Rajnath Singh के परिवार पर टूटा कहर! भतीजे समेत 2 की मौत, कौन था प्रशांत? कैसे गई जान? डेडबॉडी एयरलिफ्ट
Defence Minister Rajnath Singh Nephew Death: मात्र 24 घंटे के अंदर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के परिवार पर शोक की दो बड़ी लहरें टकराईं। एक तरफ, 29 साल के भतीजे प्रभात सिंह की मौत। दूसरी तरफ, बहू के भाई, पद्मश्री विजेता दिग्गज शूटर और मनु भाकर के कोच जसपाल राणा (49) का दुनिया से अलविदा कहना। जिससे पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि प्रभात सिंह की डेड बॉडी इंदौर से एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाई गई, उसके बाद वाराणसी पहुंचाया गया। वहीं, पद्मश्री से सम्मानित दिग्गज शूटर जसपाल राणा का पार्थिव शरीर देहरादून के पोंदा स्थित मझोन गांव में उनके आवास पहुंच गया। बेटे का पार्थिव शरीर देख परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इधर, प्रशांत के पीछे छूट गई पत्नी-बच्चे। आइए जानते हैं कि कैसे हुई भतीजे की मौत? कहां अंतिम संस्कार? पूरी टाइमलाइन...

Who Was Prabhat Singh: कौन थे प्रभात सिंह?
प्रभात सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती क्षेत्र, गाय घाट के निवासी थे। उम्र 29 वर्ष। उनके पिता प्रदीप सिंह राजनाथ सिंह के रिश्ते में भाई लगते हैं। परिवारिक स्रोतों के अनुसार प्रभात, रक्षा मंत्री के बेहद करीबी थे। वे दिल्ली में रहते थे और परिवार की जिम्मेदारियों को संभाल रहे थे। पत्नी और 11 माह की बेटी उनके पीछे छूट गईं।
प्रभात एक साधारण युवा थे, जो निजी कामों के सिलसिले में मध्य प्रदेश गए हुए थे। उनकी मौत ने बलिया और दिल्ली दोनों जगह शोक की लहर फैला दी। यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा की कमी, तेज रफ्तार और युवा मौतों की एक और उदाहरण बन गई। पुलिस ने बस ड्राइवर और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
Who Was Jaspal Rana: कौन थे जसपाल राणा? शूटिंग के महानायक
जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में हुआ। पिता नारायण सिंह राणा (1971 युद्ध के वेटरन और उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री) उनके पहले कोच थे। परिवार पूरी तरह शूटिंग से जुड़ा था। बहन सुषमा और भाई सुभाष भी शूटर रहे।
वे शूटर से कोच बने। देहरादून में अपनी संस्था चलाते थे। राजनीति में भी सक्रिय रहे। BJP से कांग्रेस में आए, लेकिन खेल उनका मुख्य क्षेत्र रहा। GST पर स्पोर्ट्स इक्विपमेंट टैक्स कम कराने में अहम भूमिका निभाई। जसपाल राणा ने भारतीय शूटिंग को लोकप्रिय बनाया। मनु भाकर समेत कई खिलाड़ियों ने उन्हें गुरु माना।
अब समझें टाइमलाइन...
11 जून 2026, गुरुवार रात करीब 11 बजे: इंदौर दुर्घटना
मध्य प्रदेश के इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में यह हादसा हुआ। प्रभात सिंह अपने तीन परिचितों के साथ देवास से इंदौर लौट रहे थे। किसी निजी काम के सिलसिले में वे देवास गए हुए थे। सड़क किनारे गाड़ी रोकी गई। प्रभात जैसे ही कार में वापस बैठने लगे, तभी तेज रफ्तार अनियंत्रित बस ने उन्हें टक्कर मार दी। महज 10 सेकंड की देरी ने एक युवा जीवन छीन लिया। बस चालक मौके से फरार हो गया।
प्रभात के सिर में गंभीर चोटें आईं। साथी उन्हें अरबिंदो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही सोनकच्छ विधायक राजेश सोनकर, BJP कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। रात 3 बजे पोस्टमॉर्टम पूरा किया गया।
12 जून 2026, शुक्रवार सुबह: प्रभात सिंह का शव एयरलिफ्ट
शव को विशेष विमान से इंदौर से दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया। वहां से इसे वाराणसी ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार हुआ।
12 जून 2026: जसपाल राणा का निधन
दिल्ली के साकेत मैक्स अस्पताल में जसपाल राणा की कार्डियक रप्चर (हृदय संबंधी जटिलता) से मौत हो गई। वे 49 वर्ष के थे। वे सोते हुए चल बसे। उनकी बहन सुषमा सिंह राणा राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह की पत्नी हैं।
अंतिम संस्कार कब कहां?
- प्रभात सिंह: दिल्ली पहुंचने के बाद शव को वाराणसी ले जाया गया। बलिया (रेवती/गाय घाट) से संबंधित होने के कारण परिवार ने वाराणसी में अंतिम संस्कार का फैसला लिया।
- जसपाल राणा: देहरादून के पोंदा स्थित मझोन गांव में पार्थिव शरीर पहुंचा। परिवार के सदस्यों ने भावुक दृश्य देखे। बाद में वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की खबर आई।
परिवार पर दोहरी मार, टूटा कहर!
राजनाथ सिंह का परिवार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जड़ों से जुड़ा है। एक तरफ बलिया से युवा भतीजे की मौत, दूसरी तरफ बहू के भाई जसपाल की अचानक विदाई। राजनाथ सिंह ने जसपाल के निधन पर शोक व्यक्त किया। कहा कि एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच... भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका।













Click it and Unblock the Notifications