'मुझे अब भी है यकीन भारत जीत सकता है मैच, लेकिन..'सबा करीम ने बताया बचे हुए 100 रन बनेंगे या नहीं
बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में भारत को आज 100 रन और बनाने होंगे जबकि 6 विकेट हाथ में हैं। सबा करीम का मानना है कि भारत मैच जीत तो सकता है लेकिन कुछ और भी चीजें हैं जिनका ध्यान रखना होगा।

टीम इंडिया बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में चल रहे दूसरे टेस्ट में काफी संघर्ष कर रही है। दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम से दूसरा मैच भी आसानी से जीतने की अपेक्षा थी लेकिन इस बार बल्लेबाज ने निराश किया है। टॉप ऑर्डर दोनों ही पारियों में खराब साबित हुआ। आज यानी चौथे दिन मैच का रिजल्ट आना तय है जो किसी भी पक्ष में जा सकता है लेकिन भारत के पूर्व क्रिकेटर सबा करीम ने कहा है कि उन्हें अब भी लगता है कि भारत ये टेस्ट जीत सकता है। टीम इंडिया ने तीसरे दिन को 45/4 पर समाप्त किया और मैच जीतने के लिए 100 और रनों की आवश्यकता है।
सोनी स्पोर्ट्स पर बोलते हुए, करीम ने कहा कि भारत को यह मैच चौथे दिन जीतना चाहिए, लेकिन साथ ही कहा कि अगर कुछ विकेट जल्दी गिर जाते हैं तो भारत दबाव में आ जाएगा। यहां पर पहला सत्र काफी अहम होगा।
उन्होंने कहा, 'इस समय भारत पर काफी दबाव बढ़ गया है। मेरा अभी भी मानना है कि भारत को यह मैच जीतना चाहिए, लेकिन अगर पहले सत्र में एक या दो विकेट गिरते हैं तो दबाव और बढ़ जाएगा।
करीम ने पहली पारी में ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर की साझेदारी से सीख लेने की सलाह दी। भारत की पहली पारी में भी टॉप ऑर्डर फेल साबित हुआ था तब पंत की अगुवाई में भारत ने 300 पार स्कोर किया। पंत शतक से चूक गए लेकिन पॉजीटिव इंटेंट के साथ बता दिया कि इस पिच पर रन कैसे किए जाते हैं। बांग्लादेश ने भी दूसरी पारी में निचले क्रम पर जब इरादा दिखाया तब कुछ रन आए।
उन्होंने कहा, "भारत को अपनी पहली पारी और बांग्लादेश की दूसरी पारी में साझेदारी से सीख लेनी चाहिए थी। श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत ने पहली पारी में शानदार साझेदारी की जहां उन्होंने प्रति ओवर 5.5 से 6 रन बनाए। लिटन दास और तस्कीन अहमद की साझेदारी में भी रन रेट पांच के करीब था।'
Read More- शाहिद अफरीदी बने पाकिस्तान क्रिकेट के अंतरिम चीफ सिलेक्टर, बोले- कोई कसर नहीं छोड़ूंगा
Recommended Video

करीम का मानना है कि बल्लेबाजों में कॉन्फिडेंस की कमी दिखाई दी। उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि हमने अपने ऊपर मुश्किल को लाद दिया है। हमें इस तरह के नजरिए की आवश्यकता नहीं है। शुबमन गिल जिस तरह से खेलते हैं, वह बाहर निकलने के बाद आसानी से शॉट खेलते हैं, आज वह बाहर भले ही निकल रहे थे लेकिन डिफेंड कर रहे थे। शॉट खेलने का आत्मविश्वास नहीं दिखा। इससे पहले उन्होंने (गिल) जो भी पारियों खेली, उनमें बाहर निकलकर ड्राइव खेलते थे। आप वहां सिंगल हासिल कर सकते हैं और आप बाउंड्री भी लगा सकते हैं।'












Click it and Unblock the Notifications