PM Modi Italy Visit: भारतीय नर्सों को नौकरी और युवाओं को AI का साथ, मोदी-मेलोनी मुलाकात से भारत को क्या मिला?
PM Modi Italy Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Italy दौरे के दौरान भारत और इटली के रिश्तों ने एक नया मोड़ ले लिया। रोम में पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के बीच हुई हाई-लेवल बैठक के बाद दोनों देशों ने "स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" का ऐलान किया।
इस दौरान AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, डिफेंस और शिक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने साफ संकेत दिया कि भारत और इटली अब सिर्फ दोस्त नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी और ग्लोबल रणनीति में भी साथ मिलकर काम करेंगे।

AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी में साथ काम करेंगे दोनों देश
भारत और इटली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे भविष्य की टेक्नोलॉजी वाले सेक्टर में मिलकर रिसर्च करने का फैसला किया है। इससे भारत के टेक सेक्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बड़ा फायदा मिल सकता है। दोनों देश नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस करेंगे। माना जा रहा है कि इससे भारत को यूरोप के एडवांस टेक नेटवर्क तक बेहतर पहुंच मिलेगी और कई नए जॉइंट प्रोजेक्ट्स शुरू हो सकते हैं।
ये भी पढे़ं: PM Modi Italy Visit: मोदी-मेलोनी दौर में कितना बढ़ा भारत का व्यापार? कितनी लकी रहीं इटली की PM?
स्पेस और डिफेंस सेक्टर में बड़ी साझेदारी
बैठक में अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र को लेकर भी कई अहम फैसले हुए। भारत और इटली सैटेलाइट डेटा शेयरिंग, स्पेस मिशन और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साथ काम करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप भी लॉन्च किया। इसका मकसद रक्षा उत्पादन, नई तकनीक और इंडस्ट्रियल सहयोग को बढ़ाना है। आने वाले समय में दोनों देशों की कंपनियां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक सिस्टम्स पर मिलकर काम कर सकती हैं।
नर्सों, शिक्षा और रिसर्च पर भी खास फोकस
भारत और इटली ने भारतीय नर्सों की इटली में आसान आवाजाही और रोजगार को लेकर भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। इससे भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही दोनों देशों ने हायर एजुकेशन और रिसर्च के लिए नई रोडमैप जारी की है। यूनिवर्सिटी एक्सचेंज, रिसर्च पार्टनरशिप और स्टूडेंट सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इससे भारतीय छात्रों और रिसर्चर्स को यूरोप में नए मौके मिल सकते हैं।
ये भी पढ़ें: PM मोदी ने इटली पीएम Meloni को दी 'Melody’, कैसे 1 रुपये की टॉफी से बनी करोड़ों की कंपनी?
"Design in Italy, Scale in India" पर होगा फोकस
पीएम मोदी ने कहा कि इटली डिजाइन और प्रिसिजन के लिए दुनिया में मशहूर है, जबकि भारत स्केल, टैलेंट और सस्ती इनोवेशन का पावरहाउस बन चुका है। इसी सोच के साथ दोनों देश "Design and Develop in India and Italy, Deliver for the World" मॉडल पर काम करेंगे। इसके तहत "India-Italy Innovation Center" भी बनाया जाएगा, जहां स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों को साथ काम करने का मौका मिलेगा। इसे दोनों देशों की नई टेक और बिजनेस पार्टनरशिप का बड़ा कदम माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications