Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

अगर मेरा भी कोई BCCI में होता तो बन जाता कप्तान, हरभजन ने कप्तानी पर दिया बड़ा बयान

Harbhajan Singh

नई दिल्ली। साल 2016 में भारत के लिये आखिरी बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने हाल ही में खेल के हर प्रारूप से संन्यास का ऐलान कर दिया। 2016 के बाद से भले ही हरभजन सिंह भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके हों लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग में वो सक्रिय रूप से खेलते नजर आये हैं। हालांकि साल 2021 में जब कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए उन्हें सिर्फ 2 ही मैचों में खेलने का मौका मिला तो इस दिग्गज स्पिनर ने अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहने का फैसला कर लिया। फैन्स को हरभजन सिंह भले ही क्रिकेटर के रोल में अब खेलते हुए नजर न आयें पर रिपोर्ट के अनुसार वह आने वाले समय में कोचिंग की भूमिका में नजर आ सकते हैं।

और पढ़ें: धोनी से अपने रिश्ते पर हरभजन सिंह ने दी सफाई, कहा- मेरी उनसे शादी नहीं हुई है

हरभजन सिंह भारत के सबसे शानदार गेंदबाजों में से एक रहे, जिन्होंने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर कई सारी यादगार जीत दिलायी। इस दौरान उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 711 विकेट (417 टेस्ट, 269 वनडे और 25 टी20 विकेट) और आईपीएल में 150 विकेट हासिल किये हैं। हरभजन सिंह ने अपने करियर के दौरान कई सारी उपलब्धियां हासिल की और भारत को दो बार विश्वकप जीतने में भी अहम भूमिका निभाई, हालांकि इसके बावजूद यह खिलाड़ी कभी भी टीम की कप्तानी नहीं कर सका।

और पढ़ें: IPL 2022 के मेगा ऑक्शन को लेकर आकाश चोपड़ा ने की भविष्यवाणी, बताया कौन बनेगा सबसे महंगा भारतीय बॉलर

बीसीसीआई में कोई नहीं होने के चलते नहीं बना पाया कप्तान

बीसीसीआई में कोई नहीं होने के चलते नहीं बना पाया कप्तान

न्यूज 18 के क्रिकेटनेक्स्ट के साथ बात करते हुए हरभजन सिंह से इसी को लेकर सवाल किया गया कि क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कप्तानी ही एक ऐसा एरिया जो आपके सफल करियर में नहीं मिल सका, आपने आईपीएल में भी अच्छी कप्तानी की लेकिन उसके बावजूद राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके, इस पर आपका क्या कहना है।

इस सवाल के जवाब में हरभजन ने कहा,'जी हां, यह मेरे करियर का एक और ऐसा हिस्सा है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता है- मेरी कप्तानी। मैं बीसीसीआई में किसी को जानता नहीं हूं, जो जरूरत पड़ने पर मेरा नाम आगे (देश के लिये कप्तानी) रख सके। अगर आप उन लोगों में से नहीं जो किसी के पसंदीदा (किसी ताकतवर और पहुंच वाले) हों तो आपको यह सम्मान नहीं मिलता है। लेकिन इस बात को यहीं छोड़ते हैं क्योंकि मैं जानता हूं कि मुझमें काफी क्षमता (कप्तानी को लेकर) थी और मैं कई सारे कप्तानों को गाइड भी करता था। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है कि मैं भारत का कप्तान था या नहीं। मुझे इसको लेकर कोई दुख भी नहीं है कि मैं भारतीय टीम का कप्तान नहीं बन सका। मैं हमेशा एक खिलाड़ी के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करके खुश था।'

कप्तानी नहीं मिली फिर भी कमाया सम्मान

कप्तानी नहीं मिली फिर भी कमाया सम्मान

हरभजन सिंह के इस जवाब पर उनसे पूछा गया कि आपको भले ही कप्तानी नहीं मिल सकी हो लेकिन आपने अपने सबसे बड़े विरोधियों के बीच भी सम्मान कमाया है, खास तौर से ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ियों के युग में। रिकी पोंटिंग ने तो ऑन रिकॉर्ड आपको सबसे मुश्किल गेंदबाज करार दिया था।

इस पर जवाब देते हुए हरभजन ने कहा,'पोंटिंग, (मैथ्यू) हेडेन काफी बड़े खिलाड़ी हैं, जब भी वो इस तरह की बात कहते हैं तो अच्छा लगता है। वो आपकी बेवजह तारीफ नहीं करते हैं। मैंने एक खिलाड़ी के तौर पर सच में ही कुछ खास किया होगा जिसके चलते उन्होंने मेरी तारीफ की। उस वक्त ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हमारे जमाने के खिलाड़ियों पर बॉस की तरह धाक जमाती थी। ऐसे में यह खुद के लिये काफी बड़ी चुनौती होती थी जब आपको दुनिया के बेस्ट के खिलाफ खुद को साबित करना पड़ता था।'

हरभजन की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने जीता था पहला खिताब

हरभजन की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने जीता था पहला खिताब

गौरतलब है कि हरभजन सिंह को भले ही भारतीय टीम में कप्तानी करने का मौका नहीं मिल सका हो लेकिन आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिये 2010 में सचिन तेंदुलकर के कप्तानी छोड़ने के बाद हरभजन ने ही टीम की कमान संभाली और टीम को पहली चैम्पियनशिप लीग टी20 का खिताब जिताने का कारनामा किया। हरभजन सिंह की कप्तानी में मुंबई की टीम ने 2011 में यह कारनामा किया था, जिससे पहले यह टीम आईपीएल में दो बार लीग स्टेज, एक बार रनर्स अप और एक बार प्लेऑफ तक पहुंच सकी थी। वहीं पर चैम्पियन्स लीग टी20 में मुंबई इंडियंस की टीम दूसरी ही क्वालिफाई कर पायी थी जिसमें हरभजन की कप्तानी वाली टीम ने पहला खिताब जीता।

हालांकि जब कप्तानी के चलते हरभजन सिंह के निजी प्रदर्शन पर असर नजर आने लगा तो उन्होंने कप्तानी छोड़कर बतौर खिलाड़ी खेलना जारी रखा। हरभजन ने 2013 में कप्तानी से इस्तीफा दिया, जिसका फायदा टीम को मिला और टीम ने इस साल खेले गये आईपीएल और चैम्पियन्स लीग टी20 ट्रॉफी दोनों का ही खिताब अपने नाम किया।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+