कौन हैं काकोली घोष दस्तीदार? TMC सांसद को क्यों मिली Y श्रेणी की CISF सुरक्षा

Who is Kakoli Ghosh Dastidar: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार को केंद्र सरकार ने 'Y' कैटेगरी की सीआईएसएफ सुरक्षा दे दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पार्टी के अंदर संसदीय जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा फेरबदल हुआ है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा देने का निर्णय केवल खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया है, इसका पार्टी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियों ने काकोली घोष दस्तीदार को संभावित खतरे की आशंका जताई थी। इसके बाद 19 मई से उन्हें 'Y' श्रेणी की सीआईएसएफ सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई। अब उनकी यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सशस्त्र सुरक्षाकर्मी हर समय तैनात रहेंगे।

Who is Kakoli Ghosh Dastidar

ममता ने पद से हटाया तो मोदी सरकार ने दी Y सुरक्षा

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ममता बनर्जी ने पार्टी के संसदीय ढांचे में बदलाव किया है। काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह जिम्मेदारी वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि आगामी संसद सत्र को देखते हुए टीएमसी अपने संसदीय प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए ये निर्णय लिया है। लोकसभा में अपने आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले कल्याण बनर्जी पहले भी मुख्य सचेतक रह चुके हैं।

Kakoli Ghosh Dastidar क्‍या भाजपा में शामिल होने वाली हैं?

वहीं मुख्‍य सचेतक के पद से हटाए जाने के बाद काकोली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया पर अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा और पार्टी के प्रति निष्ठा का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी नाराजगी या विवाद पर कुछ नहीं कहा। इसके बावजूद काकोली की सुरक्षा केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए जाने के बाद बंगाल की राजनीति में अटकलों का दौर जारी है। अटकलें लगाई जा रही है कि काकोली टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम सकती हैं।

Who is Kakoli Ghosh Dastidar कौन हैं काकोली घोष दस्तीदार?

काकोली घोष दस्तीदार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की बारासात लोकसभा सीट से लगातार जीत दर्ज करने वाली प्रभावशाली सांसद हैं। पेशे से डॉक्टर रहीं काकोली घोष दस्तीदार पार्टी की महिला इकाई "ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस" की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। हाल के दिनों में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा 'वाई' श्रेणी की CISF सुरक्षा दिए जाने और पार्टी में हुए संसदीय फेरबदल को लेकर वह एक बार फिर चर्चा में हैं।

डॉक्टर से राजनीति तक का सफर

23 नवंबर 1959 को कोलकाता में जन्मीं काकोली घोष दस्तीदार ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज, कोलकाता से मेडिकल शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज में भी प्रशिक्षण लिया। डॉक्टर के तौर पर करियर शुरू करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जल्द ही तृणमूल कांग्रेस में मजबूत पहचान बना ली।

बारासात सीट से लगातार जीत रहीं चुनाव

काकोली घोष दस्तीदार पहली बार 2009 में बारासात लोकसभा सीट से सांसद चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की। संसद में वह कई महत्वपूर्ण समितियों की सदस्य भी रह चुकी हैं।

TMC ने दी थी अहम जिम्‍मेदारी

पार्टी नेतृत्व ने 2025 में उन्हें लोकसभा में TMC का चीफ व्हिप बनाया था। हालांकि, 2026 में पार्टी ने उनकी जगह कल्याण बनर्जी को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंप दी। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं भी हुईं।

काकोली घोष के पति कौन हैं?

काकोली घोष दस्तीदार के पति डॉ. सुदर्शन घोष दस्तीदार IVF विशेषज्ञ हैं और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनके दो बेटे हैं।

विवादों से भी जुड़ा नाम

काकोली घोष दस्तीदार 2012 के चर्चित पार्क स्ट्रीट रेप केस पर दिए गए बयान को लेकर विवादों में आ चुकी हैं। उस दौरान उनके बयान की विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने कड़ी आलोचना की थी।

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