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IND vs SA: 6 खिलाड़ी जो बने टेस्ट सीरीज में जीत के हीरो, कमजोर अफ्रीका ने मजबूत भारत को चटाई धूल

IND vs SA
Photo Credit: Twitter/CSA

नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत खेली गई 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच केपटाउन के मैदान पर खेला गया, जहां पर साउथ अफ्रीका की टीम ने भारतीय टीम को चारों खाने चित्त कर 7 विकेट से जीत हासिल की और एक बार फिर से टेस्ट सरजमीं पर टेस्ट सीरीज को अपने नाम करने में कामयाब रही। भारतीय टीम 29 सालों से साउथ अफ्रीका का दौरा कर रही है जिसमें उसने अफ्रीकी सरजमीं पर 8 बार टेस्ट सीरीज खेली और 7 बार हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने सिर्फ एक बार ही सीरीज में बराबरी की लेकिन यहां जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने टेस्ट खेलने वाले देशों के घर पर जाकर कम से कम एक बार टेस्ट सीरीज जरूर जीती है लेकिन साउथ अफ्रीका इकलौता ऐसा देश है जहां पर उसे यह कामयाबी नहीं मिल सकी।

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ऐसे में जब भारतीय टीम इस साल साउथ अफ्रीका के दौरे पर पहुंची तो विराट सेना के लिये यह उपलब्धि हासिल करने का गोल्डन चांस था क्योंकि साउथ अफ्रीका की टीम ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है, जिसकी वजह से टीम में काफी युवा खिलाड़ी खेल रहे हैं। वहीं सेंचुरियन में भारत ने जिस तरह से जीत के साथ सीरीज का आगाज किया उससे साफ हो गया कि विश्व की नंबर 1 टेस्ट टीम इस बार इतिहास रचने में कामयाब हो सकती है, हालांकि कमजोर मानी जा रही साउथ अफ्रीका ने जबरदस्त वापसी की और अपनी टीम को जीत दिलाते हुए भारत को इतिहास रचने से रोका। आइये एक नजर उन खिलाड़ियों पर डालें जिनके दम पर साउथ अफ्रीका की कमजोर टीम ने दुनिया की नंबर 1 टेस्ट टीम को धूल चटाने का कारनामा किया।

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मार्को येन्सन (Marco Jansen)

मार्को येन्सन (Marco Jansen)

साउथ अफ्रीका के लिये इस सीरीज में जिस खिलाड़ी ने जीत में अहम भूमिका निभाई वो थे युवा तेज गेंदबाज मार्को येन्सन जिन्होंने सेंचुरियन में डेब्यू किया और सीरीज खत्म होने तक सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले दूसरे गेंदबाज बने। मार्को येन्सन ने 3 मैच की 6 पारियों में 313 रन देकर 19 विकेट हासिल किये। इस दौरान उन्होंने 3 बार 4 विकेट हॉल चटकाने का काम किया तो वहीं पर उनकी गेंदबाजी का औसत 16.47 रहा। येन्सन ने भारतीय टॉप ऑर्डर को रन नहीं बनाने दिये और जोहान्सबर्ग-केपटाउन टेस्ट में 250 से ज्यादा रन का स्कोर नहीं खड़ा करने दिया, जिसकी वजह से उनकी टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।

कगिसो रबाडा (kagiso rabada)

कगिसो रबाडा (kagiso rabada)

साउथ अफ्रीका के लिये जीत के दूसरे सबसे बड़े हीरो उसके तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा रहे जिन्होंने सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करते हुए कुल 20 विकेट अपने नाम किये। इस दौरान कगिसो रबाडा ने दो बार 4 विकेट हॉल अपने नाम किया और 19.05 की औसत से विकेट अपने नाम किये। कगिसो रबाडा ने अपनी गेंदबाजी से भारत के मध्यक्रम और ओपनर्स को खामोश रखा और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

लुंगी एंगिडी (Lungi Ngidi)

लुंगी एंगिडी (Lungi Ngidi)

साउथ अफ्रीका की जीत में दूसरे हीरो उसके सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज लुंगी एंगिडी रहे जिन्होंने 3 मैचों की 6 पारियों में 15 विकेट हासिल किये और सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बने। लुंगी एंगिडी ने 225 रन देकर 15 विकेट चटकाये और अपने प्रमुख गेंदबाजों कगिसो रबाडा और मार्को येन्सन का भरपूर साथ दिया, जिसकी वजह से भारतीय बल्लेबाज साझेदारियां करने में नाकाम रहे और वो स्कोर नहीं खड़ा कर सके जिससे भारत को जीत मिल सके।

कीगन पीटरसन (Keegan Petersen)

कीगन पीटरसन (Keegan Petersen)

साउथ अफ्रीका की टीम को इस सीरीज में कमजोर मानने का सबसे बड़ा कारण उसकी बल्लेबाजी क्रम में अनुभव की कमी को माना जा रहा था लेकिन उसके बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और टीम को उस मुकाम पर पहुंचाया जहां पर उसने आसानी से चौथी पारी में 200 से ज्यादा रनों के लक्ष्य को हासिल कर लिया। इस जीत में सबसे अहम रोल नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने वाले कीगन पीटरसन का रहा जिन्होंने 3 मैचों की 6 पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाये। कीगन पीटरसन ने 3 अर्धशतकीय पारियों के दम पर इस सीरीज में 46.00 की औसत से 276 रन बनाये और उन मौकों पर अहम पारियां खेली जहां से मैच उनके हाथ से फिसल सकता था।

डीन एल्गर (Dean Elgar)

डीन एल्गर (Dean Elgar)

साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी में कप्तान डीन एल्गर ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई जिन्होंने 47 की औसत से 235 रन बनाये और सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच में यह डीन एल्गर ही थे जिन्होंने नाबाद 96 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को सीरीज में वापसी करने का मौका दिया। वहीं पर केपटाउन टेस्ट मैच की दूसरी पारी में पीटरसन के साथ 78 रनों की साझेदारी कर मैच को भारत के हाथों से दूर कर दिया और वो दोबारा वापसी नहीं कर सके।

टेंबा बावुमा (Temba Bavuma)

टेंबा बावुमा (Temba Bavuma)

सीरीज के दौरान टेंबा बावुमा के बल्ले से भले ही ज्यादा अर्धशतकीय पारियां नहीं देखने को मिली लेकिन उन्होंने मध्यक्रम में मैदान पर उतरकर पारी को लड़खड़ाने से बचाने का काम किया और 73.67 की औसत से 221 रन बनाये और साउथ अफ्रीका के लिये सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे और ओवर ऑल चौथे बल्लेबाज बनें। टेंबा बावुमा ने पीटरसन और एल्गर के साथ अहम साझेदारियां की और साउथ अफ्रीका को लड़खड़ाने से रोका, जिसकी वजह से उनकी टीम दुनिया की नंबर 1 टेस्ट टीम को हराने में कामयाब रही।

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