IPL 2022 में एक गेंद फेंकने पर मिलने थे 3.43 लाख रुपये, पर अब मंडरा रहा बाहर होने का खतरा
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन को शुरू होने में अब कुछ ही हफ्तों का समय बाकी रह गया है, जिसको देखते हुए सभी फ्रैंचाइजियों ने ट्रेनिंग कैम्प की शुरुआत कर दी है। इस फेहरिस्त में 4 बार की खिताबी चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स भी शामिल है, जिसके खेमे में कप्तान धोनी समेत कई खिलाड़ी पहुंच चुके हैं। आईपीएल 2022 में पांचवी बार खिताब जीतने का सपना देख रही चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को सीजन का आगाज होने से पहले बड़ा झटका लगा है, जिसका असर उसके कैंपेन पर भी देखने को मिल सकता है।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच हाल ही में खेली गई टी20 सीरीज के आखिरी मैच के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने तेज गेंदबाज दीपक चाहर चोटिल हो गये थे। कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गये आखिरी मैच के दौरान उनके दायें पैर के क्वाडरिसेप्स में चोट आ गई थी, जिसकी वजह से वह अपना दूसरा ओवर पूरा नहीं कर पाये थे और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। दीपक चाहर ने इस मैच में 1.5 ओवर्स की गेंदबाजी कर दो विकेट हासिल किये थे और पिछले कुछ मैच में काफी जबरदस्त फॉर्म में भी नजर आये थे।

कम से कम 8 हफ्ते के लिये बाहर होंगे चाहर
इसकी वजह से चेन्नई सुपर किंग्स को अपने इस तेज गेंदबाज से एक बेहतरीन सीजन देखने की उम्मीद थी, हालांकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह भारतीय गेंदबाज कम से कम 8 हफ्तों तक मैदान पर वापसी नहीं कर सकता है। इतना ही नहीं दीपक चाहर की रिकवरी स्पीड की कोई गारंटी नहीं होने की वजह से यह खिलाड़ी पूरे सीजन के लिये भी बाहर हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो सीएसक की टीम को बड़ा झटका लगेगा। दीपक चाहर फिलहाल बेंगलुरू स्थित नेशनल क्रिकेट एकाडमी में चोट से रिकवरी पर काम कर रहे हैं।
सीएसके की टीम ने आईपीएल 2022 के लिये की गई खिलाड़ियों की नीलामी के दौरान दीपक चाहर पर अपने इतिहास की सबसे बड़ी लगाई और 14 करोड़ रुपये में खरीदा। वह इस सीजन सबसे महंगे बिकने वाले दूसरे खिलाड़ी बने जबकि सीएसके के इतिहास में नीलामी के दौरान खरीदे गये सबसे महंगे खिलाड़ी बने।

सीएसके ने 14 करोड़ में खरीदा, पर अब खेलना मुश्किल
आईपीएल 2022 के लिये टीमें सिर्फ 4 खिलाड़ियों को ही रिटेन कर सकती थी जिसकी वजह से सीएसके ने मोइन अली, रविंद्र जडेजा, ऋतुराज गायकवाड़ और धोनी को रिटेन किया और नीलामी के दौरान अंबित रायडु, दीपक चाहर, रॉबिन उथप्पा, ड्वेन ब्रावो और एन जगदीशन जैसे खिलाड़ियों को दोबारा अपने खेमे में शामिल किया। दीपक चाहर ने साल 2016 मे आईपीएल में अपना डेब्यू किया था लेकिन वो शुरू से ही धोनी की कप्तानी में खेल रहे हैं। धोनी की कप्तानी में उन्होंने 2016 और 2017 के दौरान राइजिंग पुणे सुपरजाएंटस की ओर से हिस्सा लिया तो वहीं साल 2018 में सीएसके की टीम ने 80 लाख रुपये देकर उन्हें अपने खेमे से जोड़ा।
हालांकि इस साल नीलामी में जब चाहर उतरे तो उन्होंने अपना बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये रखा था और जब नीलामी शुरू हुई तो उन्हें उसका 7 गुना दाम मिला। दीपक चाहर के लिये राजस्थान रॉयल्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और सीएसके की टीम के बीच बिड वॉर देखने को मिली, जहां पर चेन्नई की टीम ने इस खिलाड़ी को वापस खेमे से जोड़ने के लिये अपना पर्स खोल दिया, हालांकि अब उनके न खेल पाने का खतरा टीम को बड़ा झटका दे सकता है।

आईपीएल इतिहास के तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी हैं चाहर
दीपक चाहर आईपीएल के नीलामी इतिहास में तीसरे सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बने। इस फेहरिस्त में युवराज सिंह का नाम सबसे ऊपर है, जिन्हें 2015 में खरीदने के लिये दिल्ली कैपिटल्स के टीम ने 16 करोड़ रुपये खर्च किये थे। वहीं पर इसी सीजन मुंबई इंडियंस ने ईशान किशन को खरीदने के लिये 15.25 करोड़ रुपये खर्च किये। युवराज सिंह को 2014 में आरसीबी की टीम ने 14 करोड़ रुपये में खरीदा था तो वहीं पर अब दीपक चाहर भी इस लिस्ट में शामिल हो गये हैं।

एक गेंद फेंकने पर मिल रहे हैं 3.43 लाख
इस बीच फैन्स के मन में एक बड़ा सवाल आ रहा है कि चाहर को इस टूर्नामेंट में जितनी रकम मिल रही है, उस हिसाब से उनकी एक गेंद कितने की पड़ रही है। गौरतलब है कि आईपीएल 2022 में हर टीम को कम से कम 14 मैच खेलने हैं, नॉकआउट मैच शामिल नहीं है और हम दीपक चाहर को लीग स्टेज के सभी मैचों में खेलता हुआ देखते तो वो इस दौरान 336 गेंदे ही फेंक सकते हैं। अगर सीएसके की टीम फाइनल में पहुंचती है और तो वो 17 मैच में अधिकतम 408 गेंद फेंक सकते हैं। ऐसे में नीलामी में मिली रकम को देखते हुए दीपक चाहर की प्रति गेंद फेंकने का खर्च निकाला जाये तो उन्हें सीएसके की टीम हर गेंद फेंकने के लिये लगभग 3.43 लाख रुपये दे रही है।












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