UP सरकार के रिटायर अफसर Lalit Kumar कौन हैं? घर से 1.62 करोड़ कैश-13 Kg सोना बरामद, किस विभाग में डाला 'डाका'?
Uttar Pradesh Vigilance Raid: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) की टीम ने परिवहन विभाग के रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के ठिकानों पर दो दिन (7-8 जुलाई) तक छापेमारी की। छापे में 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, 1.62 करोड़ रुपये नकद और दर्जनों अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए। कुल बरामद संपत्ति का अनुमानित मूल्य 35 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने टीम को 1 लाख रुपये इनाम की घोषणा की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में चल रही जांच का हिस्सा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कहां से हुई इतनी कमाई? कितनी हुई बरामदगी?

Who Is Lalit Kumar: ललित कुमार कौन हैं?
ललित कुमार आगरा में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वे लखनऊ के अलीगंज (C-143, सेक्टर-E, चंद्रलोक कॉलोनी) में रह रहे थे। उनके खिलाफ दो साल पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। कोर्ट से सर्च वारंट लेकर विजिलेंस टीम ने तलाशी ली।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद?
- नकद: 1.62 करोड़ रुपये (घर के विभिन्न जगहों पर छिपाकर रखे गए)।
- सोना: 13 किलो (बिस्कुट, आभूषण आदि)।
- चांदी: 9 किलो।
- अचल संपत्तियां: लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी, रायबरेली आदि में बंगले, फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि के दस्तावेज।
- वाहन: Toyota Innova और Hyundai i20।
- अन्य: बैंक खाते, FD, म्यूचुअल फंड, पोस्ट ऑफिस निवेश, लग्जरी सामान।
विजिलेंस टीम का दावा है कि सोना-चांदी-नकदी का मूल्य करीब 20 करोड़, जबकि अचल संपत्तियों का मूल्य 13 करोड़ रुपये है। कुल मिलाकर 35 करोड़ से ज्यादा।
Lalit Kumar Net Worth: ललित कुमार की बरामद अचल संपत्तियां (मुख्य)
- 1. C-1453, सेक्टर-E, अलीगंज, लखनऊ (आवासीय भवन)
- 2. C-145, सेक्टर-E, अलीगंज, लखनऊ (भूखंड)
- 3. खसरा नंबर 1321, मोहल्ला भरावन कला, बालकगंज, लखनऊ
- 4. 532/491, बनारसी टोला, अलीगंज, लखनऊ
- 5. 1631, कल्ली पश्चिम, मोहनलालगंज, लखनऊ
- 6. मोहनलालगंज चौराहा, लखनऊ - कृषि भूमि
- 7. ग्राम बेगरिया, मोहनलालगंज - कृषि भूमि
- 8. इस्माइलगंज, लखनऊ - भूखंड
- 9. 10-C/40, वृंदावन योजना, लखनऊ - भूखंड
- 10. फ्लैट नंबर 3002, अंसल API, लखनऊ
- 11. माहेश्वरी इन्फ्राटेक, नोएडा - फ्लैट बुकिंग
- 12. आम्रपाली स्प्रिंग मीडोज, नोएडा - फ्लैट बुकिंग
- 13-15. बाराबंकी, रायबरेली आदि में कृषि भूमि।
कैसे जमा हुई इतनी संपत्ति?
विजिलेंस अब यह जांच कर रही है कि ललित कुमार की वैध आय क्या थी और बरामद संपत्तियां आय के अनुपात में हैं या नहीं। परिवहन विभाग में ARTO जैसे पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार (रिश्वत, अनियमित परमिट आदि) के जरिए संपत्ति जमा करने का शक है।
कानूनी प्रक्रिया आगे क्या?
- सभी संपत्तियों का सत्यापन।
- ललित कुमार से पूछताछ।
- चार्जशीट दाखिल कर मुकदमा चलाना।
- अगर दोषी पाए गए तो संपत्ति जब्त और सजा।













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