शार्दुल ने शास्त्री को 'गोली' देकर बचाया सिडनी टेस्ट! पूर्व कोच ने बताया एक झूठ ने कैसे किया कमाल
सिडनी टेस्ट ड्रा का अनसुना हीरो, मैच खेले बिना ही भारत के ऐतिहासिक ड्रा में निभाया था अहम किरदार। पूर्व कोच ने किया खुलासा।

ऑस्ट्रेलिया में 2020/21 की जीत भारत की अब तक की सबसे बड़ी विदेशी क्रिकेट जीत में से एक के रूप में दर्ज है। ये टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इतनी बुरी तरह से पिछड़ने के बावजूद एक महातमक वापसी में एक भी है। ये सब हुआ कंगारूओं की खुद की धरती पर जहां भारत के सीनियर एक के बाद एक चोटिल होते जा रहे थे और ऊपर से कुख्यात '36 ऑल आउट' प्रकरण ने तो कंगारूओं को बहुत ही आगे कर दिया था। ऐसे में भारत ने अपनी दूसरी पंक्ति की टीम के साथ पैट कमिंस के नेतृत्व वाली ताकतवार ऑस्ट्रेलिया से बेहतर प्रदर्शन किया और गाबा में जीत सभी के लिए सबसे यादगार बनी हुई है। ऐसे में देखा जाए तो ये टेस्ट सीरीज के इतिहास का सबसे बेजोड़ प्रदर्शन है जो किसी मेहमान टीम ने सभी बाधाओं से लड़कर किया।

शार्दुल ठाकुर ने भी एक रोल निभाया था
2020/21 सीरीज से सिडनी टेस्ट भी बहुत जबरदस्त तरीके से लड़कर ड्रा किया गया था जिसमें लिए हनुमा विहारी और अश्विन ने साहस दिखाया। लेकिन इस जीत में शार्दुल ठाकुर ने भी एक अजीबोगरीब किरदार निभाया था जो उस मैच में एक सबस्टिट्यूट ही थे। टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने अपनी किताब 'कोचिंग बियॉन्ड: माई डेज विद द इंडियन क्रिकेट टीम' में खुलासा किया है कि चाय के समय यह तय किया गया था कि विहारी तेज गेंदबाजों का सामना करेंगे और अश्विन नाथन लियोन का क्योंकि चोट के चलते विहारी को लियोन का सामना करने में दिक्कत हो रही थी।

रवि शास्त्री ने शार्दुल ठाकुर को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान भेजा
श्रीधर ने कहा कि शुरुआत में ये प्लान सफल रहा लेकिन जब दोनों बल्लेबाजों ने एक अनावश्यक सिंगल लेने का विकल्प चुना तब विहारी लियोन के सामने आ गए। इसके बाद भारत के मुख्य कोच, रवि शास्त्री ने शार्दुल ठाकुर को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान इस संदेश के साथ भेजा कि अश्विन और विहारी को उसी प्लान पर टिके रहना होगा।

मेरी बात बहुत ध्यान से सुनो
श्रीधर ने कहा, जब प्लान से उल्टा होने लगा तो रवि शास्त्री का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने शार्दुल ठाकुर को बुलाया और उनसे कहा, "मेरी बात बहुत ध्यान से सुनो, और उन्हें यह दोहराओ: चाहे कुछ भी हो जाए, विहारी तेज गेंदबाजों को संभालेंगे, अश्विन लियोन को खेलेंगे। कोई सिंगल नहीं होगा, ना ही एंड बदले जाएंगे। समझे?'
शार्दुल मुस्कुराए और कहा, 'हां, सर', और अश्विन के लिए पानी की बोतल लेकर बीच में आ गए।"

कोच को झूठ बोल
लेकिन मजे की बात ये थी कि शार्दुल ने शास्त्री की बात बल्लेबाजों को बताई ही नहीं और कोच को झूठ बोल दिया कि वे सब बताकर आ चुके। श्रीधर को लगा कि या तो तेज गेंदबाज बीच के रास्ते में ही ये शास्त्री का ऑर्डर भूल गया या वह शायद बल्लेबाजों की लय को तोड़ना नहीं करना चाहता था जो अंत में 259 गेंदों तक जारी रही। श्रीधर अंत में शार्दुल की इस हरकत की तारीफ ही करते हैं।
"बल्लेबाजों के साथ कुछ बातचीत करने के बाद, वह वापस अंदर भाग गया। तब शास्त्री ने उससे कहा, 'क्या तुमने मेरा संदेश दिया?' 'हां, सर, बिल्कुल, शार्दुल ने जवाब दिया।

मैच बचाने के लिए शानदार काम किया ठाकुर ने- श्रीधर
श्रीधर ने बताया, "केवल बहुत बाद में जब हमने महान ड्रा कराया तो असली कहानी सामने आई। शार्दुल मैदान पर जब गए थे तब अश्विन ने उनसे पूछा कि ड्रेसिंग रूम में क्या कहा जा रहा है।" शार्दुल ने जवाब दिया, 'वहां तो बहुत सी बातें कह रहे हैं, लेकिन आप लोग टेंशन ना लें। आप अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं, बस वही चीजें करते रहें।' शार्दुल ने रवि के संदेश को पास नहीं किया, बल्कि उन्होंने बल्लेबाजों को ठीक वही कहा जो वे उस समय सुनना चाहते थे। शायद वह समझ गया था कि अब कोई भी मैसेज बल्लेबाजों की लय बिगाड़ सकता है और फिर उन्होंने अपनी ओर जो बात कही जो उन परिस्थितियों में बेस्ट थी। उसे सलाम! हम खुद खिलाड़ियों को उनके विवेक से हिसाब की छूट देते हैं और ठाकुर का मैसेज तब यही बात आगे बढ़ा रहा था।"
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