'मैंने सुधारी थी उसकी गलतियां', पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने सुनाई कोहली से जुड़ी अनसुनी कहानी
नई दिल्ली। मौजूदा समय में जब भी दुनिया के सबसे बड़े और टैलेंटेड क्रिकेटर की बात होती है तो उसमें विराट कोहली का नाम जरूर शामिल होता है, जिन्होंने पिछले एक दशक में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। विराट कोहली ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ मोहाली में खेले गये पहले टेस्ट मैच में अपने करियर का 100वां टेस्ट मैच खेला था और यह कारनामा करने वाले 12वें भारतीय खिलाड़ी बने थे। विराट कोहली ने पिछले एक दशक के दौरान कई सारे रिकॉर्ड, उपलब्धियां अपने नाम की और भारतीय क्रिकेट के चेहरे को बदलने का श्रेय भी उन्हे ही जाता है।

इस दौरान उनकी छवि एक आक्रामक क्रिकेटर की बनी रही, लेकिन पिछले कुछ सालों में वो अपने रवैये को प्रदर्शन में बदलते नजर आये हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी चंदु बोर्डे ने विराट कोहली में आये इस बदलाव के बारे में बात करते हुए विराट कोहली से जुड़ी एक ऐसी अनसुनी कहानी सुनायी है जो कि उनके अंडर 19 के दिनों से जुड़ी है।
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मैंने सुधारी थी उसकी गलतियां
न्यूज 18 को दिये गये एक इंटरव्यू में बात करते हुए इस पूर्व क्रिकेटर ने विराट कोहली से अपनी पहली मुलाकात को याद किया और बताया कि कैसे मौजूदा विराट कोहली को बनाने के पीछे बीसीसीआई की सोची समझी रणनीति थी। इस दौरान उन्होंने कोहली के साथ अपनी उस मुलाकात का जिक्र किया जिसके लिये बीसीसीआई ने उन्हें भेजा था।
उन्होंने कहा,'जब वो 17 या 18 साल का था तो मोहाली के मैदान पर नॉर्थ जोन की तरफ से कोचिंग कैंप रखा गया था। उस कैंप में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में विराट कोहली भी थे जिन्हें सिखाने के लिये मुझे बीसीसीआई की ओर से भेजा गया था। मैंने जब उसे नेटस पर खेलते हुए देखा था तो यही पाया था कि वो नेटस पर भी उसी अटैकिंग एप्रोच के साथ बल्लेबाजी करता है। मैंने उसकी बल्लेबाजी में जो भी गलतियां हो रही थी उसे सुधारने के लिये कुछ सलाह दिये। जिसके बाद कोहली उन सुझावों को नेटस पर अभ्यास कर खुद में सुधार लाने की कोशिश करता नजर आया।'

अगर पसंद आयी तभी मानते हैं सलाह
बोर्ड ने आगे बात करते हुए बताया कि ऐसा नहीं है कि विराट कोहली सीधे आपकी बात को ज्यों का त्यों मान लेते हैं, वह आपकी हर बात को ध्यान से सुनते हैं, प्वाइंटर बनाते हैं और खुद विचार करने के बाद एक फाइनल खाका तैयार कर अभ्यास करते हैं। वह आपके सुझाव तभी मानेंगे जब वो पूरी तरह से सहमत होंगे। उन्हें पीछे हटना पसंद नहीं है और न ही खड़े होकर दूसरों को देखना, वह हर वक्त कुछ न कुछ करता रहता था। वह बचपन से ही एक उत्साही क्रिकेटर रहा है, जिसे देखना शानदार रहा है। कोहली में आगे बढ़ने की ललक है और वो एक जगह पर फंसे नहीं रहना चाहते हैं। वह अगर मैदान पर हैं तो हर वक्त मैच में बने रहना चाहते हैं।

सबका सम्मान करते हैं कोहली
भारतीय चयन समिति के पूर्व चेयरमैन चंदू बोर्डे ने इस दौरान विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि वह शुरू से अपने सीनियर्स के प्रति सम्मानजनक रवैया अपनाते रहे हैं। वह मैदान पर एग्रेसिव नजर आ सकते हैं पर अपने सीनियर्स के प्रति उनका व्यवहार उतना ही सम्मानजनक होता है।
उन्होंने कहा,'वह अपने सीनियर्स की इज्जत करता है। मैं उनसे दो साल पहले कोलकाता में खेले गये डे-नाइट मैच के दौरान मिला था। इस मैच में जैसे ही उसने मुझे देखा, मुस्कुरा कर मेरा अभिवादन किया और मिलने आया। वह उन क्रिकेटर्स में से है जिनके मन में अभी भी पुराने खिलाड़ियों के प्रति सम्मान है।'












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