कप्तान मिताली से ज्यादा सैलरी लेती हैं उपकप्तान हरमनप्रीत कौर, विश्वकप से पहले BCCI ने जारी किये सेंट्रल करार
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय न्यूजीलैंड की मेजबानी में खेले जाने वाले महिला विश्वकप 2022 का हिस्सा बनने पहुंची हैं, जहां पर उसे पाकिस्तान के खिलाफ 6 मार्च से अपने कैंपेन का आगाज करना है। 4 मार्च से शुरू होने वाले इस मल्टी नेशन टूर्नामेंट का पहला मैच न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज की महिला टीम के बीच खेला जाना है। इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने खिलाड़ियों के लिये जारी किये जाने वाला सालाना अनुबंध की लिस्ट जारी कर दी है, जिसके तहत उसने पुरुष क्रिकेट के 27 और महिला क्रिकेट टीम के 17 खिलाड़ियों को अलग-अलग कैटेगरी में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया है।

उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई जहां पर पुरुष क्रिकेट में 4 कैटेगरी (ए प्लस- 7 करोड़, ए- 5 करोड़, बी- 3 करोड़ और सी- एक करोड़) में खिलाड़ियों को करार देती है तो वहीं पर महिला क्रिकेट में सिर्फ 3 कैटेगरी में ही करार दिया जाता है। हालांकि दोनों टीमों की सैलरी में जमीन आसमान का फर्क है। जहां पर पुरुष क्रिकेट में न्यूनतम सैलरी एक करोड़ रुपये है तो वहीं पर महिला क्रिकेट में अधिकतम सैलरी 50 लाख रुपये है।
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मिताली से ज्यादा पैसे ले रही हैं हरमनप्रीत कौर
महिला क्रिकेट टीम के लिये बीसीसीआई ए, बी और सी कैटेगरी के तहत करार देता है, जिसमें ए कैटेगरी में शामिल प्लेयर्स को 50 लाख रुपये, बी कैटेगरी में शामिल प्लेयर्स को 30 लाख और सी कैटेगरी के प्लेयर्स के लिये 10 लाख रुपये की सैलरी दी जाती है। इतना ही नहीं महिला और पुरुष क्रिकेट की सैलरी में एक और बड़ा फर्क देखने को मिलता है कि जहां पर पुरुष क्रिकेट में कप्तान की सैलरी अन्य खिलाड़ियों से कम नहीं होती है तो वहीं पर महिला क्रिकेट में ऐसा नहीं है।
अक्टूबर 2021 से सितंबर 2022 तक के लिये जारी किये गये इस करार में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज को ग्रेड बी के तहत सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है जबकि उपकप्तान हरमनप्रीत कौर को ग्रेड ए के तहत करार दिया गया है। इसका मतलब है कि जहां पर कप्तान होने के बावजूद मिताली राज को सिर्फ 30 लाख रुपये की सैलरी मिलेगी तो वहीं पर हरमनप्रीत कौर को 50 लाख दिये जायेंगे।

जेमिमा को हुआ नुकसान, तो शैफाली को मिला पहला करार
बीसीसीआई ने महिला टीम के लिये सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की जो लिस्ट जारी की है उसके तहत हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और पूनम यादव को ए ग्रुप में बरकरार रखा गया है तो वहीं पर ऑलराउंडर दीप्ती शर्मा और लेग स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ को प्रमोशन के तहत ए ग्रेड का करार दिया गया है। इसके तहत इन 5 प्लेयर्स को 50 लाख रुपये सालाना की सैलरी दी जायेगी। वहीं महिला विश्वकप के बाद सन्यास लेने का ऐलान कर चुकी मिताली राज और झूलन गोस्वामी को ग्रेड बी के तहत करार दिया गया है, जबकि विश्वकप टीम में नहीं चुनी गई जेमिमा रोड्रिगेज को डिमोशन मिला है। जेमिमा को ग्रेड बी से बाहर कर ग्रेड सी के तहत करार दिया गया है जबकि पिछले एक साल में अपनी नई पहचान बना चुकी युवा शैफाली वर्मा को ग्रेड बी के तहत करार दिया गया है।

मानसी और राधा यादव पर गिरी गाज
बीसीसीआई ने सालाना करार के तहत कुल 17 प्लेयर्स की लिस्ट जारी की है, जिसमें जेमिमा के अलावा शिखा पांडे को भी डिमोशन मिला है। शिखा पांडे को ग्रुप सी में भेजा गया है, जबकि स्नेह राणा को ग्रुप सी के तहत पहली बार करार दिया गया है। पूजा वस्त्राकार को प्रमोशन मिला है और अब वो ग्रुप बी के तहत करार हासिल कर चुकी हैं। मानसी जोशी और राधा यादव को उनके गिरते प्रदर्शन के चलते सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।

जानें किसे किस ग्रेड के तहत मिला है करार
महिला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट:
ग्रेड ए (INR 50 लाख): हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, पूनम यादव, दीप्ति शर्मा, राजेश्वरी गायकवाड़।
ग्रेड बी (INR 30 लाख): मिताली राज, झूलन गोस्वामी, तान्या भाटिया, शैफाली वर्मा, पूजा वस्त्राकर।
ग्रेड सी (INR 10 लाख): पूनम राउत, शिखा पांडे, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष, हरलीन देओल, अरुंधति रेड्डी, स्नेह राणा।












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