Bangladesh Landslide: बांग्लादेश के रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में लैंडस्लाइड, 8 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत
Bangladesh Rohingya camp landslide: बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले के उखिया इलाके में मौजूद रोहिंग्या शरणार्थी कैंप में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने बड़ा हादसा कर दिया। इस हादसे में आठ बच्चों समेत कुल 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लगातार हो रही बारिश से कैंप के हजारों लोगों पर अब भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर भेजना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और तेज बारिश का अनुमान जताया है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।

रातों-रात उजड़ गए कई परिवार
भूस्खलन की चपेट में आने से कई झोपड़ियां मिट्टी में दब गईं। राहत टीम, फायर सर्विस और आसपास के लोगों ने मिलकर लोगों को बाहर निकाला। हादसे में आठ बच्चों की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। कई परिवारों ने अपने घर और अपनों को एक साथ खो दिया। प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रहा है ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे।
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2017 में जान बचाकर आए, अब फिर टूटा दुखों का पहाड़
एक रोहिंग्या युवक ने बताया कि उनका परिवार 2017 में म्यांमार में हो रहे अत्याचार से बचकर बांग्लादेश आया था। लेकिन अब इस हादसे में उसके माता-पिता और छोटे भाई की मौत हो गई। उसने कहा कि अब उसके सामने भविष्य को लेकर सिर्फ अनिश्चितता है। ऐसे कई परिवार हैं जो पहले ही अपना देश छोड़ चुके थे और अब इस प्राकृतिक आपदा ने उन्हें फिर से गहरे दुख में डाल दिया है।
लगातार बारिश से बढ़ा नया खतरा
कॉक्स बाजार पुलिस के मुताबिक लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो गई है। हजारों रोहिंग्या परिवार अब भी बांस और तिरपाल से बने घरों में रह रहे हैं, जो ढलान वाली जगहों पर बने हैं। ऐसे में हल्का सा भूस्खलन भी बड़ा हादसा बन सकता है। कैंप में रहने वाले लोगों का कहना है कि हर बार तेज बारिश शुरू होते ही डर का माहौल बन जाता है क्योंकि उन्हें अपनी जान की चिंता सताने लगती है।
लोगों को सुरक्षित जगह भेजने का काम तेज
बांग्लादेश के शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास आयुक्त मोहम्मद मिजानुर रहमान ने बताया कि अब तक करीब 1,000 रोहिंग्या शरणार्थियों को खतरे वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। आने वाले दिनों में हजारों और लोगों को चरणबद्ध तरीके से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही कैंपों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि लोग बारिश और भूस्खलन के दौरान जरूरी सावधानी बरत सकें।
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म्यांमार सीमा पर भी बढ़ी चिंता
म्यांमार के रखाइन राज्य में फिर से संघर्ष बढ़ने की खबरों के बीच बांग्लादेश को नए शरणार्थियों के आने की भी चिंता है। सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है क्योंकि कई लोगों के सीमा के पास जमा होने की जानकारी मिली है। उधर, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन को डर है कि भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से हालात और खराब हो सकते हैं।












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