 2019 के आइपीएल फाइनल में हराया था। चेन्नई ने मुम्बई के खिलाफ केवल एक फाइनल (2010) जीता है जब सचिन तेंदुलकर मुम्बई के कप्तान थे। उस समय रोहित मुम्बई इंडियंस की टीम नें नहीं आये थे।

रोहित की कप्तानी से डरती है चेन्नई

ब्रावो के डर की एक वजब रोहित की कप्तानी भी है। महेन्द्र सिंह धोनी की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में होती है। यह भी कहा जाता है कि धोनी अनहोनी को होनी कर देते हैं। लेकिन आइपीएल फाइनल में स्थिति तब पलट जाती है जब रोहित और धोनी में मुकाबला होता है। आइपीएल के कामयाब कप्तान तो रोहित ही हैं। कहा जाता है कि गेंदबाजी में बदलाव और फील्डिंग की सजावट में धोनी का कोई जवाब नहीं है। लेकिन इस मामले में भी रोहित धोनी से बीस ठहरते हैं। मुम्बई इंडियंस आइपीएल की एक मात्र टीम है जिसने फाइनल में दो बार 1 रन से जीत हासिल की है। धोनी दोनों बार हारने वाली टीम का हिस्सा थे। अगर कोई टीम दो बार 1 रन के अंतर ट्राफी जीते तो उसके कप्तान के दिमाग को तो दाद मिलनी ही चाहिए।

छोटे स्कोर की भी रक्षा कर लेते हैं रोहित

रोहित शर्मा ने 2017 के फाइनल में राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स के खिलाफ अपनी टीम को 1 रन से जीत दिलायी थी। पुणे के कप्तान स्टीव स्मिथ थे और महेन्द्र सिंह धोनी विकेटकीपर बल्लेबाज की हैसियत से खेल रहे थे। मुम्बई ने केवल 129 रन बनाये थे। फाइनल के हिसाब से ये बहुत कमजोर स्कोर था। अधिकांश लोग मुम्बई की हार तय मान रहे थे। लेकिन रोहित शर्मा ने इस छोटे स्कोर का बचाव कर के कमाल कर दिया था। मुम्बई के गेंदबाज इस मुकाबले को अंतिम ओवर तक ले गये। पुणे के लिए 130 रनों का लक्ष्य पहाड़ जैसा लगने लगा। अंतिम ओवर में उसे जीत के लिए 11 रन बनाने थे। क्रीज पर स्टीव स्मिथ और मनोज तिवारी थे। ये काम मुश्किल नहीं था। मुम्बई की तरफ से अंतिम ओवर मिचेल जॉनसन ले कर आये।

पुणे के खिलाफ फाइनल में 1 रन से जीत

मनोज तिवारी (अब पश्चिम बंगाल में मंत्री) ने पहली गेंद पर चौका मारा। कप्तान रोहित लगातार फील्डिंग बदल रहे थे। उन्होंने पोलार्ड को लौंग ऑन इलाके में तैनात किया। एक्स्ट्रा कवर इलाके से फील्डर को हटा लिया। मनोज तिवारी ने दूसरे गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का मारने की कोशिश की। लेकिन धीमी पिच पर गेंद ठीक से बल्ले पर नहीं आ रही थी। शॉट मिस टाइम हुआ और गेंद हवा में तैरती हुई लौंग ऑन इलाके में गयी जहां पोलार्ड ने आसानी से उसे कैच कर लिया। इस तरह रोहित ने जाल बिछा कर मनोज तिवारी का विकेट ले लिया। मनोज तिवारी के आउट होने के बाद रोहित ने कवर इलाके में फिर फील्डिंग लगा दी। तीसरी गेंद पर स्टीव स्मिथ कवर में कैच आउट हो गये। अंतिम गेंद पर पुणे को जीत के लिए चार रन चाहिए थे। लेकिन बने सिर्फ दो। इस तरह मुम्बई ने इस रोमांचक मैच को 1 रन से जीत लिया।

2019 फाइनल- MI ने CSK को 1 रन से हराया

आइपीएल 2019 के फाइनल में भी मुम्बई ने चेन्नई को 1 रन से तब हराया था जब धोनी टीम के कप्तान थे। यानी रोहित शर्मा ने अपनी बेजोड़ कप्तानी से धोनी के सामने दो बार 1 रन से फाइनल जीता था। मुम्बई ने पहले खेल कर 149 रन बनाये थे। पोलार्ड ने सबसे अधिक 41 रन बनाये थे। फाइनल के लिहाज से यह एक छोटा स्कोर था। वह भी चेन्नई जैसी मजबूत टीम के सामने। लेकिन रोहित शर्मा ने एक बार फिर फाइनल में एक छोटे स्कोर की रक्षा कर अपनी बेहतरीन कप्तानी का नमूना पेश किया था। चेन्नई को अंतिम ओवर में जीत के लिए 9 रन बनाने थे। शेन वाटसन और रवीन्द्र जडेजा क्रीज पर थे। इनके लिए ये बड़ा काम नहीं था। आखिरी ओवर मलिंगा डाल रहे थे। पहली 3 गेंदों पर चार बने। पांचवीं गेंद पर वाटसन 2 रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गये। 1 रन मिला। अंतिम गेंद पर चेन्नई को 2 रन चाहिए थे। लेकिन इस गेंद पर मलिंग ने शार्दुल ठाकुर को आउट कर दिया। इस तरह मुम्बई ने 1 से फाइनल मैच जीत लिया था। चेन्नई दो रन के अंतर से ट्रॉफी उठाने से चूक गयी, जाहिर वह मुम्बई से डरेगी ही।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+