'रिकी पोंटिंग को लेनी होगी जिम्मेदारी', सहवाग ने कहा- PBKS ने अब दिल्ली को पकड़ा दी है खास 'कुल्हाड़ी'
IPL 2023 Ricky Ponting: वीरेंद्र सहवाग ने पंजाब किंग्स की कुल्हाड़ी का जिक्र बड़े मजेदार अंदाज में किया है और वीरू के मुताबिक पीबीकेएस ने इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के हाथों में थमा दिया है।

IPL 2023 in Hindi: दिल्ली कैपिटल्स की टीम आईपीएल के मौजूदा सीजन में काफी खराब प्रदर्शन कर रही है। किसी ने सोचा नहीं था कि यह टीम अपने शुरुआती पांचों मैच हार जाएगी। रिकी पोंटिंग ने पिछले कुछ सीजन से इस टीम को काफी मजबूत बनाया था लेकिन इस बार पंत की गैरमौजूदगी में डीसी ऐसे बिखर जाएगी यह कल्पना नहीं की गई थी।
अब इस बात की काफी संभावनाएं हैं कि डेविड वॉर्नर की कप्तानी में खेल रही ये टीम शायद प्लेऑफ के लिए भी क्वालीफाई ना कर पाए। दिल्ली कैपिटल्स को आरसीबी के खिलाफ मुकाबले में 23 रनों से हार मिली जिसके बाद भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने रिकी पोंटिंग से जिम्मेदारी लेने को कहा है।
सहवाग ने मैच के बाद क्रिकबज के शो पर बात करते हुए कहा कि रिकी पोंटिंग को लगातार पांच हार की जिम्मेदारी लेनी होगी। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के भाग्य की तुलना पिछले आईपीएल सीजन में पंजाब किंग्स से भी की।
'कुल्हाड़ी'- सहवाग ने कुछ दिन पहले अपनी बातचीत में बताया था कि पंजाब किंग्स जैसी टीमों के पास एक कुल्हाड़ी होती है जिसको या तो वे अपने पैरों पर मार सकते हैं या फिर दूसरों के पैरों पर। सहवाग उसी संदर्भ में अपनी बात कहते हुए दिल्ली की ताजा हार पर कहते हैं, मुझे लगता है पंजाब ने वह कुल्हाड़ी दिल्ली को दे दी है तो अब दिल्ली के हाथों में वह कुल्हाड़ी पहुंच चुकी है।"
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जब टीम हारती है तो कोच को जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि टीम के जीतने का क्रेडिट भी कोच को ही जाता है। यहां तक कि हमने भी कई बार कहा है कि पोंटिंग ने बहुत ही जबरदस्त काम किया है उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को फाइनल तक भी पहुंचाया है और वे अब हर साल प्ले अब तक भी पहुंच जाते हैं।
"इन सब चीजों का क्रेडिट गया है तो अब उनको हार के लिए भी जिम्मेदार होना चाहिए। यह कोई इंडियन टीम नहीं है जहां पर जीत का क्रेडिट कोई और ले और हार को किसी और के गले में डाल दिया जाए। आईपीएल की टीम में कोच का जीरो रोल होता है।"
"ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी है आप मैन मैनेजमेंट कैसे करते हैं और खिलाड़ियों में वह आत्मविश्वास कैसे देते हैं। लेकिन दिन के अंत में एक कोच तभी बेहतर दिखता है जब उसकी टीम अच्छा करती है और दिल्ली ने अभी तक यह काम करके नहीं दिखाया है। मुझे ऐसा लगता है कि दिल्ली अब उस पॉइंट पर पहुंच गई है जहां वह इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि अब उनको अपना भाग्य बदलने के लिए आगे क्या करना चाहिए।"












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