पिंक बॉल टेस्ट में इस्तेमाल की गई बेंगलुरू की पिच को लगा झटका, ICC ने की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच हाल ही में खेली गई 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच डे नाइट प्रारूप में बेंगलुरू के मैदान पर खेला गया जिसका नतीजा तीसरे दिन ही भारतीय टीम के पक्ष में आ गया और उसने 238 रनों की जीत हासिल कर श्रृंखला को 2-0 से अपने नाम किया। पिंक बॉल से बेंगलुरू के मैदान पर खेले गये इस मैदान पर स्पिनर्स को काफी मदद मिलती नजर आयी जिसकी वजह से पिच को लेकर सवाल भी खड़े किये गये। आईसीसी ने अब इस पिच को लेकर अपना फैसला सुनाया है जो कि चिन्नास्वामी स्टेडियम के लिये काफी बड़ा झटका साबित होने वाला है।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ की ओर से जमा की गई पिच रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए बेंगलुरू की पिच को औसत से नीचे करार दिया है और इसकी वजह से चिन्नास्वामी स्टेडियम को आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मोनिटरिंग प्रक्रिया में एक डिमेरिट का जुर्माना लगा है।
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चिन्नास्वामी स्टेडियम को मिला एक डिमेरिट अंक
पूर्व भारतीय कप्तान जवागल श्रीनाथ की ओर से जमा की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरु की पिच पर पहले दिन के पहले सेशन से काफी घुमाव देखने को मिला था, जो कि हर सेशन के साथ बेहतर होता चला गया। मेरी नजर में इस पिच पर बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबला देखने को नहीं मिला है क्योंकि यहां पर गेंदबाजों का पलड़ा भारी था।

5 डिमेरिट अंक पर लग सकता है एक साल का बैन
उल्लेखनीय है कि आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रकिया के बदले हुए नियमों के अनुसार जिन मैदानों की पिच को मैच रेफरी की ओर से औसत से नीचे रेट किया जाता है उन्हें एक डिमेरिट अंक दिया जाता है जबकि जिन मैदानों को खराब या अनफिट करार दिया जाता है उन्हें 3 या 5 अंक दिये जाते हैं। आईसीसी की ओर से दिये गये यह डिमेरिट प्वाइंट 5 साल तक सक्रिय रहते हैं। इस दौरान अगर को आयोजन स्थल 5 या उससे ज्यादा डिमेरिट प्वाइंट हासिल कर लेता है तो वहां पर अगले एक साल तक के लिये अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का आयोजन करने पर बैन लगा दिया जाता है।

पहले दिन ही गिरे थे 16 विकेट
गौरतलब है कि चिन्नास्वामी के स्टेडियम को मिला यह पहला डिमेरिट प्वाइंट है लेकिन अगर यह जारी रहा तो उसे एक साल के बैन का सामना भी करना पड़ सकता है। पिंक बॉल टेस्ट में गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला जिसकी वजह से पहले ही दिन 16 विकेट गिरे जिसमें 9 विकेट स्पिनर्स के खाते में आये। भारतीय टीम 252 रन पर सिमटी तो जवाब में पहले दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 6 विकेट खोकर 86 रन बना लिये। दूसरे दिन श्रीलंका की टीम 109 रन पर ऑल आउट हो गई और भारतीय टीम ने आगे बल्लेबाजी करते हुए 447 रनों का लक्ष्य दिया।
मैच की चौथी पारी में श्रीलंका के लिये कप्तान दिमुथ करुणारत्ने ने शतकीय पारी खेलकर जुझारूपन जरूर दिखाया लेकिन उनकी टीम जीत हासिल करने में नाकाम रही। आपको बता दें कि श्रीलंका की टीम 208 रन पर सिमट गई और भारत ने 238 रनों से मैच जीतकर सीरीज को 2-0 से अपने नाम कर लिया।












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