IND vs NZ: उमरान मलिक की जगह युजवेंद्र चहल क्यों? भारतीय गेंदबाजी कोच ने उठाया राज से पर्दा
India vs New Zealand, 2nd T20: भारत ने दूसरे टी-20 मैच को 6 विकेट से जीतकर सीरीज में बराबरी कर ली है। अब फैंस की नजरें भारत-न्यूजीलैंड के बीच होने वाली तीसरे मुकाबले पर होगी।

India vs New Zealand, 2nd T20: न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने रविवार को रोमांचक अंदाज में जीत हासिल की। पारी के आखिरी ओवर में सूर्यकुमार यादव के बल्ले से निकले चौके के कारण भारत ने मुकाबले को अपने नाम किया। महज 100 रनों का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने अंत तक खुद को मुकाबले में बनाए रखा था।

चहल ने की दमदार वापसी
लखनऊ में खेले गए मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 99 रन बनाए थे। भारत की ओर से युजवेंद्र चहल ने फिन एलन को क्लीन बोल्ड कर टीम को पहली सफलता दिलाई। चहल के इस विकेट लेने के साथ ही स्पिनर्स की इस मददगार पिच पर न्यूजीलैंड के बाकी बल्लेबाज भी ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गए। युजवेंद्र चहल ने दो ओवर के अपने इस स्पेल में सिर्फ चार रन दिए और एक विकेट अपने नाम किया।

उमरान मलिक की जगह मिला मौका
युजवेंद्र चहल पहले टी-20 मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। लेकिन दूसरे टी-20 में उन्हें उमरान मलिक की जगह टीम में शामिल किया गया। कप्तान हार्दिक के इस फैसले को चहल ने अपने पहले ही ओवर में सही भी साबित किया। टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने अब चहल को टीम में शामिल करने के पीछे की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि इस विकेट पर टीम एक और स्पिनर के साथ जाना चाहती थी, इसलिए उमरान की जगह चहल को मौका दिया गया।

पिच के हिसाब से होता है खिलाड़ियों का चयन
भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने बताया कि उमरान मलिक और युजवेंद्र चहल में से एक को चुनने का फैसला पिच पर निर्भर करता था। आपको हर मैदान के हिसाब से अपनी टीम का कॉम्बिनेशन देखना होता है। मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में पारस ने कहा कि चहल को शामिल किया गया क्योंकि हमें लगा कि एक अतिरिक्त स्पिनर इस पिच के लिए सही रहेगा।

पावरप्ले में इस वजह से दी गई गेंदबाजी
गेंदबाजी कोच ने खुलासा करते हुए बताया कि चहल को पावरप्ले में गेंदबाजी कराने का प्लान कप्तान हार्दिक पंड्या का था। वह दाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने युजवेंद्र चहल से शुरुआती ओवर में गेंदबाजी कराना चाहते थे। हार्दिक को शायद लगा कि एक लेग स्पिनर उस स्थिति में मदद कर सकता है और हुआ भी कुछ ऐसा ही। उन्होंने कहा कि इस विकेट पर 120-30 रन काफी चुनौती पूर्ण लक्ष्य बन जाता।












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